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अफगानिस्तान की महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा: निर्वासन में भी जारी है खेल का जज्बा

Navdeep Sandhu · · 1 min read

निर्वासन के बावजूद मैदान पर वापसी

अफगानिस्तान की निर्वासित महिला क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए अगला महीना बेहद खास होने वाला है। ये खिलाड़ी इंग्लैंड का दौरा करेंगी, जहाँ वे टी20 मैचों में हिस्सा लेंगी और ट्रेनिंग के अवसरों का लाभ उठाएंगी। इस दौरे का समापन लॉर्ड्स में महिला टी20 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में दर्शकों के रूप में शामिल होकर होगा।

संघर्ष और दृढ़ संकल्प की कहानी

नवंबर 2020 में, अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने काबुल में महिलाओं के लिए क्रिकेट ट्रायल आयोजित किए थे और 25 खिलाड़ियों को अनुबंधित किया था। हालांकि, नौ महीने बाद ही तालिबान के सत्ता में आने के बाद महिलाओं और लड़कियों को सार्वजनिक जीवन और खेलों से प्रतिबंधित कर दिया गया। तब से, इन खिलाड़ियों का जीवन पूरी तरह से बदल गया है, लेकिन क्रिकेट के प्रति उनका जुनून कम नहीं हुआ है।

वैश्विक स्तर पर पहचान की लड़ाई

आज इन क्रिकेटरों का एक बड़ा हिस्सा ऑस्ट्रेलिया में रह रहा है। हालांकि उन्हें आईसीसी द्वारा आधिकारिक टीम के रूप में मान्यता प्राप्त करने में सफलता नहीं मिली है, लेकिन उन्होंने ‘अफगानिस्तान रिफ्यूजी इलेवन’ के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। उन्होंने 2025 की महिला एशेज के दौरान ‘क्रिकेट विदाउट बॉर्डर्स’ के खिलाफ खेला था और भारत में हुए 50-ओवर विश्व कप में भी भाग लिया था। यह इंग्लैंड दौरा उन्हें एक साथ खेलने और अपनी स्थिति को दुनिया के सामने रखने का एक और मौका देगा।

समर्थन और समावेशिता की ओर कदम

इस दौरे को इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) द्वारा MCC, MCC फाउंडेशन और स्पोर्ट्स कंसल्टेंसी ‘इट्स गेम ऑन’ के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी और कमेंटेटर मेल जोन्स, जिन्होंने ‘इट्स गेम ऑन’ की स्थापना की है, का मानना है कि यह दौरा खेल की दुनिया में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा, ‘इन खिलाड़ियों ने जो साहस दिखाया है, वह काबिले तारीफ है। उन्हें वैश्विक क्रिकेट समुदाय का हिस्सा माना जाना चाहिए।’

क्रिकेट की जिम्मेदारी

ECB की डिप्टी सीईओ क्लेयर कॉनर ने कहा कि यह दौरा खेल के क्षेत्र में समावेशन और अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा, ‘2021 में अफगानिस्तान से विस्थापित होने के बाद से, इन खिलाड़ियों ने अविश्वसनीय लचीलापन दिखाया है। हमें गर्व है कि हम इस दौरे की मेजबानी कर रहे हैं और उनके खेल सफर को जारी रखने में उनका समर्थन कर रहे हैं।’

आगे की राह

यह दौरा न केवल क्रिकेट के मैदान पर कौशल दिखाने का अवसर है, बल्कि यह उन विस्थापित महिला एथलीटों के लिए भी एक उम्मीद की किरण है, जो आज भी अपने अधिकारों और खेल के प्रति अपने अधिकार को पाने के लिए संघर्ष कर रही हैं। मेल जोन्स ने जोर देकर कहा कि हमें केवल इस दौरे तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इन खिलाड़ियों के लिए भविष्य में भी सार्थक और दीर्घकालिक योजनाएं बनाने की आवश्यकता है। यह सुनिश्चित करना क्रिकेट बिरादरी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि इन खिलाड़ियों का खेल का सपना कभी न टूटे और उन्हें वैश्विक मंच पर वह सम्मान मिले जिसकी वे हकदार हैं।

इन खिलाड़ियों की यात्रा हमें याद दिलाती है कि खेल केवल मैदान पर दौड़ने या गेंद फेंकने के बारे में नहीं है; यह साहस, दृढ़ता और विपरीत परिस्थितियों में भी एक-दूसरे का साथ देने के बारे में है। आने वाले जून के महीने में, जब ये अफगानी खिलाड़ी इंग्लैंड की सरजमीं पर उतरेंगी, तो वे केवल क्रिकेट नहीं खेल रही होंगी, बल्कि वे दुनिया को बता रही होंगी कि खेल भावना कभी भी सीमाओं या राजनीतिक अस्थिरता की मोहताज नहीं होती।

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Navdeep Sandhu

Navdeep Sandhu is a seasoned expert in sports journalism, specializing in the world of cricket. With deep insights into match strategies and major tournaments, he consistently provides readers with sharp analysis, breaking news, and unique perspectives on the Indian cricket market. At Cricket News Flash, Navdeep oversees content curation, ensuring every article meets the highest standards of accuracy and engagement.