Virandeep Singh to Virat Kohli: Most Player of the Match awards in T20Is – जानें कौन है सबसे आगे
टी20 क्रिकेट में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का असली महत्व
क्रिकेट के सबसे छोटे और रोमांचक प्रारूप यानी टी20 (T20I) में हर एक गेंद और रन का महत्व बहुत अधिक होता है। यहाँ एक ओवर में पूरा मैच बदल जाता है। ऐसे में किसी भी खिलाड़ी के लिए लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करना बेहद मुश्किल होता है। आमतौर पर खिलाड़ी शतक बनाने या पांच विकेट लेने का सपना देखते हैं, लेकिन एक और बड़ी उपलब्धि है जो किसी खिलाड़ी के अपनी टीम के लिए वास्तविक मूल्य को दर्शाती है—वह है ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ (Player of the Match) का पुरस्कार जीतना।
ये पुरस्कार किसी खिलाड़ी के नाम या उसकी साख पर नहीं, बल्कि मैदान पर उनके द्वारा किए गए सबसे बड़े प्रभाव के लिए दिए जाते हैं। कभी यह एक आतिशी शतक हो सकता है, कभी मैच जिताने वाली गेंदबाजी, तो कभी एक बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन जो पूरे खेल का रुख मोड़ देता है। पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में सबसे ज्यादा बार ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार जीतने वाले खिलाड़ियों की वर्तमान सूची बेहद दिलचस्प है। इसमें पूर्ण सदस्य (Full Members) देशों के साथ-साथ एसोसिएट (Associate) देशों के सितारे भी शामिल हैं। आइए विस्तार से जानते हैं इस सूची के शीर्ष खिलाड़ियों के बारे में।
शीर्ष खिलाड़ी: Virandeep Singh to Virat Kohli: Most Player of the Match awards in T20Is
जब हम Virandeep Singh to Virat Kohli: Most Player of the Match awards in T20Is की बात करते हैं, तो हमारे सामने कुछ ऐसे नाम आते हैं जिनकी हम शायद उम्मीद भी नहीं करते, और कुछ ऐसे नाम जो इस खेल के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। आइए इस अनोखी सूची पर एक नजर डालते हैं:
1. वीरनदीप सिंह (Virandeep Singh) – मलेशिया
वीरनदीप सिंह (साभार: इंस्टाग्राम)
ईमानदारी से कहें तो, बहुत कम क्रिकेट प्रशंसकों ने यह अनुमान लगाया होगा कि मलेशिया के वीरनदीप सिंह इस सूची में सबसे ऊपर बैठे हैं। लेकिन उनका यह रिकॉर्ड वाकई में बेहद सराहनीय और सम्मान के योग्य है। वीरनदीप सिंह ने 122 टी20आई मैचों में अविश्वसनीय रूप से 24 बार ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार जीता है।
यह आंकड़ा साफ तौर पर दर्शाता है कि उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में मलेशियाई टीम के लिए कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वह अपनी टीम के लिए हमेशा संकटमोचक साबित हुए हैं, चाहे वह बल्ले से रन बनाना हो, गेंद से विकेट निकालना हो या फिर कठिन परिस्थितियों में टीम को संभालना हो। एसोसिएट देशों के खिलाड़ियों को अक्सर वह पहचान नहीं मिल पाती जिसके वे हकदार हैं, क्योंकि वे हर साल बड़े स्टेडियमों में या बड़े टूर्नामेंटों में नहीं खेलते। लेकिन इस तरह के रिकॉर्ड्स निश्चित रूप से ध्यान खींचते हैं। वीरनदीप ने केवल निरंतरता ही नहीं दिखाई है, बल्कि वह अपनी टीम के लिए सबसे बड़े मैच-विनर साबित हुए हैं।
2. सिकंदर रज़ा (Sikandar Raza) – जिम्बाब्वे
यदि जिम्बाब्वे ने पिछले दशक में टी20 क्रिकेट में कुछ बेहद यादगार और ऐतिहासिक जीत दर्ज की हैं, तो इस बात की पूरी संभावना है कि उन जीतों के पीछे सिकंदर रज़ा का हाथ रहा होगा। सिकंदर रज़ा के नाम दर्ज 21 ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ पुरस्कार उनके कंधों पर सालों से चल रही बड़ी जिम्मेदारियों को दर्शाते हैं।
