Bangladesh Cricket

Three lowest totals for Afghanistan in Test cricket ft. India’s Dominance

Victor Jain · · 1 min read

टेस्ट क्रिकेट की कठिन राह और अफगानिस्तान

अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी निडर शैली और शानदार प्रदर्शन से दुनिया भर में सम्मान अर्जित किया है। उन्होंने कई बड़ी टीमों को चौंकाया है और सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी धाक जमाई है। लेकिन, जब बात टेस्ट क्रिकेट की आती है, तो यह प्रारूप पूरी तरह से अलग और कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है। अफगानिस्तान के लिए टेस्ट क्रिकेट की यात्रा आसान नहीं रही है और उन्हें कई बार कड़े सबक सीखने पड़े हैं।

विशेष रूप से भारतीय टीम के खिलाफ खेलते हुए, अफगानिस्तान का बल्लेबाजी क्रम अक्सर ताश के पत्तों की तरह ढह गया है। वास्तव में, टेस्ट क्रिकेट में अफगानिस्तान के तीन सबसे कम स्कोर भारतीय टीम के खिलाफ ही आए हैं। यह आंकड़े न केवल अनुभव के भारी अंतर को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी दिखाते हैं कि लाल गेंद के क्रिकेट की मांगें कितनी अधिक हैं। इस लेख में, हम उन तीन मौकों का विश्लेषण करेंगे जहाँ भारतीय गेंदबाजों ने अपना वर्चस्व कायम रखा।

3. 112 रन बनाम भारत, मुल्लांपुर, 2026

हाल ही में मुल्लांपुर में खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में अफगानिस्तान की टीम को एक भीषण बल्लेबाजी पतन का सामना करना पड़ा। इस मैच में भारतीय टीम अपने पूरे लय में थी। पहली पारी में भारत ने 564/8 का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसमें शुभमन गिल और केएल राहुल के शानदार शतक शामिल थे।

अफगानिस्तान के बल्लेबाज भारतीय स्पिन आक्रमण का सामना करने में पूरी तरह से विफल रहे। टीम ने नियमित अंतराल पर विकेट खोए और क्रीज पर जमने का संघर्ष साफ दिखाई दिया। सिद्दीकुल्लाह अटल ने 42 रनों की जुझारू पारी खेली, जबकि रहमानुल्लाह गुरबाज ने 24 रनों का योगदान दिया, लेकिन बाकी बल्लेबाजी क्रम ज्यादा देर तक टिक नहीं सका। वाशिंगटन सुंदर ने अपनी गेंदबाजी से कहर बरपाया और चार विकेट चटकाए, जबकि कुलदीप यादव और पदार्पण कर रहे मानव सुथार ने निरंतर दबाव बनाया। अंत में, अफगानिस्तान की टीम दूसरी पारी में केवल 112 रनों पर सिमट गई और भारत ने यह मैच पारी और 300 रनों के बड़े अंतर से जीत लिया।

2. 109 रन बनाम भारत, बेंगलुरु, 2018

बेंगलुरु में 2018 में खेला गया वह टेस्ट मैच अफगानिस्तान के क्रिकेट इतिहास का एक ऐतिहासिक और भावुक क्षण था, क्योंकि यह उनका पहला टेस्ट मैच था। हालाँकि, मैदान पर भारत का दबदबा स्पष्ट था। पहली पारी में पिछड़ने के बाद, अफगानिस्तान को फॉलो-ऑन के लिए मजबूर होना पड़ा।

दूसरी पारी में, भारतीय गेंदबाजों ने अपनी पेस और स्पिन के बेहतरीन मिश्रण से अफगान बल्लेबाजों को पूरी तरह जकड़ लिया। रविचंद्रन अश्विन ने शानदार नियंत्रण के साथ गेंदबाजी की और भारतीय जीत की नींव रखी। रविंद्र जडेजा और इशांत शर्मा ने उनका बखूबी साथ दिया। अफगानिस्तान की टीम इस दबाव को झेल नहीं पाई और अंततः 109 रनों पर ढेर हो गई, जिससे उन्हें पारी की हार का सामना करना पड़ा।

1. 103 रन बनाम भारत, बेंगलुरु, 2018

टेस्ट इतिहास में अफगानिस्तान का सबसे कम स्कोर भी उसी बेंगलुरु टेस्ट की पहली पारी में बना था। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 474 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया था, जिससे अफगान टीम पर भारी दबाव था। शुरुआत से ही अफगान बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजी के सामने बेबस नजर आए।

उस पारी में केवल हशमतुल्लाह शाहिदी कुछ हद तक सहज दिखे और उन्होंने 36 रनों की पारी खेली, अन्यथा अन्य सभी बल्लेबाज भारतीय आक्रमण के सामने संघर्ष करते रहे। रविंद्र जडेजा ने अपनी फिरकी से चार विकेट चटकाए, जबकि उमेश यादव ने अपनी तेज गेंदबाजी का जलवा बिखेरते हुए तीन महत्वपूर्ण विकेट लिए। अफगानिस्तान की पूरी टीम 38.4 ओवर में केवल 103 रनों पर ऑल आउट हो गई, जो आज भी उनके टेस्ट इतिहास का न्यूनतम स्कोर है।

निष्कर्ष

ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि टेस्ट क्रिकेट में अनुभव का कितना अधिक महत्व है। अफगानिस्तान के लिए ये हार एक सीखने की प्रक्रिया है। भारतीय टीम की गेंदबाजी आक्रमण, जिसमें स्पिन और पेस का बेहतरीन संतुलन है, किसी भी टीम के लिए चुनौतीपूर्ण है। अफगानिस्तान को भविष्य में अपने बल्लेबाजी कौशल को और बेहतर बनाना होगा ताकि वे दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ अधिक प्रतिस्पर्धी साबित हो सकें। यह सफर अभी शुरू हुआ है और आने वाले समय में हम अफगान टीम से और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर सकते हैं।

Victor Jain

Victor Jain is one of the most recognisable bilingual voices in Indian cricket, serving as a senior Hindi commentator for JioCinema and a columnist for The Caravan. A history graduate from the University of Delhi, Victor brings an archival depth to his analysis, often unearthing forgotten tales from India’s pre‑IPL cricketing heritage. He splits his time between the commentary box and the editing suite, having produced acclaimed short documentaries on the rise of the Women’s Premier League and the fast‑bowling culture in Delhi's club circuit. His work spans live match calling on billion‑strong digital platforms, long‑form features, and media rights commentary, always delivered with a distinctive blend of old‑school reverence and new‑age candour. Victor often says he learned more about cricket from the radio commentaries of the 1990s than any coaching manual — a philosophy that shapes his immersive, story‑driven style.