Patidar: Mindset is the same as last year’s final के साथ RCB तैयार
आईपीएल 2026 फाइनल की दहलीज पर आरसीबी
रजत पाटीदार के लिए रविवार का आईपीएल 2026 फाइनल कोई विरासत बनाने वाला पल नहीं है, बल्कि यह एक अवसर है जिसे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने अपनी कड़ी मेहनत से हासिल किया है। पाटीदार का ध्यान टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में चयन या भारत की कप्तानी जैसे बाहरी शोर पर बिल्कुल नहीं है। वे केवल उस पल का आनंद लेना चाहते हैं जिसके लिए उनकी टीम ने पिछले कई महीनों से तैयारी की है।
कप्तानी और व्यक्तिगत दर्शन
अहमदाबाद में आरसीबी के ट्रेनिंग सेशन के दौरान पाटीदार ने कहा, ‘मैंने कभी यह नहीं सोचा कि मुझसे पहले के कप्तानों ने क्या किया है या मुझे किसी के साथ प्रतिस्पर्धा करनी है। एक व्यक्ति के रूप में, मेरी यात्रा में उतार-चढ़ाव आए हैं, लेकिन मैंने कभी कप्तानी या अपनी विरासत पर ध्यान केंद्रित नहीं किया। मैं जहाँ भी हूँ, मैं उस पल में अपना सर्वश्रेष्ठ देने पर ध्यान देता हूँ।’ पाटीदार ने स्पष्ट किया कि कप्तानी मिलने के बाद उन्होंने खुद को बदलने की कोशिश नहीं की। उन्हें टीम प्रबंधन और वरिष्ठ खिलाड़ियों से जो समर्थन मिला है, उसने उनके काम को आसान बना दिया है। उनका मानना है कि एक कप्तान के रूप में भी ‘स्वयं बने रहना’ सबसे महत्वपूर्ण है।
Patidar: Mindset is the same as last year’s final
जब उनसे पूछा गया कि क्या 2025 में खिताब जीतने के बाद इस साल का दबाव अलग है, तो उन्होंने बहुत ही सहजता से उत्तर दिया। उन्होंने कहा, ‘ईमानदारी से कहूँ तो, मुझे नहीं लगता कि हमने बहुत कुछ बदला है। Patidar: Mindset is the same as last year’s final। हम खुद को डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में नहीं देख रहे हैं। यह एक नया सीजन है और एक नया अवसर है। हमारा नजरिया यह है कि हम यहाँ एक और खिताब जीतने आए हैं।’ पाटीदार का यह सीधा रुख दर्शाता है कि आरसीबी किसी भी प्रकार के अतिरिक्त दबाव में नहीं है।
युवा खिलाड़ियों का समर्थन और आत्मविश्वास
पाटीदार ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे वे युवा खिलाड़ियों को स्वतंत्र रूप से सोचने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। अपने शुरुआती दिनों (2021) को याद करते हुए, उन्होंने कहा कि उस समय वरिष्ठ खिलाड़ियों के सामने घबराहट होना स्वाभाविक था, लेकिन उन्होंने सीखा कि वे भी टीम का हिस्सा बनने के हकदार हैं। उन्होंने विशेष रूप से राशिद डार की तारीफ की, जिन्होंने यश दयाल की अनुपस्थिति में शानदार प्रदर्शन किया है। डार ने इस सीजन में 16 विकेट लिए हैं और टीम की गेंदबाजी इकाई को मजबूती प्रदान की है। पाटीदार के अनुसार, ‘आप केवल एक या दो गेंदबाजों के भरोसे टूर्नामेंट नहीं जीत सकते, यह एक सामूहिक टीम प्रयास है।’
जिम्मेदारी और जीत की भूख
पिछले छह सीजनों में पांच बार प्लेऑफ में पहुंचना आरसीबी के पुनरुत्थान को दर्शाता है। पाटीदार का मानना है कि इस बदलाव के पीछे ‘जिम्मेदारी’ और ‘माइंडसेट’ दो सबसे बड़े कारक हैं। प्रत्येक खिलाड़ी अब अपनी भूमिका को समझता है और टीम के लिए योगदान देने के लिए उत्सुक रहता है। उन्होंने निष्कर्ष निकालते हुए कहा, ‘हमारा दृष्टिकोण बदल गया है। अब हम सिर्फ प्लेऑफ में क्वालीफाई करने के लिए नहीं खेलते, बल्कि फाइनल खेलने और उन्हें जीतने के लिए मैदान पर उतरते हैं।’
रजत पाटीदार के नेतृत्व में, आरसीबी एक शांत लेकिन दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। चाहे भविष्य में भारतीय टीम की कप्तानी की चर्चा हो या न हो, फिलहाल के लिए उनका पूरा ध्यान केवल आईपीएल 2026 की ट्रॉफी पर है। प्रशंसकों को एक रोमांचक फाइनल की उम्मीद है, जहां आरसीबी अपनी उसी पुरानी आक्रामकता और नई जिम्मेदारी के साथ उतरने को तैयार है।
