विराट कोहली ने खुलासा किया टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का असली कारण, बोर्ड और गौतम गंभीर पर साधा निशाना
विराट कोहली ने आखिरकार बताया टेस्ट संन्यास का कारण: ‘मुझे अपना मूल्य साबित करने की जरूरत नहीं’
एक साल पहले विराट कोहली ने अपने प्रशंसकों को झकझोर दिया था। 12 मई, 2025 को, भारत के पूर्व कप्तान ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक नोट साझा कर टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी।
उन्होंने लिखा था, “मैं हमेशा अपने टेस्ट करियर को मुस्कुराते हुए याद करूंगा।” लेकिन उस दिन से, क्रिकेट दुनिया सिर्फ एक ही सवाल पूछ रही थी—अचानक संन्यास क्यों?
अब, आखिरकार, विराट कोहली ने खुलकर बात की है।
टेस्ट करियर का अंत: अधूरा सपना, पूरी कहानी
2011 में टेस्ट क्रिकेट में कदम रखने वाले कोहली ने भारतीय टीम को एक वैश्विक शक्ति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 123 मैचों में 9230 रन, औसत 46.85, 30 शतक और 51 अर्धशतक—ये सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि एक युग का प्रतीक हैं।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह था: आखिर 770 रन दूर रहते हुए संन्यास कैसे?
कोहली 10,000 टेस्ट रन बनाकर सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ के बाद दो अलग फॉर्मेट में इस उपलब्धि को हासिल करने वाले तीसरे भारतीय बल्लेबाज बन सकते थे। लेकिन उन्होंने निर्णय ले लिया।
मयंती लंगर से बातचीत: जब कोहली ने खोला दिल
हाल ही में, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से जुड़ी स्पोर्ट्स प्रेजेंटर मयंती लंगर के साथ एक बातचीत में कोहली ने अपने फैसले के पीछे के भावनात्मक दबाव को बयां किया।
उन्होंने कहा, “अगर मैं अपने आसपास के माहौल में मूल्य जोड़ सकता हूं – और माहौल महसूस करता है कि मैं मूल्य जोड़ सकता हूं – अगर मुझे यह महसूस कराया जाए कि मुझे अपनी क़ीमत साबित करनी है, तो मैं उस जगह नहीं हूं जहां होना चाहिए।”
ये शब्द सीधे भले नहीं थे, लेकिन संकेत साफ थे। क्रिकेट जानकारों और प्रशंसकों का मानना है कि यह टीम मैनेजमेंट, बोर्ड और कोच गौतम गंभीर को लेकर एक नाराजगी की आवाज थी।
ड्रेसिंग रूम तनाव: क्या गंभीर के साथ खराब हुए रिश्ते?
लंबे समय से भारतीय टीम में वरिष्ठ खिलाड़ियों और बीसीसीआई के बीच तनाव की खबरें आ रही थीं।
विशेष रूप से, गौतम गंभीर और विराट कोहली के रिश्ते में बदलाव देखा गया। पहले दोनों को अक्सर साथ देखा जाता था, मुस्कुराते हुए। लेकिन हाल के मैचों में उनकी बातचीत औपचारिक और ठंडी लगने लगी।
PTI की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि गंभीर और रोहित शर्मा की प्रैक्टिस सत्रों में बातचीत असहज हो गई थी। दोनों को अक्सर एक-दूसरे से दूर रहते देखा गया।
इसी कड़ी में, रोहित शर्मा ने भी कुछ दिनों पहले इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी। दोनों सीनियर खिलाड़ियों के इस तरह संन्यास लेने के पीछे भी बोर्ड के साथ तनाव को वजह बताया जा रहा है।
आईपीएल 2026 में जीवंत हैं कोहली, लेकिन टेस्ट का दर्द अभी भी है
आज भी, विराट कोहली टी20 और आईपीएल में जोश से खेल रहे हैं। IPL 2026 में RCB के लिए खेलते हुए उन्होंने अब तक 12 पारियों में 484 रन बनाए हैं, 165.75 की स्ट्राइक रेट के साथ। वे ऑरेंज कैप की दौड़ में भी शामिल हैं।
लेकिन टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के फैसले के पीछे की कहानी अब उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी उनके रन। यह एक ऐसा फैसला था जो सिर्फ खेल से नहीं, बल्कि खेल के अंदरूनी राजनीति से भी जुड़ा हुआ था।
कोहली ने साफ कर दिया है: जब माहौल इतना विषाक्त हो जाए कि आपको अपनी क़ीमत साबित करनी पड़े, तो बेहतर है चले जाना।
अब प्रशंसकों का सवाल है: क्या बीसीसीआई और टीम मैनेजमेंट इस सच्चाई को स्वीकार करेगा?
