मोहम्मद शमी को टीम से बाहर करने पर भड़के वसीम जाफर, अजीत अगरकर के फैसले को बताया ‘बकवास’
मोहम्मद शमी के चयन न होने पर क्यों भड़के वसीम जाफर?
भारतीय क्रिकेट में चयन निर्णयों पर अक्सर विवाद होते रहते हैं, लेकिन इस बार पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने चयनकर्ताओं के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। अगले महीने अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच और तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा की गई है। इस टीम में स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का नाम शामिल न होने पर वसीम जाफर ने मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति को आड़े हाथों लिया है। जाफर ने इस फैसले को पूरी तरह से ‘बकवास’ करार दिया है और चयनकर्ताओं पर सीनियर खिलाड़ियों के प्रति अनादर दिखाने का आरोप लगाया है।
अजीत अगरकर का बयान और फिटनेस का हवाला
सर्किल में इस बात की काफी चर्चा थी कि क्या मोहम्मद शमी की टीम में वापसी होगी। हालांकि, जब मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर से शमी को बाहर रखने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि शमी फिलहाल केवल टी20 प्रारूप के लिए ही तैयार हैं। अगरकर ने संवाददाताओं से कहा, ‘हाँ, मेरा मतलब है कि नहीं, क्योंकि जहाँ तक हमें बताया गया है, इस समय उनका शरीर उन्हें केवल… मैं जानता हूँ कि उन्होंने इस साल घरेलू सत्र और बाकी सब खेला है, लेकिन मुझे जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार इस समय वह केवल टी20 क्रिकेट के लिए ही फिट महसूस कर रहे हैं। इसलिए उनके नाम पर कोई चर्चा नहीं हुई।’
वसीम जाफर का करारा पलटवार: ‘यह सिर्फ एक बहाना है’
अजीत अगरकर के इस स्पष्टीकरण से वसीम जाफर बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर चयनकर्ताओं के इस रवैये की कड़ी आलोचना की। जाफर ने कहा, ‘यह पूरी तरह से बकवास (rubbish) है। एक खिलाड़ी जिसने पूरे घरेलू सीजन में शानदार प्रदर्शन किया है, 40 से अधिक विकेट लिए हैं – वह और क्या कर सकता है? हम यहाँ मोहम्मद शमी की बात कर रहे हैं, किसी साधारण खिलाड़ी की नहीं। वह एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने हमें अनगिनत मैच जिताए हैं और साल 2023 के विश्व कप फाइनल तक पहुँचाने में मुख्य भूमिका निभाई थी। मोहम्मद शमी के साथ ऐसा व्यवहार करना बेहद अपमानजनक है। आप उनसे घरेलू क्रिकेट खेलने और अपनी फिटनेस साबित करने के लिए कहते हैं, और जब वह ऐसा कर देते हैं, तो आप नया बहाना बना लेते हैं।’
जाफर ने आगे कहा, ‘आप देखिए, यह खिलाड़ी घरेलू स्तर पर शानदार प्रदर्शन करके वापस आ रहा है, और आप कह रहे हैं कि वह केवल टी20 के लिए फिट है। यह उन्हें टीम में न चुनने का सिर्फ एक बहाना है। अगर आप उन्हें टीम में नहीं रखना चाहते, तो साफ-साफ कहिए कि ‘हमने उन्हें नजरअंदाज कर दिया है।’ यह एक ईमानदार बयान होता। वह बंगाल को अपने दम पर रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में पहुँचाकर आ रहे हैं, जहाँ उन्होंने गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई की थी।’
जसप्रीत बुमराह के साथ तुलना और दोहरे मापदंड का आरोप
पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने चयन समिति पर पक्षपात और दोहरे मापदंड अपनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने तर्क दिया कि टीम के अन्य प्रमुख खिलाड़ियों के साथ ऐसा व्यवहार कभी नहीं किया जाता। जाफर ने सवाल उठाते हुए कहा, ‘उदाहरण के लिए, अगर जसप्रीत बुमराह चोटिल हो जाते हैं और फिर वापसी करते हैं, तो क्या आप उनके साथ भी ऐसा ही व्यवहार करेंगे? बिल्कुल नहीं। मोहम्मद शमी भी उसी श्रेणी के गेंदबाज हैं। आप दुनिया के किसी भी अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज से पूछ लीजिए, वे शमी को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में गिनेंगे। भारत के लिए उनके द्वारा दी गई सेवाओं के बाद उनके साथ ऐसा व्यवहार करना बेहद निराशाजनक है।’
