यशस्वी जायसवाल का वनडे टीम से बाहर होना: प्रशंसकों का फूटा गुस्सा, चयनकर्ताओं पर उठे सवाल
यशस्वी जायसवाल की अनदेखी पर भड़के क्रिकेट फैंस
हाल ही में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली टेस्ट और वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान किया। इस चयन में कई नाम चर्चा का विषय बने हुए हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा यशस्वी जायसवाल को वनडे टीम से बाहर रखने की है। एक ऐसा खिलाड़ी जिसने अपने पदार्पण और शुरुआती मौकों में शानदार परिपक्वता दिखाई है, उसे टीम से बाहर देखना प्रशंसकों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है।
सोशल मीडिया पर फैंस का गुस्सा साफ तौर पर देखा जा सकता है, जहां वे इसे एक उभरती हुई प्रतिभा के साथ अन्याय बता रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि जायसवाल को लंबे समय तक टीम के साथ रहने के बावजूद इस तरह अचानक बाहर करना उनकी लय को बिगाड़ सकता है।
जायसवाल का वनडे सफर और संघर्ष
यशस्वी जायसवाल ने 2023 में टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। वनडे में उन्हें अपनी बारी के लिए 2025 की शुरुआत तक इंतजार करना पड़ा। नागपुर में इंग्लैंड के खिलाफ अपने पहले मैच में उन्हें विराट कोहली की वापसी के कारण तुरंत बाहर कर दिया गया था।
हालांकि, नवंबर-दिसंबर 2025 में जब शुभमन गिल गर्दन की चोट के कारण बाहर हुए, तो जायसवाल को खुद को साबित करने का मौका मिला। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उस सीरीज के निर्णायक मुकाबले में उन्होंने नाबाद 116 रनों की पारी खेलकर यह साबित कर दिया कि वे लंबी रेस के घोड़े हैं। इसके बावजूद, अब उनकी जगह ईशान किशन को टीम में मौका दिया गया है, जो विकेटकीपिंग का विकल्प भी प्रदान करते हैं।
क्या बहुआयामी खिलाड़ियों की चाह में पीछे छूट रहे हैं विशेषज्ञ?
भारतीय टीम प्रबंधन पिछले कुछ समय से ‘मल्टी-डायमेंशनल’ या बहुआयामी खिलाड़ियों को अधिक महत्व दे रहा है। यही कारण है कि ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जा रही है जो बल्लेबाजी के साथ-साथ दस्ताने भी संभाल सकते हैं। टी20 विश्व कप के दौरान भी ऐसा ही देखने को मिला था, जहाँ जायसवाल के शानदार आंकड़ों के बावजूद उन्हें टीम संयोजन के कारण दरकिनार कर दिया गया था।
विश्लेषकों का मानना है कि यह नीति कहीं न कहीं शुद्ध बल्लेबाजों के लिए एक बाधा बन रही है। टीम प्रबंधन का मानना है कि विकेटकीपिंग विकल्प होने से प्लेइंग इलेवन में संतुलन बना रहता है, लेकिन प्रशंसकों का तर्क है कि जायसवाल जैसे आक्रामक बल्लेबाज की जगह केवल विकेटकीपिंग के आधार पर नहीं भरी जा सकती।
अफगानिस्तान सीरीज के लिए भारतीय वनडे टीम
चयनकर्ताओं द्वारा घोषित की गई टीम इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल, ईशान किशन, हार्दिक पांड्या, नितीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बराड़ और हर्ष दुबे।
यह सीरीज 14 जून से शुरू होगी। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या यह प्रयोग टीम इंडिया के लिए फायदेमंद साबित होता है या फिर यशस्वी जायसवाल जैसे प्रतिभावन खिलाड़ी को बाहर बैठाना एक बड़ी भूल साबित होगी। प्रशंसकों की निगाहें अब अगले मुकाबलों पर टिकी हैं कि क्या टीम प्रबंधन अपनी इस रणनीति में कोई बदलाव करता है या नहीं।
अंततः, भारतीय क्रिकेट का भविष्य यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ियों पर ही टिका है, और उन्हें निरंतरता देना टीम के हित में ही होगा।