रज़ा एक ऐसे ऑलराउंडर हैं जो किसी भी दिन अपनी बल्लेबाजी से टीम को संकट से निकाल सकते हैं, और दूसरे ही दिन अपनी जादुई स्पिन गेंदबाजी से विपक्षी टीम की साझेदारियों को तोड़ सकते हैं। यही बहुमुखी प्रतिभा उन्हें टी20 क्रिकेट का एक बेहद मूल्यवान खिलाड़ी बनाती है। भले ही रज़ा हमेशा विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े नामों की तरह सुर्खियों में न रहते हों, लेकिन किसी भी विरोधी कप्तान से पूछें, तो वह यही कहेगा कि रज़ा एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो महज कुछ ही ओवरों में पूरे मैच का पासा पलट सकते हैं।
3. सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) – भारत
भारतीय क्रिकेट के ‘मिस्टर 360 डिग्री’ यानी सूर्यकुमार यादव का टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उदय अविश्वसनीय रूप से तेज रहा है। उन्होंने कई अन्य आधुनिक क्रिकेट सितारों की तुलना में काफी देर से अपना टी20आई डेब्यू किया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने केवल 113 मैचों में ही 17 बार ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार अपने नाम कर लिया है। यह एक असाधारण सफलता दर है।
उनकी बल्लेबाजी शैली ने वास्तव में टी20 क्रिकेट को देखने का नजरिया ही बदल दिया है। मैदान के पीछे अद्भुत शॉट खेलने की उनकी क्षमता, निडर इरादे और लगभग हर गेंद पर आक्रमण करने की कला ने उन्हें इस प्रारूप के सबसे मनोरंजक और खतरनाक बल्लेबाजों में से एक बना दिया है। यदि वह फिट रहते हैं और इसी लय में खेलना जारी रखते हैं, तो आने वाले समय में उन्हें इस सूची के शीर्ष पर देखकर किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए।
4. विराट कोहली (Virat Kohli) – भारत
भारतीय क्रिकेट के दिग्गज विराट कोहली ने अपने टी20आई करियर का अंत 16 ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ पुरस्कारों के साथ किया। कागजों पर यह उन्हें इस सूची में चौथे स्थान पर रखता है, लेकिन आंकड़े हमेशा पूरी कहानी बयां नहीं करते। कोहली के इन आंकड़ों का वजन और महत्व बहुत अधिक है।
कोहली के अधिकांश मैच जिताने वाले प्रदर्शन दुनिया के सबसे बड़े मंचों पर आए हैं। उन्होंने ये पारियां सबसे मजबूत टीमों के खिलाफ और अत्यधिक दबाव की परिस्थितियों में खेली हैं, विशेष रूप से असंभव दिखने वाले लक्ष्यों का पीछा करते हुए। जब भी भारतीय टीम को सबसे ज्यादा जरूरत होती थी, विराट कोहली संकटमोचक बनकर खड़े हो जाते थे। टी20 विश्व कप 2024 के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उनकी 76 रनों की मैच जिताने वाली पारी को कौन भूल सकता है, जिसके लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया था। उनका योगदान केवल आंकड़ों से कहीं ऊपर है।
5. सामी सोहेल (Sami Sohail) – मलावी
मलावी के ऑलराउंडर सामी सोहेल केवल 70 मैचों में 15 ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ पुरस्कारों के साथ इस शीर्ष पांच की सूची को पूरा करते हैं। सोहेल का यह प्रदर्शन अनुपात के मामले में बेहद शानदार है। एक ऑलराउंडर के रूप में, सोहेल खेल के दोनों विभागों में अमूल्य योगदान देते हैं।
वह मध्यक्रम में तेजी से रन बनाने के लिए जाने जाते हैं और जरूरत पड़ने पर अपनी कसी हुई गेंदबाजी से महत्वपूर्ण विकेट भी चटकाते हैं। मलावी जैसी उभरती हुई टीम के लिए उनका यह प्रदर्शन बेहद प्रेरणादायक है और यह साबित करता है कि क्रिकेट की दुनिया में प्रतिभा किसी खास देश या बोर्ड तक सीमित नहीं है।
निष्कर्ष
यह सूची हमें दिखाती है कि टी20 क्रिकेट का दायरा कितना बड़ा हो चुका है। जहाँ एक तरफ विराट कोहली और सूर्यकुमार यादव जैसे वैश्विक स्तर के दिग्गज हैं, वहीं दूसरी तरफ वीरनदीप सिंह और सामी सोहेल जैसे एसोसिएट देशों के उभरते सितारे भी हैं जिन्होंने अपने देशों के लिए लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है। ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ पुरस्कार इस बात का सच्चा प्रमाण है कि कोई खिलाड़ी अपनी टीम की सफलता में कितना बड़ा योगदान देता है। इन सभी खिलाड़ियों ने बार-बार यह साबित किया है कि वे अपने देश के सबसे बड़े मैच-विनर हैं।
