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विराट कोहली ने की रोहित शर्मा के आईपीएल रिकॉर्ड की बराबरी, केकेआर पर जीत के बाद दिया भावुक बयान

Victor Jain · · 1 min read

विराट कोहली का रायपुर में धमाका: केकेआर के खिलाफ यादगार जीत

आईपीएल के मौजूदा सीजन में रोमांच अपने चरम पर है और जब बात रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच मुकाबले की हो, तो उत्साह दोगुना हो जाता है। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में विराट कोहली के बल्ले ने जमकर आग उगली। कोलकाता नाइट राइडर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 192 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था, जिसका पीछा करना बेंगलुरु के लिए कभी भी आसान नहीं होने वाला था।

लेकिन, विराट कोहली एक अलग ही इरादे से मैदान पर उतरे थे। उन्होंने महज 60 गेंदों में नाबाद 105 रनों की पारी खेलकर लक्ष्य को बौना साबित कर दिया। कोहली की इस शतकीय पारी की बदौलत बेंगलुरु ने 193 रनों का लक्ष्य 5 गेंदें शेष रहते ही हासिल कर लिया। इस जीत ने न केवल आरसीबी के प्रशंसकों को खुशी दी, बल्कि कोहली के करियर में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया।

रोहित शर्मा के दिग्गज रिकॉर्ड की बराबरी

इस मैच में अपनी शानदार बल्लेबाजी के लिए विराट कोहली को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। यह उनके आईपीएल करियर का 21वां ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ अवॉर्ड था। इसके साथ ही उन्होंने मुंबई इंडियंस के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के उस रिकॉर्ड की बराबरी कर ली, जिसमें वे आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा बार यह पुरस्कार जीतने वाले भारतीय खिलाड़ी थे।

अगर आईपीएल के सर्वकालिक आंकड़ों पर नजर डालें, तो सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीतने का रिकॉर्ड एबी डिविलियर्स (25) के नाम है, जबकि क्रिस गेल (22) दूसरे स्थान पर हैं। अब विराट कोहली और रोहित शर्मा 21-21 अवॉर्ड्स के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर और भारतीयों की सूची में पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। इस सूची में चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व कप्तान एमएस धोनी 18 अवॉर्ड्स के साथ अगले स्थान पर हैं।

“यह सब भगवान की कृपा है”: कोहली का भावनात्मक बयान

मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान विराट कोहली काफी भावुक नजर आए। 37 वर्ष की आयु में भी खेल के प्रति उनकी वही पुरानी ऊर्जा और जुनून देखकर हर कोई हैरान था। कोहली ने स्पष्ट किया कि उनके लिए अब रिकॉर्ड से ज्यादा महत्वपूर्ण खेल का आनंद लेना है।

कोहली ने कहा, “मुझे बल्लेबाजी करना बहुत पसंद है, और इतने वर्षों के बाद भी यह भावना वैसी ही है। इस स्तर पर खेलना और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करना मेरे लिए सम्मान की बात है। मैंने अपने पूरे जीवन में यही किया है।” उन्होंने आगे कहा कि क्रिकेट ही वह चीज है जिसे वह वास्तव में प्यार करते हैं और मैदान पर अपना दिल और आत्मा लगा देते हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि एक दिन यह सब समाप्त हो जाएगा।

दबाव की स्थिति में निखरता है चरित्र

विराट कोहली ने दबाव की स्थितियों को लेकर भी अपनी राय साझा की। उन्होंने बताया कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां उन्हें एक बेहतर क्रिकेटर और इंसान बनने में मदद करती हैं। कोहली के अनुसार, “जब आप मुश्किल परिस्थितियों में खुद को चुनौती देते हैं और उसे पार कर लेते हैं, तो आपका चरित्र मजबूत होता है। खेल आपको एक इंसान के रूप में बहुत कुछ सिखाता है। इतने सालों और इतने आंकड़ों के बाद भी, खेल के प्रति मेरा प्यार ही मुझे प्रेरित करता है।”

कोहली ने ‘ईश्वर की कृपा’ का जिक्र करते हुए कहा कि वे बहुत आभारी हैं कि आज भी गेंद उनके बल्ले के बीचों-बीच लग रही है और वह खुशी उन्हें आज भी मिलती है जो करियर की शुरुआत में मिलती थी।

तकनीक और मानसिक स्पष्टता: कोहली की सफलता का राज

अपनी नाबाद 105 रनों की पारी के बारे में बात करते हुए कोहली ने बताया कि उन्होंने कोई भी अनावश्यक जोखिम उठाने के बजाय ‘परसेंटेज क्रिकेट’ (Percentage Cricket) पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने क्रीज पर अपनी पोजीशन को स्थिर रखा और गैप्स ढूंढने पर जोर दिया।

  • गैप्स और दौड़: कोहली ने बाउंड्री मारने के साथ-साथ स्ट्राइक रोटेट करने और दो रन लेने पर काफी ध्यान दिया।
  • स्पष्ट सोच: उन्हें पता था कि किस लेंथ पर छक्का मारना है और कब खेल को गहराई तक ले जाना है।
  • जोखिम रहित बल्लेबाजी: उन्होंने अपनी स्वाभाविक शैली पर भरोसा किया और स्थिति की मांग के अनुसार बल्लेबाजी की।

कोहली ने अंत में कहा कि टीम की जरूरत हमेशा उनके दिमाग में शीर्ष पर रहती है और जब वह अपने शॉट्स को पूरी सटीकता के साथ लागू कर पाते हैं, तो उन्हें सबसे अधिक संतुष्टि मिलती है। उनकी यह स्थिरता और टीम के प्रति समर्पण ही उन्हें दुनिया का सबसे घातक बल्लेबाज बनाता है।

निष्कर्ष

विराट कोहली का यह प्रदर्शन न केवल एक रिकॉर्ड की बराबरी है, बल्कि उन आलोचकों के लिए भी करारा जवाब है जो उनकी उम्र और स्ट्राइक रेट पर सवाल उठाते रहे हैं। रोहित शर्मा के रिकॉर्ड की बराबरी करना उनके महान करियर का एक और मील का पत्थर है, और जिस तरह की लय में वह वर्तमान में हैं, वह दिन दूर नहीं जब वह एबी डिविलियर्स के 25 अवॉर्ड्स के रिकॉर्ड को भी चुनौती देंगे।

Victor Jain

Victor Jain is one of the most recognisable bilingual voices in Indian cricket, serving as a senior Hindi commentator for JioCinema and a columnist for The Caravan. A history graduate from the University of Delhi, Victor brings an archival depth to his analysis, often unearthing forgotten tales from India’s pre‑IPL cricketing heritage. He splits his time between the commentary box and the editing suite, having produced acclaimed short documentaries on the rise of the Women’s Premier League and the fast‑bowling culture in Delhi's club circuit. His work spans live match calling on billion‑strong digital platforms, long‑form features, and media rights commentary, always delivered with a distinctive blend of old‑school reverence and new‑age candour. Victor often says he learned more about cricket from the radio commentaries of the 1990s than any coaching manual — a philosophy that shapes his immersive, story‑driven style.