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Gill: Physically RCB might have advantage, but finals are all about mental stren

Victor Jain · · 1 min read

अहमदाबाद में खिताबी जंग: मानसिक मजबूती ही बनेगी जीत की कुंजी

आईपीएल के इस रोमांचक सीजन के अंतिम पड़ाव पर गुजरात टाइटन्स (GT) के कप्तान शुभमन गिल एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहे हैं। रविवार को अहमदाबाद में होने वाले फाइनल मुकाबले से पहले उनकी टीम को महज छह दिनों में तीन अलग-अलग स्थानों पर मैच खेलने पड़े हैं। हालांकि, गिल इस थकान से परेशान नहीं हैं। उनका मानना है कि भले ही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को आराम का अतिरिक्त समय मिला हो और वे शारीरिक रूप से बेहतर स्थिति में दिख रहे हों, लेकिन Gill: Physically RCB might have advantage, but finals are all about mental stren वाली उनकी सोच ही टीम को जीत दिला सकती है।

अहमदाबाद की परिस्थितियों का लाभ

शुभमन गिल के मुताबिक, अहमदाबाद के मैदान पर खेलना उनकी टीम के लिए एक सकारात्मक पहलू है। टीम यहां की पिच और माहौल से भली-भांति परिचित है। गिल ने कहा, ‘अहमदाबाद में खेलने का अपना फायदा है। हमें पता है कि विकेट कैसा व्यवहार करेगा और जीत के लिए किस तरह की क्रिकेट खेलनी होगी।’ दिलचस्प बात यह है कि गिल का व्यक्तिगत रिकॉर्ड भी अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शानदार रहा है, जहां उन्होंने अपने कुल टी20 रनों का लगभग 25% हिस्सा 54 के औसत से बनाया है।

गेंदबाजी रणनीति और अनुशासन

गुजरात टाइटन्स की सफलता के पीछे उनके तेज गेंदबाजों का बड़ा हाथ रहा है। कगिसो रबाडा और मोहम्मद सिराज की जोड़ी ने नई गेंद के साथ बेहतरीन प्रदर्शन किया है। गिल ने कोच आशीष नेहरा के साथ मिलकर एक स्पष्ट रणनीति अपनाई है: टेस्ट मैच वाली अच्छी लेंथ (good length) पर गेंदबाजी करना। गिल का मानना है कि भले ही टी20 में विविधताएं जरूरी हैं, लेकिन नई गेंद के साथ अच्छी लेंथ पर गेंदबाजी करना आज भी बल्लेबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।

युवाओं को निखारने वाली संस्कृति

टॉम मूडी जैसे दिग्गजों ने गुजरात टाइटन्स की प्रशंसा करते हुए कहा है कि यह टीम व्यक्तिगत खिलाड़ियों से ऊपर उठकर ‘सामूहिक शक्ति’ में विश्वास रखती है। बी साई सुदर्शन का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि कैसे टीम प्रबंधन ने एक स्थानीय खिलाड़ी को सुपरस्टार बनाया है। हार्दिक पंड्या जैसे खिलाड़ियों के जाने के बाद भी, टीम ने अपने कोर ग्रुप को बरकरार रखा है और लगातार तीसरी बार फाइनल में जगह बनाई है। यह स्थिरता उनके कोच आशीष नेहरा और निदेशक विक्रम सोलंकी की शानदार कार्यप्रणाली का परिणाम है।

भविष्य की ओर देखते हुए गिल

टी20 विश्व कप में चयन न होने के बाद भी गिल का ध्यान अपने खेल को बेहतर बनाने पर है। उन्होंने कहा, ‘मैं किसी भी प्रारूप में खुद को सुधारना चाहता हूं। क्रिकेट में पूर्णता प्राप्त करना कठिन है, लेकिन मैं हर दिन बेहतर होने की कोशिश करता हूं।’ गिल की यह परिपक्वता ही उन्हें एक युवा कप्तान के रूप में अलग बनाती है।

निष्कर्ष

रविवार को होने वाला फाइनल महज शारीरिक क्षमता का परीक्षण नहीं होगा, बल्कि यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कौन सी टीम दबाव में बेहतर निर्णय लेती है। शुभमन गिल की अगुवाई में गुजरात टाइटन्स अपनी मानसिक तैयारी और अनुशासित खेल के दम पर एक बार फिर इतिहास रचने को बेताब है। जैसा कि गिल ने स्पष्ट किया है, फाइनल में मानसिक मजबूती ही सबसे बड़ा निर्णायक कारक साबित होगी।

Victor Jain

Victor Jain is one of the most recognisable bilingual voices in Indian cricket, serving as a senior Hindi commentator for JioCinema and a columnist for The Caravan. A history graduate from the University of Delhi, Victor brings an archival depth to his analysis, often unearthing forgotten tales from India’s pre‑IPL cricketing heritage. He splits his time between the commentary box and the editing suite, having produced acclaimed short documentaries on the rise of the Women’s Premier League and the fast‑bowling culture in Delhi's club circuit. His work spans live match calling on billion‑strong digital platforms, long‑form features, and media rights commentary, always delivered with a distinctive blend of old‑school reverence and new‑age candour. Victor often says he learned more about cricket from the radio commentaries of the 1990s than any coaching manual — a philosophy that shapes his immersive, story‑driven style.