Kohli has ‘let himself go and he’s having fun,’ says Moody
विराट कोहली का नया अवतार: IPL 2026 में आक्रामकता की नई परिभाषा
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में विराट कोहली का प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है। 165.85 की स्ट्राइक रेट के साथ बल्लेबाजी करते हुए कोहली ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि समय के साथ खेल में ढलना ही उनकी महानता का राज है। टॉम मूडी जैसे दिग्गजों का मानना है कि इस सीजन में Kohli has ‘let himself go and he’s having fun,’ says Moody, जो उनकी बल्लेबाजी में साफ झलकता है।
मूडी की नज़र में कोहली का बदला हुआ मिजाज
लखनऊ सुपर जायंट्स के ग्लोबल डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट, टॉम मूडी का मानना है कि पिछले सालों में कोहली अपनी बल्लेबाजी को एक ‘बिजनेस’ की तरह संभालते थे, लेकिन इस बार वह पूरी तरह से मुक्त होकर खेल रहे हैं। मूडी ने कहा, “वह अब हर गेंद का आनंद ले रहे हैं। उनकी क्लास और प्रतिभा अब और भी निखर कर सामने आ रही है क्योंकि वह दबाव मुक्त होकर शॉट खेल रहे हैं।”
मध्यक्रम का मजबूत होना: क्या यही असली बदलाव है?
हालांकि, पूर्व क्रिकेटर वरुण आरोन का दृष्टिकोण थोड़ा अलग है। उनका मानना है कि कोहली की आजादी के पीछे RCB का मजबूत मध्यक्रम है। आरोन के अनुसार, “कोहली के पास अब एक ऐसा मध्यक्रम है जिस पर वह भरोसा कर सकते हैं। रजत पाटीदार, देवदत्त पडिक्कल, टिम डेविड और क्रुणाल पांड्या जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी ने कोहली को वह आत्मविश्वास दिया है कि अगर वह आउट भी हो जाते हैं, तो टीम के पास स्कोर को आगे ले जाने के लिए अन्य बल्लेबाज मौजूद हैं।”
आक्रामक रणनीति और नई सोच
IPL 2026 में कोहली के आंकड़े गवाही देते हैं कि उन्होंने अपनी बल्लेबाजी के तरीके में बदलाव किया है। पावरप्ले के दौरान लगभग हर दूसरी गेंद पर बाउंड्री लगाने का उनका प्रयास उनकी नई आक्रामक रणनीति का हिस्सा है। अंबाती रायडू का मानना है कि कोहली ने टी20 बल्लेबाजी का एक नया इंस्टिंक्ट विकसित किया है। वह अब बहुत दूर की योजना बनाने के बजाय अगली गेंद पर अधिकतम रन बटोरने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
आलोचकों को दिया जवाब
एक समय था जब कोहली की स्ट्राइक रेट और स्पिन के खिलाफ उनकी क्षमता पर सवाल उठाए जाते थे। लेकिन इस सीजन में उन्होंने अपने खेल को पूरी तरह विकसित किया है। मूडी कहते हैं, “उन्होंने आलोचकों को गलत साबित किया है। वह खेल के साथ बड़े हुए हैं और अब वह बिना किसी तनाव के मैदान पर उतरते हैं। उनके लिए यह केवल खेल का आनंद लेना है।”
निष्कर्ष
विराट कोहली का यह नया रूप केवल RCB के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी क्रिकेट बिरादरी के लिए सुखद है। एक ऐसे खिलाड़ी का, जिसने हमेशा अपनी तकनीक पर भरोसा किया है, खेल के सबसे आक्रामक प्रारूप में खुद को ढालना यह दर्शाता है कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। कोहली का आनंद लेना और उनकी बल्लेबाजी में दिखाई देने वाली यह निडरता निश्चित रूप से आने वाले मैचों में और भी रोमांच पैदा करेगी। RCB की दूसरी खिताबी जीत में उनकी यह अहम भूमिका रही है और प्रशंसकों के लिए कोहली को इस अंदाज में बल्लेबाजी करते देखना किसी दावत से कम नहीं है।
