Rohit Sharma Gets Credit For Rishabh Pant’s Gabba Heroics
गाबा में भारत की ऐतिहासिक जीत का रहस्य
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2020/21 के दौरान ब्रिस्बेन के गाबा में मिली भारतीय टीम की जीत को भारतीय क्रिकेट इतिहास के सुनहरे पन्नों में गिना जाता है। उस मैच में भारत ने एक असंभव से दिखने वाले लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत हासिल की थी। हाल ही में सामने आए खुलासों से पता चला है कि इस शानदार जीत के पीछे रोहित शर्मा की रणनीतिक सोच का बहुत बड़ा हाथ था। इस लेख में हम इसी विषय पर चर्चा करेंगे कि कैसे रोहित शर्मा गेट्स क्रेडिट फॉर ऋषभ पंतस गाबा हीरोइक्स के लिए चर्चा में हैं।
मैच का रोमांचक मोड़ और रोहित शर्मा की भूमिका
गाबा में खेले गए चौथे टेस्ट के पांचवें दिन भारत को जीत के लिए 300 से अधिक रनों की आवश्यकता थी। शुभमन गिल ने 91 रनों की पारी खेलकर मजबूत नींव रखी, जबकि चेतेश्वर पुजारा ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के प्रहारों को झेलते हुए पिच पर डटे रहने का काम किया। हालांकि, जीत की राह अभी भी बहुत लंबी थी और खराब मौसम के कारण स्थिति और भी कठिन होती जा रही थी। उस समय टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री का मानना था कि भारत को मैच को ड्रॉ कराने की ओर ध्यान देना चाहिए।
रविचंद्रन अश्विन का खुलासा
पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो के अवॉर्ड्स के दौरान उस ऐतिहासिक दिन की यादों को साझा किया। अश्विन ने स्पष्ट किया कि जहां कोच रवि शास्त्री मैच को ड्रॉ करने के पक्ष में थे, वहीं ड्रेसिंग रूम में रोहित शर्मा का मत बिल्कुल अलग था। रोहित चाहते थे कि ऋषभ पंत आक्रामक खेल दिखाएं और मैच को जीतने के लिए खेलें।
अश्विन ने कहा, ‘मौसम की स्थिति और रवि भाई की राय के बीच सब कुछ चल रहा था। खेल के अंतिम भाग में, रोहित चाहते थे कि ऋषभ जीत के लिए जाएं। रवि भाई ड्रा के लिए खेलना चाहते थे, और अगले दो घंटों तक यही चर्चा जारी रही। यह एक महान टेस्ट मैच था।’
ऋषभ पंत की शानदार बल्लेबाजी
अंततः, ऋषभ पंत ने रोहित शर्मा की सलाह पर अमल किया और निडर होकर बल्लेबाजी की। पंत 89 रनों पर नाबाद रहे और भारत को तीन विकेट से यादगार जीत दिलाई। इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया का गाबा में 32 साल से चला आ रहा अजेय रहने का सिलसिला भी टूट गया। यह उपलब्धि इसलिए भी बड़ी थी क्योंकि उस समय भारतीय टीम कई चोटों और प्रमुख खिलाड़ियों की अनुपस्थिति से जूझ रही थी।
रोहित शर्मा का नेतृत्व और योगदान
हालांकि उस पूरी श्रृंखला में रोहित शर्मा का बल्ला उम्मीद के मुताबिक नहीं चला था, लेकिन ड्रेसिंग रूम में उनकी भूमिका एक मार्गदर्शक की रही। विराट कोहली के व्यक्तिगत कारणों से स्वदेश लौटने के बाद, रोहित शर्मा ने टीम के युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाया। उन्होंने महत्वपूर्ण सामरिक इनपुट दिए, जो गाबा में भारत की ऐतिहासिक जीत के लिए निर्णायक साबित हुए।
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2020-21 का महत्व
यह जीत केवल एक मैच तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसने भारत को 2-1 से श्रृंखला जिताई। टीम के कई अनुभवी खिलाड़ी चोटिल थे और युवा खिलाड़ियों ने उस जिम्मेदारी को बखूबी संभाला। अजिंक्य रहाणे के नेतृत्व में, भारत ने प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करते हुए एक ऐसी जीत दर्ज की जो युगों तक याद रखी जाएगी।
- सीरीज का परिणाम: भारत ने 2-1 से ट्रॉफी जीती।
- प्रमुख खिलाड़ी: ऋषभ पंत, शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा।
- रोहित शर्मा का प्रभाव: ड्रेसिंग रूम में रणनीतिक नेतृत्व और युवा खिलाड़ियों का समर्थन।
अंत में, यह कहना गलत नहीं होगा कि गाबा की जीत केवल मैदान पर खेले गए शॉट्स का परिणाम नहीं थी, बल्कि यह ड्रेसिंग रूम में लिए गए साहसी फैसलों का नतीजा थी। रोहित शर्मा की दूरदर्शी सोच ने उस दिन ऋषभ पंत को निडर होने का हौसला दिया, जिसके परिणामस्वरूप भारत ने विश्व क्रिकेट में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।
