Aitchison caps allround masterclass as Derbyshire rout Lancashire: डर्बीशायर की ऐतिहासिक जीत
डर्बीशायर ने लंकाशायर को 9 विकेट से रौंदा; बेन एचिसन बने जीत के महानायक
चेस्टरफील्ड के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए रोथसे काउंटी चैम्पियनशिप (Rothesay County Championship) डिवीजन टू के मुकाबले में डर्बीशायर ने लंकाशायर के खिलाफ एकतरफा और धमाकेदार जीत दर्ज की है। खेल के तीसरे ही दिन डर्बीशायर ने लंकाशायर को नौ विकेट से मात देकर इस सत्र की अपनी तीसरी जीत दर्ज की। इस पूरे मुकाबले में डर्बीशायर का दबदबा रहा, जिसने लंकाशायर को खेल के पहले दिन से ही बैकफुट पर धकेल दिया था। लंकाशायर के लिए यह इस सत्र की चौथी हार है, जिसने उनके अभियान को बड़ा झटका दिया है।
बेन एचिसन का ऐतिहासिक ऑलराउंड प्रदर्शन
इस मुकाबले के असली हीरो डर्बीशायर के तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर बेन एचिसन (Ben Aitchison) रहे। एचिसन ने मैच के दूसरे दिन बल्ले से जौहर दिखाते हुए शानदार 75 रनों की पारी खेली थी, जिसने डर्बीशायर को पहली पारी में 364 रनों के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। इसके बाद जब गेंद उनके हाथ में आई, तो उन्होंने लंकाशायर के बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया। एचिसन ने लंकाशायर की दूसरी पारी में मात्र 49 रन देकर 5 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए।
इस पांच विकेट हॉल के साथ ही बेन एचिसन ने एक बेहद खास और ऐतिहासिक क्लब में अपनी जगह बना ली है। वह साल 1983 के बाद लगातार तीन प्रथम श्रेणी मैचों की एक पारी में पांच विकेट लेने वाले डर्बीशायर के पहले गेंदबाज बन गए हैं। उनसे पहले यह अद्भुत कारनामा वेस्टइंडीज के महान तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग (Michael Holding) ने किया था। एचिसन का यह प्रदर्शन डर्बीशायर के क्रिकेट इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है।
लंकाशायर का संघर्ष और जो मूर्स की जुझारू पारी
लंकाशायर की टीम अपनी पहली पारी में मात्र 161 रनों पर ढेर हो गई थी, जिसके बाद उन्हें डर्बीशायर से पिछड़ना पड़ा। दूसरी पारी में भी लंकाशायर की शुरुआत बेहद खराब रही। तीसरे दिन लंकाशायर की उम्मीदें अनुभवी मार्कस हैरिस (Marcus Harris) पर टिकी थीं, लेकिन वह अपने पिछले स्कोर में केवल एक रन और जोड़कर एचिसन की गेंद पर बोल्ड हो गए। हैरिस ने कुल 58 रनों की पारी खेली। उनके आउट होते ही स्टेडियम में दर्शकों के बीच डर्बीशायर की जीत का जश्न शुरू हो गया।
हालांकि, लंकाशायर के लिए इस मैच में एकमात्र सकारात्मक पहलू उनके 17 वर्षीय युवा विकेटकीपर बल्लेबाज जो मूर्स (Joe Moores) का साहसिक प्रदर्शन रहा। अपना पदार्पण सत्र खेल रहे मूर्स ने बेहद दबाव की स्थिति में शानदार बल्लेबाजी की और अपने प्रथम श्रेणी करियर का पहला अर्धशतक जमाया। उन्होंने अपनी 57 रनों की पारी के दौरान डर्बीशायर के गेंदबाजों पर जमकर प्रहार किए और अपनी इस पारी में चार गगनचुंबी छक्के लगाए। मूर्स की इस जुझारू पारी की बदौलत लंकाशायर की टीम पारी की हार से बचने में सफल रही। उन्होंने रॉरी हेडन के एक ही ओवर में दो छक्के और दो चौके जड़कर अपना अर्धशतक पूरा किया। अंततः वह मैट मोंटगोमरी की गेंद पर रिवर्स स्वीप खेलने के प्रयास में बोल्ड हो गए।
डर्बीशायर की आसान जीत और ऐतिहासिक महत्व
लंकाशायर की दूसरी पारी 226 रनों पर सिमट गई, जिससे डर्बीशायर को जीत के लिए केवल 24 रनों का मामूली लक्ष्य मिला। डर्बीशायर की तरफ से दूसरी पारी में रॉरी हेडन ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए 71 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। 24 रनों के इस छोटे से लक्ष्य का पीछा करने उतरी डर्बीशायर की टीम ने महज नौ ओवरों के भीतर ही मैच को समाप्त कर दिया। हालांकि, डर्बीशायर ने हैरी केम का विकेट खोया, जिन्हें जॉर्ज बाल्डर्सन ने आउट किया, लेकिन लुईस रीस ने विजयी रन बनाकर अपनी टीम को एक शानदार जीत दिला दी।
डर्बीशायर के लिए यह जीत कई मायनों में बेहद खास है। साल 1997 के बाद से काउंटी चैम्पियनशिप में लंकाशायर के खिलाफ डर्बीशायर की यह पहली जीत है। इस शानदार जीत से डर्बीशायर को पूरे 22 अंक मिले, जबकि पूरी तरह से पिछड़ने वाली लंकाशायर की टीम को इस मैच से केवल 3 अंकों से ही संतोष करना पड़ा।
