IPL 2026: क्या गुजरात टाइटंस की बल्लेबाजी की ‘सीलिंग’ उनका रास्ता रोक रही है?
गुजरात टाइटंस के सामने खड़ी है बल्लेबाजी की चुनौती
आईपीएल 2026 का रोमांच अपने चरम पर है और ईडन गार्डन्स में खेले गए हालिया मुकाबले ने गुजरात टाइटंस (GT) की बल्लेबाजी को लेकर गंभीर चर्चाएं शुरू कर दी हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) द्वारा रखे गए 248 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए, जीटी ने 219 रन बनाए। हालांकि यह एक सम्मानजनक स्कोर था, लेकिन जीत के लिए यह काफी नहीं था। शुभमन गिल (85), बी साई सुदर्शन (53*) और जोस बटलर (57) ने अर्धशतक जरूर जड़े, लेकिन टीम क्वालिफिकेशन की दहलीज पर आकर अटक गई है।
क्या 220 रन ही जीटी की ‘अपर सीलिंग’ है?
पूर्व क्रिकेटर अंबाती रायडू का मानना है कि 220 के आसपास का स्कोर गुजरात टाइटंस की बल्लेबाजी की अधिकतम क्षमता यानी ‘अपर सीलिंग’ है। रायडू ने कहा, ‘उन्होंने परिस्थितियों के हिसाब से अच्छा बल्लेबाजी की, विशेषकर शुभमन गिल ने। हालांकि, बटलर अपनी लय में नहीं दिखे। उन्हें लगता है कि जीटी ने अपना सब कुछ झोंक दिया है, लेकिन शायद यही उनकी बल्लेबाजी की ऊपरी सीमा है।’
दूसरी ओर, संजय बांगर ने इस बात पर चिंता जताई कि टीम के पास टॉप-3 बल्लेबाजों के बाद आत्मविश्वास जगाने वाले फिनिशर्स की कमी है। इस मैच में निशांत सिंधु और राहुल तेवतिया जैसे खिलाड़ियों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। बांगर ने चेतावनी दी कि यदि टीम को 225 से अधिक का लक्ष्य हासिल करना है, तो उन्हें मध्यक्रम में और अधिक गहराई की आवश्यकता होगी।
पार्थिव पटेल का बचाव और टीम का रुख
गुजरात टाइटंस के बल्लेबाजी कोच पार्थिव पटेल ने हार के बावजूद टीम के प्रदर्शन पर भरोसा जताया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात करते हुए पार्थिव ने कहा, ‘पिछले छह मैचों में हमने पांच जीते हैं। हमें अपनी बल्लेबाजी क्षमता पर पूरा भरोसा है। साई सुदर्शन का चोटिल होना एक बड़ा झटका था, लेकिन उन्होंने वापसी के बाद भी शानदार बल्लेबाजी की।’ उन्होंने वाशिंगटन सुंदर के योगदान का भी जिक्र किया और कहा कि टीम किसी एक मैच के आधार पर अपनी रणनीति नहीं बदलेगी।
अनूज रावत की एंट्री पर विचार?
संजय बांगर ने एक दिलचस्प सुझाव देते हुए अनूज रावत का नाम लिया है। बांगर का मानना है कि अनूज रावत, जो फिलहाल जीटी की बेंच पर हैं, टीम के लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। ‘वे स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों के खिलाफ रन बना सकते हैं। यदि जीटी को चैंपियन बनना है, तो उन्हें इस मानसिकता से बाहर निकलना होगा कि सब कुछ ठीक है,’ बांगर ने कहा।
क्वालिफिकेशन का सीधा गणित
गुजरात टाइटंस के लिए अब आगे का रास्ता बिल्कुल स्पष्ट है। पार्थिव पटेल ने जोर देकर कहा कि टीम को अन्य परिणामों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। सीएसके के खिलाफ होने वाला अगला मुकाबला उनके लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति है। ‘यह एक सरल गणित है। हमें अन्य मैचों के परिणामों की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। यदि हम अपना अगला मैच जीतते हैं, तो हम प्लेऑफ में जगह बना लेंगे,’ पार्थिव ने स्पष्ट किया।
टीम का ध्यान अब अपनी गलतियों को सुधारने पर है। ईडन गार्डन्स में चार कैच छोड़ना महंगा साबित हुआ। आने वाले मैचों में जीटी अपनी ताकत पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है और अनपेक्षित गलतियों को कम करना चाहती है। आईपीएल के इस चुनौतीपूर्ण सफर में, क्या गुजरात टाइटंस अपनी बल्लेबाजी की सीमाओं को तोड़कर प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर पाएगी? यह देखना दिलचस्प होगा।
