Cricket News

1983 वर्ल्ड कप: कीर्ति आजाद ने कपिल देव के फर्जी बिल का किया पर्दाफाश

Victor Jain · · 1 min read

1983 विश्व कप और एक विवादित बिल का सच

भारतीय क्रिकेट इतिहास में 1983 का वनडे वर्ल्ड कप जीतना एक ऐसा पल है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। लॉर्ड्स के मैदान पर कपिल देव की कप्तानी में भारत ने वेस्टइंडीज जैसी दिग्गज टीम को हराकर इतिहास रचा था। लेकिन हाल ही में, इस स्वर्णिम जीत से जुड़ी एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सोशल मीडिया पर खलबली मचा दी है। टीम के सदस्य रहे कीर्ति आजाद ने एक वायरल बिल को फर्जी बताते हुए कड़ा रुख अपनाया है।

क्या है पूरा मामला?

सोशल मीडिया पर ‘ग्रोसवेनर होटल’ का एक बिल वायरल हो रहा है, जिसे ‘सेलिब्रेशन बिल’ का नाम दिया गया है। इस बिल में शराब और अन्य चीजों के लिए 764 ब्रिटिश पाउंड की राशि दिखाई गई है। सबसे चौकाने वाली बात इस पर मौजूद हस्ताक्षर थे, जो भारत के तत्कालीन कप्तान कपिल देव के नाम से किए गए थे।

कीर्ति आजाद ने इन दावों का खंडन करते हुए अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, ‘यह पूरी तरह से फर्जी है। यह सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है। हम लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के बगल में स्थित वेस्टमोरलैंड होटल में रुके थे। 25 जून 1983 को जीत के बाद जश्न पूरी रात 26 जून की सुबह तक चला था। हम कभी उस होटल में नहीं गए और कपिल देव के हस्ताक्षर भी जाली हैं।’

दिग्गज क्रिकेटरों का समर्थन

कीर्ति आजाद के इस खुलासे के बाद पूर्व भारतीय स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने भी उनका समर्थन किया। उन्होंने टिप्पणी करते हुए साफ कहा, ‘कपिल देव इस तरह से हस्ताक्षर नहीं करते हैं।’ इससे यह स्पष्ट हो गया कि वायरल हो रहा दस्तावेज पूरी तरह से मनगढ़ंत है।

वह ऐतिहासिक जीत जिसने क्रिकेट का चेहरा बदल दिया

1983 का वर्ल्ड कप केवल एक ट्रॉफी नहीं थी, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट के लिए एक नया सवेरा था। कपिल देव और उनकी टीम ने टूर्नामेंट की शुरुआत वेस्टइंडीज को 34 रनों से हराकर की थी। हालांकि, इसके बाद टीम को उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। जिम्बाब्वे के खिलाफ जीत के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम को 162 रनों की करारी हार का सामना करना पड़ा था।

कपिल देव की ऐतिहासिक पारी

जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरा मैच भारतीय क्रिकेट इतिहास का सबसे यादगार मैच माना जाता है। इस मुकाबले में कपिल देव ने नाबाद 175 रनों की जादुई पारी खेली और टीम को 31 रनों से जीत दिलाई। इसके बाद मदन लाल और रोजर बिन्नी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी गेंदबाजी के दम पर टीम को 118 रनों से बड़ी जीत दिलाई, जिससे टीम का मनोबल काफी ऊंचा हुआ।

सेमीफाइनल और फाइनल का रोमांच

सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को छह विकेट से मात दी। इस जीत में यशपाल शर्मा और संदीप पाटिल की अर्धशतकीय पारियों का बड़ा योगदान था। फाइनल मुकाबले में ‘कपिल के डेविल्स’ के नाम से मशहूर भारतीय टीम केवल 183 रनों पर सिमट गई थी, जिसमें क्रिस श्रीकांत ने 38 और संदीप पाटिल ने 27 रन बनाए थे।

लेकिन, जब वेस्टइंडीज की टीम बल्लेबाजी के लिए उतरी, तो भारतीय गेंदबाजों ने इतिहास रच दिया। मोहिंदर अमरनाथ और मदन लाल ने तीन-तीन विकेट लेकर वेस्टइंडीज को 140 रनों पर ढेर कर दिया और भारत को विश्व चैंपियन बना दिया। आज भी वह जीत करोड़ों भारतीयों के लिए गर्व का प्रतीक है, जिसे किसी भी फर्जी बिल या विवाद से कम नहीं किया जा सकता।

Victor Jain

Victor Jain is one of the most recognisable bilingual voices in Indian cricket, serving as a senior Hindi commentator for JioCinema and a columnist for The Caravan. A history graduate from the University of Delhi, Victor brings an archival depth to his analysis, often unearthing forgotten tales from India’s pre‑IPL cricketing heritage. He splits his time between the commentary box and the editing suite, having produced acclaimed short documentaries on the rise of the Women’s Premier League and the fast‑bowling culture in Delhi's club circuit. His work spans live match calling on billion‑strong digital platforms, long‑form features, and media rights commentary, always delivered with a distinctive blend of old‑school reverence and new‑age candour. Victor often says he learned more about cricket from the radio commentaries of the 1990s than any coaching manual — a philosophy that shapes his immersive, story‑driven style.