युजवेंद्र चहल ‘वेपिंग’ विवाद: कानूनी कार्रवाई और BCCI की सजा का खतरा
युजवेंद्र चहल के लिए बढ़ी मुश्किलें: फ्लाइट में वेपिंग का वीडियो वायरल
आईपीएल 2026 के दौरान भारतीय क्रिकेट के दिग्गज स्पिनर युजवेंद्र चहल एक विवाद के केंद्र में आ गए हैं। पंजाब किंग्स की टीम के सफर के दौरान अर्शदीप सिंह द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो ने क्रिकेट गलियारों में खलबली मचा दी है। इस वीडियो में चहल को कथित तौर पर फ्लाइट के अंदर वेपिंग करते हुए देखा जा सकता है। यह मामला न केवल खेल आचार संहिता का उल्लंघन हो सकता है, बल्कि इसके गंभीर कानूनी परिणाम भी सामने आ सकते हैं।
मामला क्या है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंजाब किंग्स की टीम 6 मई को हैदराबाद के खिलाफ होने वाले मुकाबले के लिए यात्रा कर रही थी। अर्शदीप सिंह द्वारा शेयर किए गए वीडियो में चहल को खिड़की वाली सीट पर शशांक सिंह के साथ बैठे देखा जा सकता है। वीडियो में चहल द्वारा की गई एक संदिग्ध हरकत ने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है, जिसमें स्पष्ट रूप से वेपिंग जैसी गतिविधि का संकेत मिल रहा है। इससे पहले राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग भी ड्रेसिंग रूम में वेपिंग को लेकर चर्चा में रह चुके हैं।
भारत में ई-सिगरेट पर सख्त कानून
भारत में ई-सिगरेट का उपयोग, बिक्री और प्रचार पूरी तरह से अवैध है। ‘इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम’ (PECA) के तहत, ऐसे किसी भी पदार्थ का उपयोग करने पर गंभीर दंड का प्रावधान है। पहली बार अपराध करने पर एक साल तक की जेल या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। चहल के मामले में, यदि ये आरोप साबित होते हैं, तो उन्हें कानूनी पचड़ों का सामना करना पड़ सकता है।
विमानन नियम और सुरक्षा मानक
फ्लाइट के अंदर वेपिंग करना नागरिक उड्डयन नियमों का भी सीधा उल्लंघन है। ‘एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937’ और डीजीसीए (DGCA) के सुरक्षा सर्कुलर के अनुसार, विमान में ई-सिगरेट ले जाना या उसका उपयोग करना प्रतिबंधित है। ऐसे कृत्य करने वाले यात्रियों को ‘अनियंत्रित यात्री’ (Unruly Passenger) घोषित किया जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप, यात्री पर 3 महीने से लेकर आजीवन उड़ान भरने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
बीसीसीआई (BCCI) और आईपीएल का रुख
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) खिलाड़ियों के अनुशासन को लेकर हमेशा सतर्क रहता है। आईपीएल आचार संहिता के अनुच्छेद 2.21 के तहत, यदि कोई खिलाड़ी प्रतिबंधित पदार्थों का उपयोग करते हुए पाया जाता है, तो उसे उसके मैच शुल्क का 25% जुर्माना और एक डिमेरिट अंक दिया जा सकता है। इसके अलावा, पंजाब किंग्स प्रबंधन भी टीम प्रोटोकॉल और ब्रांड की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए अपने स्तर पर निलंबन या जुर्माना लगा सकता है।
आगे क्या हो सकता है?
हालांकि अभी तक किसी भी आधिकारिक संस्था (जैसे बीसीसीआई या एयरलाइन) ने इस मामले पर औपचारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने अधिकारियों का ध्यान जरूर खींचा होगा। चहल के लिए यह स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण हो सकती है क्योंकि यह केवल एक व्यक्तिगत गलती नहीं, बल्कि सार्वजनिक कानूनों और खेल के नियमों का सीधा उल्लंघन प्रतीत होता है।
क्रिकेट प्रशंसकों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या यह महज एक गलती है या अनुशासन का गंभीर उल्लंघन। फिलहाल, हमें बीसीसीआई और पंजाब किंग्स की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। इस घटना ने एक बार फिर से खिलाड़ियों के व्यवहार और मैदान के बाहर उनकी जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित किया है।
