Watch: Vaibhav Sooryavanshi furious with himself after being dismissed on 96 in – वैभव सूर्यवंशी शतक से चूके: क्वालीफायर 2 में 96 रन पर आउट होकर हुए बेहद निराश
वैभव सूर्यवंशी की शानदार पारी का दर्दनाक अंत
आईपीएल के मौजूदा सीजन के क्वालीफायर 2 मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स के युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी से सभी का दिल जीत लिया, लेकिन उनकी यह पारी शतक से महज चार रन दूर समाप्त हो गई। गुजरात टाइटंस के खिलाफ एक महत्वपूर्ण मैच में, सूर्यवंशी ने धैर्य और आक्रामकता का एक बेहतरीन मिश्रण पेश किया।
मैच का रोमांच और सूर्यवंशी का संघर्ष
राजस्थान रॉयल्स की टीम 17वें ओवर तक मुकाबले में पूरी तरह से नियंत्रण बनाए हुए थी, जिसका मुख्य श्रेय वैभव सूर्यवंशी की संयमित बल्लेबाजी को जाता है। उन्होंने इस बार अपनी पारी को बेहद परिपक्व तरीके से आगे बढ़ाया। हालांकि, शुरुआत में उन्हें संघर्ष करना पड़ा और पावरप्ले के दौरान उनकी टाइमिंग पूरी तरह से सही नहीं बैठ रही थी।
सूर्यवंशी ने 31 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जो उनके सामान्य मानकों के हिसाब से काफी धीमा था। लेकिन, एक बार लय में आने के बाद उन्होंने तेजी से रन बनाए। अर्धशतक पूरा करने के बाद उन्होंने अगले 16 गेंदों में 46 रन कूट डाले, जिससे वह शतक के बेहद करीब पहुंच गए थे।
कगिसो रबाडा की घातक गेंदबाजी
जब ऐसा लग रहा था कि युवा बल्लेबाज आसानी से अपना शतक पूरा कर लेंगे, तभी कगिसो रबाडा ने अपना आखिरी ओवर डालने के लिए वापसी की। रबाडा ने ऑफ-स्टंप के बाहर एक छोटी और कठोर लेंथ वाली गेंद फेंकी। सूर्यवंशी ने उस पर अपना प्रसिद्ध ‘टेनिस शॉट’ खेलने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी शारीरिक मुद्रा (shape) को संभाल नहीं पाए और गेंद को सही तरह से टाइम नहीं कर सके। नतीजा यह रहा कि थर्ड मैन पर खड़े प्रसिद्ध कृष्णा ने एक आसान कैच लपक लिया।
मैदान पर दिखी निराशा
आउट होने के बाद वैभव सूर्यवंशी का गुस्सा साफ देखा जा सकता था। ड्रेसिंग रूम की ओर वापस लौटते समय वे खुद से बेहद नाराज दिखे और निराशा में उन्होंने अपने दस्ताने भी फेंक दिए। यह उनकी दूसरी ऐसी पारी थी जहां वे शतक के बेहद करीब आकर आउट हुए। इससे पहले एलिमिनेटर मुकाबले में भी सनराइजर्स हैदराबाद के प्रफुल हिंगे के खिलाफ वे इसी तरह के शॉट को खेलते हुए आउट हुए थे।
टीम के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति
वैभव का यह विकेट राजस्थान रॉयल्स के लिए एक बड़ा झटका रहा। उनकी पारी ने टीम को एक मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था, लेकिन उनके आउट होने से खेल का रुख बदलने की संभावना बढ़ गई। इस मैच के दौरान राजस्थान को एक और झटका लगा जब रवींद्र जडेजा चोट के कारण रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर चले गए।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी में अपार संभावनाएं हैं। जिस तरह से उन्होंने दबाव वाले मैच में शुरुआत की और फिर तेजी से रन बटोरने की कला दिखाई, वह उनकी परिपक्वता को दर्शाता है। हालांकि, बड़े मुकाबलों में शॉट चयन पर नियंत्रण रखना ही उन्हें आने वाले समय का महान खिलाड़ी बनाएगा।
मैच का परिणाम चाहे जो भी हो, वैभव सूर्यवंशी की यह 96 रनों की पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी। क्रिकेट प्रेमी अब इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या यह युवा बल्लेबाज आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स में अपनी गलतियों को सुधार कर शतक का सूखा खत्म कर पाएगा।