टीम चयन में अन्य चौंकाने वाले फैसले
अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने केवल शमी को ही बाहर नहीं रखा, बल्कि इस टीम चयन में कई अन्य बड़े और चौंकाने वाले फैसले भी लिए गए हैं।
- रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या की वापसी: इन दोनों दिग्गज खिलाड़ियों को वनडे टीम में जगह दी गई है, लेकिन यह केवल उनकी फिटनेस रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।
- रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल को झटका: स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को टेस्ट मैच से आराम दिया गया है, जबकि वनडे टीम से उन्हें और अक्षर पटेल दोनों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
- जसप्रीत बुमराह को आराम: प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को इस पूरी सीरीज के लिए आराम दिया गया है ताकि उनके वर्कलोड को मैनेज किया जा सके।
- नए चेहरों को मौका: लखनऊ सुपर जाइंट्स के तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को वनडे टीम में पहली बार शामिल किया गया है। इसके अलावा तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ और बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे को दोनों प्रारूपों (टेस्ट और वनडे) के लिए चुना गया है। वहीं, बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार को टेस्ट टीम में मौका मिला है। हालांकि, जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को चयनकर्ताओं ने नजरअंदाज कर दिया।
- ऋषभ पंत बाहर, केएल राहुल उपकप्तान: ऋषभ पंत को वनडे टीम से पूरी तरह से बाहर कर दिया गया है, जबकि केएल राहुल को टेस्ट टीम का उपकप्तान बनाया गया है। दोनों प्रारूपों में कप्तानी की जिम्मेदारी शुभमन गिल को सौंपी गई है।
शमी के आंकड़े और चयन का अंतर्विरोध
मोहम्मद शमी के हालिया प्रदर्शन पर नजर डालें तो उन्होंने भारत के लिए अपना आखिरी वनडे मार्च 2025 में और आखिरी टेस्ट मैच जून 2023 में खेला था। आईपीएल 2026 में उनका प्रदर्शन सामान्य रहा था, जहां उन्होंने लखनऊ सुपर जाइंट्स के लिए खेलते हुए 12 मैचों में 10 विकेट चटकाए थे, जिसमें उनका गेंदबाजी औसत 41 और इकोनॉमी रेट 8.80 का था। लेकिन लाल गेंद के क्रिकेट में, उन्होंने घरेलू सर्किट (रणजी ट्रॉफी) में शानदार वापसी की और बंगाल के लिए खेलते हुए 40 से अधिक विकेट झटके, जिसने वसीम जाफर जैसे विशेषज्ञों को यह कहने पर मजबूर कर दिया कि शमी लंबे प्रारूप के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
निष्कर्ष
वसीम जाफर के इस बयान ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और चयनकर्ताओं के रवैये पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। क्या घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने के बाद भी वरिष्ठ खिलाड़ियों को फिटनेस के नाम पर केवल टी20 तक सीमित कर देना सही है? यह सवाल आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट के गलियारों में गूंजता रहेगा। अब देखना यह होगा कि अफगानिस्तान के खिलाफ इस सीरीज में भारतीय टीम का प्रदर्शन कैसा रहता है और क्या भविष्य में मोहम्मद शमी को उनकी मनपसंद लाल और सफेद गेंद के लंबे प्रारूपों में वापसी का मौका मिलता है या नहीं।
