Rohit Sharma edges past Rahul Dravid in elite ODI list: रोहित शर्मा ने राहुल द्रविड़ को पछाड़ा
चेन्नई वनडे में रोहित शर्मा का धमाका: राहुल द्रविड़ का बड़ा रिकॉर्ड ध्वस्त
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे सीमित ओवरों के प्रारूप में दुनिया के सबसे खतरनाक और भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक क्यों हैं। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए तीसरे वनडे मैच में रोहित शर्मा ने न केवल टीम को एक मजबूत शुरुआत दी, बल्कि अपने नाम एक बेहद खास उपलब्धि भी दर्ज कर ली। इस ऐतिहासिक पारी के साथ ही, Rohit Sharma edges past Rahul Dravid in elite ODI list के तहत उन्होंने भारत के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ को एक बेहद खास सूची में पीछे छोड़ दिया है।
इस रोमांचक मुकाबले में अफगानिस्तान ने भारत के सामने जीत के लिए 219 रनों का लक्ष्य रखा था। इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को एक सधी हुई और आक्रामक शुरुआत की जरूरत थी। कप्तान रोहित शर्मा ने जिम्मेदारी संभालते हुए केवल 47 गेंदों में एक शानदार और आक्रामक अर्धशतक जड़कर टीम की जीत की राह आसान कर दी। उनकी इस पारी ने चेन्नई के दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और टीम को एक मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
वनडे क्रिकेट की विशिष्ट सूची में राहुल द्रविड़ से आगे निकले रोहित
इस मुकाबले के दौरान रोहित शर्मा ने अपने वनडे करियर का एक बहुत बड़ा मील का पत्थर हासिल किया। वह भारत के लिए वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा 50 या उससे अधिक (50-plus) रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। इस मैच से पहले रोहित शर्मा और राहुल द्रविड़ दोनों 94 ऐसे स्कोर्स के साथ बराबरी पर थे। लेकिन अपनी इस 79 रनों की बेहतरीन पारी के साथ रोहित शर्मा ने अपने करियर का 95वां 50-plus स्कोर बनाया और राहुल द्रविड़ को पीछे छोड़ दिया।
अब इस बेहद खास और कुलीन सूची में रोहित शर्मा से आगे केवल दो ही भारतीय दिग्गज खिलाड़ी बचे हैं। इनमें पहले स्थान पर महान सचिन तेंदुलकर हैं, जिन्होंने अपने वनडे करियर में कुल 145 बार 50 या उससे अधिक का स्कोर बनाया है। वहीं, दूसरे स्थान पर आधुनिक युग के महानतम बल्लेबाज विराट कोहली हैं, जो 131 ऐसे स्कोर्स के साथ मौजूद हैं। रोहित शर्मा की यह उपलब्धि दर्शाता है कि उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में भारतीय क्रिकेट में कितना बड़ा योगदान दिया है। वह भले ही मैदान पर हमेशा शांत दिखते हों, लेकिन उनके आंकड़े उनकी महानता की गवाही देते हैं।
सलामी बल्लेबाज के रूप में वीरेंद्र सहवाग को छोड़ा पीछे
रोहित शर्मा की यह पारी केवल राहुल द्रविड़ के रिकॉर्ड को पार करने तक ही सीमित नहीं थी। उन्होंने इस मैच में एक और ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किया। रोहित शर्मा अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सभी प्रारूपों (टेस्ट, वनडे और टी20) को मिलाकर भारत के सबसे सफल सलामी बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने भारत के पूर्व आक्रामक ओपनर वीरेंद्र सहवाग के रिकॉर्ड को पार कर लिया है।
बतौर सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा के नाम अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 16,137 रन दर्ज हो चुके हैं, जो कि किसी भी भारतीय ओपनर द्वारा बनाए गए सबसे अधिक रन हैं। सहवाग जैसे महान खिलाड़ी को इस सूची में पीछे छोड़ना यह साबित करता है कि जब भी रोहित शर्मा पारी की शुरुआत करने आते हैं, तो वे विपक्षी टीम के लिए सबसे बड़ा खतरा होते हैं। उनकी तकनीक, समय और बड़े शॉट खेलने की क्षमता उन्हें अन्य बल्लेबाजों से बिल्कुल अलग बनाती है।
यशस्वी जायसवाल के साथ यादगार 170 रनों की साझेदारी
इस मुकाबले में रोहित शर्मा को युवा सनसनी यशस्वी जायसवाल का भरपूर साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर अफगानिस्तान के गेंदबाजों, विशेषकर उनके स्पिनरों को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया। रोहित और जायसवाल के बीच पहले विकेट के लिए 170 रनों की शानदार और मैच जिताऊ साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने अफगानिस्तान की मैच में वापसी की सभी उम्मीदों को समाप्त कर दिया।
हालांकि रोहित शर्मा अपने शतक से चूक गए और 79 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन तब तक वे भारतीय टीम को जीत की दहलीज पर पहुंचा चुके थे। उनकी इस पारी में संयम, आक्रामकता और मैच को नियंत्रित करने का गजब का मिश्रण देखने को मिला। दबाव की परिस्थितियों में भी रोहित ने कभी अपना आपा नहीं खोया और स्पिनरों के खिलाफ कदमों का बेहतरीन इस्तेमाल किया।
युवाओं की चुनौती और रोहित का करारा जवाब
पिछले कुछ समय से भारतीय टीम में युवाओं के आने के बाद रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। ईशान किशन के बेहतरीन फॉर्म और यशस्वी जायसवाल जैसे युवा खिलाड़ियों को भविष्य के ओपनर के रूप में तैयार किए जाने के बाद, कुछ आलोचकों ने रोहित शर्मा की जगह पर भी सवाल उठाना शुरू कर दिया था। कई लोगों का मानना था कि क्या रोहित का युग अब समाप्त होने की ओर है?
लेकिन हमेशा की तरह, रोहित शर्मा ने अपने बल्ले से इन सभी सवालों का जवाब दिया। उन्होंने अपनी पारी की शुरुआत जरूर थोड़ी धीमी की थी, लेकिन एक बार क्रीज पर सेट होने के बाद उन्होंने मैदान के चारों ओर शानदार शॉट्स लगाए। उनका यह प्रदर्शन यह दर्शाता है कि भले ही टीम में युवाओं का आगमन हो रहा हो, लेकिन रोहित शर्मा का अनुभव और उनकी मैच जिताने की क्षमता आज भी भारतीय टीम के लिए अमूल्य है। वे दबाव में शांत रहते हैं और जब टीम को सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब वे हमेशा खड़े रहते हैं। वह आज भी भारतीय बल्लेबाजी क्रम की सबसे मजबूत रीढ़ हैं।
