Wyatt-Hodge century drives England to statement victory in tournament opener: इंग्लैंड की ऐतिहासिक जीत
इंग्लैंड ने श्रीलंका को हराकर किया टूर्नामेंट का विजयी आगाज
महिला टी20 विश्व कप का पहला मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जहां इंग्लैंड ने खेल के हर विभाग में अपना दबदबा दिखाते हुए श्रीलंका को 87 रनों के बड़े अंतर से हरा दिया। इंग्लैंड ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में केवल 1 विकेट खोकर 219 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में श्रीलंकाई टीम कभी भी इस बड़े लक्ष्य के करीब पहुंचती हुई नहीं दिखी और पूरी टीम 132 रनों पर ढेर हो गई।
व्याट-हॉज और एमी जोन्स की ऐतिहासिक साझेदारी
श्रीलंका की कप्तान चमारी अथापथु ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, लेकिन इंग्लैंड की सलामी जोड़ी ने उनके इस फैसले को पूरी तरह गलत साबित कर दिया। डैनी व्याट-हॉज और वापसी कर रही एमी जोन्स ने मिलकर श्रीलंका के गेंदबाजों के खिलाफ चौतरफा हमला बोला। दोनों ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 82 गेंदों में 135 रनों की आक्रामक साझेदारी की।
यह जोड़ी 2020 के विश्व कप के बाद पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक साथ ओपनिंग कर रही थी। नैट साइवर-ब्रंट की चोट के बाद टीम में वापसी और सोफिया डंकली के खराब फॉर्म के कारण टीम मैनेजमेंट ने इस जोड़ी पर भरोसा जताया था, और इन दोनों ने उस भरोसे को पूरी तरह सही साबित किया। जोन्स ने अपनी शानदार पारी में 34 गेंदों का सामना करते हुए 53 रन बनाए, जिसमें कई बेहतरीन शॉट शामिल थे। आखिरकार उन्हें श्रीलंका की गेंदबाज मदारा ने पवेलियन भेजा।
डैनी व्याट-हॉज का शानदार और भावुक शतक
35 वर्ष की उम्र में अपना आठवां टी20 विश्व कप खेल रही डैनी व्याट-हॉज ने एजबेस्टन में अपनी बल्लेबाजी से समां बांध दिया। मातृत्व अवकाश (maternity leave) के बाद टीम में वापसी करते हुए उन्होंने दिखा दिया कि उनका स्तर आज भी सबसे अलग है। उन्होंने मैदान के चारों तरफ रनों की बौछार करते हुए मात्र 62 गेंदों में नाबाद 105 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली।
अपनी इस पारी में उन्होंने 8 चौके और एक शानदार छक्का लगाया। जैसे ही उन्होंने 33 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, उन्होंने मैदान पर बेहद खास ‘बेबेटो-स्टाइल रॉक-ए-बेबी’ (Bebeto-style rock-a-baby) अंदाज में जश्न मनाया। व्याट-हॉज का यह शतक उनके करियर का तीसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक था। पारी के आखिरी ओवर में सूझबूझ दिखाते हुए उन्होंने स्वीप शॉट खेलकर अपना शतक पूरा किया और टीम को 219 रनों के विशाल स्कोर तक पहुंचाया।
नैट साइवर-ब्रंट का तूफानी कैमियो
एमी जोन्स के आउट होने के बाद कप्तान नैट साइवर-ब्रंट मैदान पर उतरीं। पिंडली की चोट (calf injury) के कारण वह इस मैच में केवल एक विशुद्ध बल्लेबाज के रूप में खेल रही थीं, लेकिन उनके खेल में इस चोट का कोई असर नहीं दिखा। उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते हुए केवल 22 गेंदों में नाबाद 46 रनों की तेजतर्रार पारी खेली। उनकी पारी में 6 शानदार चौके शामिल थे, जिसकी मदद से इंग्लैंड ने आखिरी ओवरों में तेजी से रन बटोरे और श्रीलंका को मैच से पूरी तरह बाहर कर दिया।
गेंदबाजी में चमकीं फ्रेया केम्प; श्रीलंका का सरेंडर
220 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करना श्रीलंका के लिए कभी भी आसान नहीं था। श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही। सलामी बल्लेबाज विश्मी गुनारत्ने को लॉरेन बेल ने एलबीडब्ल्यू (LBW) आउट कर इंग्लैंड को पहली सफलता दिलाई। श्रीलंका की सबसे बड़ी उम्मीद चमारी अथापथु थीं, लेकिन डैनी व्याट-हॉज ने डीप स्क्वायर लेग पर एक अद्भुत दौड़ता हुआ कैच पकड़कर श्रीलंका की उम्मीदों को करारा झटका दिया।
इसके बाद श्रीलंका की पारी पूरी तरह से लड़खड़ा गई। चोट से वापसी कर रही बाएं हाथ की तेज गेंदबाज फ्रेया केम्प ने धारदार गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए मात्र 21 रन देकर 4 विकेट झटके। उनकी कटर गेंदों का श्रीलंकाई बल्लेबाजों के पास कोई जवाब नहीं था। हर्षिता समरविक्रमा ने श्रीलंका के लिए सर्वाधिक 29 रन बनाए, लेकिन वह भी केम्प की गेंद पर आउट हो गईं।
मैच के आखिरी ओवर में अनुभवी स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन ने लगातार दो विकेट चटकाकर श्रीलंका की पारी को 132 रनों पर समाप्त कर दिया। इस बड़ी जीत के साथ इंग्लैंड ने न केवल दो महत्वपूर्ण अंक हासिल किए हैं, बल्कि टूर्नामेंट की अन्य टीमों को भी चेतावनी दे दी है।
