IPL 2026: क्या चेन्नई सुपर किंग्स के लिए निराशाजनक रहा ये सीजन? अभिनव मुकुंद ने उठाए सवाल
आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स के लिए एक औसत सीजन
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का समापन चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। पांच बार की चैंपियन टीम इस सीजन में अंक तालिका में सातवें स्थान पर रही और कुल 12 अंक ही जुटा पाई। जहां टीम के गेंदबाजी कोच एरिक सिमंस का मानना है कि यह सीजन टीम और खिलाड़ियों को बेहतर तरीके से समझने के लिए एक बड़ा सबक रहा है, वहीं पूर्व क्रिकेटर अभिनव मुकुंद इस प्रदर्शन से कतई प्रभावित नहीं हैं।
अभिनव मुकुंद का विश्लेषण: ‘टीम को अपनी ताकत का नहीं था अंदाजा’
अभिनव मुकुंद का स्पष्ट मानना है कि चेन्नई सुपर किंग्स का यह सीजन बेहद ‘औसत’ था। उन्होंने जोर देकर कहा कि टीम को अपने घरेलू मैदानों पर अपनी ताकत का सही अंदाजा ही नहीं था, जिस पर सीएसके को हमेशा गर्व रहा है। मुकुंद के अनुसार, इस सीजन में चेन्नई केवल उन टीमों को हरा पाई जो अंक तालिका में निचले पायदान पर थीं, जैसे कि दिल्ली कैपिटल्स, मुंबई इंडियंस, लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स। शीर्ष चार टीमों के खिलाफ टीम का प्रदर्शन किसी भी बड़े बदलाव की उम्मीद जगाने में नाकाम रहा।
चोटों और फिटनेस का साया
सीएसके के लिए इस सीजन में फिटनेस एक बड़ी समस्या रही। अनुभवी एमएस धोनी चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर रहे, जबकि नाथन एलिस जैसे प्रमुख तेज गेंदबाज सीजन शुरू होने से पहले ही चोटिल हो गए। इसके अलावा, आयुष म्हात्रे, रामकृष्ण घोष, खलील अहमद और जेमी ओवरटन जैसे खिलाड़ियों का बीच-बीच में बाहर होना टीम के संतुलन को पूरी तरह बिगाड़ गया। कोच एरिक सिमंस ने स्वीकार किया कि जेमी ओवरटन जैसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी का चोटिल होना टीम के लिए एक बड़ा झटका था, क्योंकि वह गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में टीम को स्थिरता प्रदान कर रहे थे।
विदेशी खिलाड़ियों के चयन पर सवाल
सीएसके की रणनीति पर बात करते हुए अभिनव मुकुंद ने ऑक्शन और टीम निर्माण पर भी सवाल उठाए। उनका मानना है कि संजू सैमसन को ट्रेड करना एक सही फैसला था, लेकिन गेंदबाजी संसाधनों के मामले में टीम पिछड़ गई। मुकुंद ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि नीलामी में खरीदे गए विदेशी विकल्प सही थे। मैट हेनरी, मैट शॉर्ट, जैक फाउल्क्स और डायन फॉरेस्टर जैसे खिलाड़ी अगले सीजन के लिए टीम में जगह बनाने लायक नहीं दिखते। टीम को अपने विदेशी बैक-अप विकल्पों पर फिर से सोचने की जरूरत है।’
टीम का भविष्य और उम्मीदें
भले ही परिणाम पक्ष में न रहे हों, लेकिन कोच सिमंस सकारात्मक पक्ष भी देखते हैं। उन्होंने कार्तिक शर्मा जैसे युवा खिलाड़ी की प्रशंसा की और कहा कि यह सीजन टीम के युवा खिलाड़ियों को समझने और उनकी क्षमताओं का आकलन करने के लिए महत्वपूर्ण था। हालांकि, मुकुंद का मानना है कि सीएसके के पास भारतीय प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन उन्हें अपनी टीम के विदेशी सेट-अप में सुधार करने की बहुत आवश्यकता है।
निष्कर्ष: आगे का रास्ता
चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आईपीएल 2026 एक ऐसा अध्याय रहा है जिसे वे जल्द ही भूलना चाहेंगे। लगातार तीन हार के साथ शुरुआत, फिर छह जीत की उम्मीद और अंत में फिर से तीन हार—यह उतार-चढ़ाव टीम की अस्थिरता को दर्शाता है। यदि सीएसके को दोबारा अपनी बादशाहत कायम करनी है, तो उन्हें न केवल अपने घरेलू मैदान की रणनीति पर काम करना होगा, बल्कि अगले सीजन की नीलामी में भी अधिक सटीकता और दूरदर्शिता दिखानी होगी। क्या चेन्नई अगले सीजन में अपनी गलतियों से सीखकर वापसी कर पाएगी? यह देखना दिलचस्प होगा।
