Watch – After Chucking Complaint, Tom Banton Destroys Pakistan’s Usman Tariq: टी20 ब्लास्ट का सबसे बड़ा मुकाबला
टी20 ब्लास्ट 2026: मैदान पर बदला और रोमांच की नई कहानी
टी20 क्रिकेट का रोमांच ही ऐसा है कि यहाँ हर गेंद पर एक नई कहानी लिखी जाती है। इंग्लैंड में खेले जा रहे टी20 ब्लास्ट 2026 के एक मुकाबले में दर्शकों को कुछ ऐसा ही देखने को मिला। वार्विकशायर और समरसेट के बीच खेले गए इस मुकाबले में मैदान पर खिलाड़ियों के बीच की पुरानी तनातनी एक बार फिर सतह पर आ गई। इस मैच का सबसे बड़ा आकर्षण इंग्लैंड के धाकड़ बल्लेबाज टॉम बैंटन और पाकिस्तानी स्पिनर उस्मान तारिक के बीच की जंग थी।
Watch – After Chucking Complaint, Tom Banton Destroys Pakistan’s Usman Tariq
इस मुकाबले के दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच का पुराना विवाद एक बार फिर से जीवंत हो उठा। दरअसल, कुछ समय पहले ही टॉम बैंटन ने उस्मान तारिक के बॉलिंग एक्शन पर गंभीर सवाल उठाए थे और उन पर चकिंग (अवैध गेंदबाजी एक्शन) का आरोप लगाया था। लेकिन इस बार टी20 ब्लास्ट में बैंटन ने अपनी जुबान से नहीं, बल्कि अपने बल्ले से उस्मान तारिक को करारा जवाब दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे बैंटन ने तारिक की गेंद पर एक अविश्वसनीय शॉट खेलकर खुद को साबित किया।
मैच के दौरान समरसेट की पारी के शुरुआती ओवरों में जब पाकिस्तानी स्पिनर उस्मान तारिक गेंदबाजी के लिए आए, तो टॉम बैंटन पूरी तरह से तैयार थे। उन्होंने तारिक की एक गेंद को भांपते हुए पहले से ही रिवर्स स्वीप का मन बना लिया था। बैंटन ने शानदार टाइमिंग के साथ गेंद को डीप स्क्वायर लेग की तरफ हवा में खेल दिया। यह शॉट इतना दमदार था कि बाउंड्री पर खड़े फील्डर के हाथों को छूते हुए गेंद छह रनों के लिए सीमा रेखा के पार चली गई। इस शानदार छक्के ने यह साफ कर दिया कि बैंटन इस बार उस्मान तारिक के खिलाफ पूरी तैयारी के साथ उतरे थे और वह उनके अजीबोगरीब एक्शन से बिल्कुल भी विचलित नहीं होने वाले थे।
क्या था पूरा इतिहास? आईएलटी20 (ILT20) का वो विवाद
इस प्रतिद्वंद्विता को समझने के लिए हमें थोड़ा पीछे जाना होगा। यह पूरा विवाद आईएलटी20 (ILT20) 2025-26 के दौरान शुरू हुआ था। उस समय एमआई एमिरेट्स और डेजर्ट वाइपर्स के बीच खेले गए क्वालिफायर 1 मैच में उस्मान तारिक ने टॉम बैंटन को आउट किया था। उस मैच में बैंटन बेहद खतरनाक बल्लेबाजी कर रहे थे और उन्होंने महज 27 गेंदों में 63 रनों की तूफानी पारी खेली थी।
तभी उस्मान तारिक ने एक धीमी, कैरम-स्टाइल की गेंद ऑफ-स्टंप के बाहर फेंकी, जिस पर बैंटन ने लॉन्ग-ऑफ की तरफ शॉट खेलने का प्रयास किया, लेकिन गेंद सीधे सैम करन के हाथों में चली गई। आउट होने के बाद टॉम बैंटन बेहद निराश और गुस्से में नजर आए। मैदान से बाहर जाते समय उन्होंने तारिक की तरफ इशारा करते हुए बार-बार “throwing the ball” (गेंद फेंकना) चिल्लाया। बैंटन का सीधा आरोप था कि उस्मान तारिक का बॉलिंग एक्शन संदिग्ध है और वह नियम विरुद्ध गेंदबाजी कर रहे हैं।
वार्विकशायर बनाम समरसेट: मैच का रोमांचक सफर
एजबेस्टन के मैदान पर खेले गए इस मुकाबले की बात करें तो वार्विकशायर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में शानदार खेल दिखाया। सैम हैन के बेहतरीन अर्धशतक और रॉबर्ट येट्स व ब्यू वेबस्टर की 40 से अधिक रनों की पारियों की बदौलत वार्विकशायर ने बोर्ड पर 189 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया।
लेकिन समरसेट के इरादे कुछ और ही थे। लक्ष्य का पीछा करने उतरी समरसेट की टीम को टॉम बैंटन ने तूफानी शुरुआत दी। उन्होंने केवल 26 गेंदों में 47 रनों की आतिशी पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 2 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। बैंटन के आउट होने के बाद भी समरसेट की रनों की रफ्तार धीमी नहीं पड़ी। जेम्स रीव ने मैदान के चारों तरफ शॉट खेलते हुए महज 48 गेंदों में नाबाद 93 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। इस बेमिसाल पारी की बदौलत समरसेट ने 10 गेंद शेष रहते ही 7 विकेट से एक आसान जीत दर्ज कर ली।
चकिंग (Chucking) का दाग और उस्मान तारिक का अनोखा एक्शन
क्रिकेट की दुनिया में ‘चकिंग’ एक बेहद संवेदनशील विषय है। आईसीसी (ICC) के नियमों के अनुसार, गेंदबाजी के दौरान गेंदबाज की कोहनी का झुकाव 15 डिग्री से अधिक नहीं होना चाहिए। यदि कोहनी इससे अधिक सीधी होती है, तो उसे अवैध एक्शन माना जाता है।
उस्मान तारिक की बात करें तो उनका बॉलिंग एक्शन काफी अलग है। वह गेंद फेंकने से ठीक पहले एक अजीब सा ठहराव (pause) लेते हैं और उनका आर्म एंगल भी सामान्य स्पिनरों जैसा नहीं है। यही कारण है कि टॉम बैंटन के अलावा कैमरून ग्रीन जैसे कई अन्य अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजों ने भी समय-समय पर उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई हैं।
हालांकि, अतीत में आईसीसी ने उस्मान तारिक के एक्शन की जांच की थी और बाद में उन्हें हरी झंडी दे दी गई थी। वह बिना किसी बाधा के लगातार प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेल रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नियमों के दायरे में उनका एक्शन पूरी तरह से वैध है। लेकिन क्रिकेट इतिहास गवाह है कि एक बार जब किसी गेंदबाज पर चकिंग का आरोप लग जाता है, तो उसे उस दाग से पूरी तरह छुटकारा पाना बेहद मुश्किल होता है।
