सूर्यकुमार यादव और देविशा शेट्टी बने माता-पिता: जानिए कौन हैं देविशा
सूर्यकुमार यादव और देविशा शेट्टी बने माता-पिता
भारतीय क्रिकेट के ‘मिस्टर 360’ और 2026 टी20 विश्व कप में टीम इंडिया को खिताबी जीत दिलाने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव के घर नन्ही परी का आगमन हुआ है। गुरुवार, 7 मई को सूर्यकुमार और उनकी पत्नी देविशा शेट्टी ने अपने पहले बच्चे के रूप में एक बेटी का स्वागत किया। इस सुखद खबर के बाद से ही फैंस और क्रिकेट जगत के दिग्गज उन्हें ढेरों शुभकामनाएं दे रहे हैं।
सूर्यकुमार यादव हाल ही में आईपीएल के दौरान मुंबई इंडियंस के साथ रायपुर के दौरे पर नहीं गए थे, जिसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि वह अपने परिवार के साथ समय बिताने के लिए रुके हैं। अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण पलों में से एक के लिए अपने परिवार के साथ थे।
कौन हैं देविशा शेट्टी?
सूर्यकुमार यादव की पत्नी देविशा शेट्टी एक बेहद प्रतिभाशाली व्यक्तित्व हैं। उनका जन्म 7 नवंबर 1993 को मुंबई के एक दक्षिण भारतीय परिवार में हुआ था। उनके पिता देविदास शेट्टी एक होटल व्यवसायी हैं और उनकी माता लता शेट्टी एक गृहिणी हैं। देविशा अपनी शिक्षा को लेकर काफी जागरूक रही हैं; उन्होंने मुंबई के प्रतिष्ठित बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल से पढ़ाई की और उसके बाद आर.ए. पोदार कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से स्नातक की उपाधि प्राप्त की।
देविशा न केवल शैक्षणिक रूप से मेधावी रही हैं, बल्कि उनकी असली रुचि नृत्य में रही है। उन्होंने नृत्य को अपना करियर चुना और एक पेशेवर डांसर के रूप में पहचान बनाई। मुंबई में उन्होंने कई लोगों को नृत्य का प्रशिक्षण भी दिया है।
कॉलेज के दिनों से शुरू हुई प्रेम कहानी
सूर्यकुमार और देविशा की प्रेम कहानी की शुरुआत 2010 में आर.ए. पोदार कॉलेज से हुई थी। यह वह समय था जब दोनों अपनी पढ़ाई कर रहे थे। सूर्यकुमार का क्रिकेट के प्रति जुनून और देविशा की नृत्य के प्रति दीवानगी ने उन्हें एक-दूसरे के करीब ला दिया। छह साल तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद, इस जोड़े ने 7 जुलाई 2016 को विवाह बंधन में बंधने का फैसला किया।
वह सवाल जिसने बदल दी सूर्यकुमार की तकदीर
सूर्यकुमार यादव का भारतीय टीम तक का सफर आसान नहीं था। 2026 टी20 विश्व कप जीतने के बाद, सूर्यकुमार ने एक पॉडकास्ट में खुलासा किया था कि कैसे देविशा के एक ‘सच्चे और कठोर’ सवाल ने उन्हें अपनी जीवनशैली बदलने और कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
साल 2018 में देविशा ने सूर्यकुमार से पूछा था, ‘अगर तुम भारत के लिए खेलना चाहते हो, तो तुम्हारी योजना क्या है?’ देविशा ने उनसे कहा कि जो खिलाड़ी कभी उनके साथ आयु वर्ग की क्रिकेट खेलते थे, वे अब भारत के लिए खेल रहे हैं। सूर्यकुमार ने बताया कि उस सवाल ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया और उन्होंने उसी दिन से अपने अनुशासन और फिटनेस पर ध्यान देना शुरू किया।
परिणामस्वरूप, 30 साल की उम्र में उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली। आज सूर्यकुमार न केवल एक शानदार बल्लेबाज हैं, बल्कि एक सफल कप्तान भी हैं। यह सफलता उनकी मेहनत और देविशा के निरंतर समर्थन का परिणाम है।
एक नया अध्याय
आज, कॉलेज के स्वीटहार्ट्स से लेकर भारत के सबसे चहेते क्रिकेट दंपत्ति तक, सूर्यकुमार और देविशा का सफर लाखों लोगों के लिए प्रेरणा है। बेटी के जन्म के साथ, उनके जीवन का एक नया और खूबसूरत अध्याय शुरू हुआ है। हम सूर्यकुमार और देविशा को उनके जीवन के इस नए पड़ाव के लिए हार्दिक बधाई देते हैं।
क्रिकेट के मैदान पर छक्के जड़ने वाले सूर्यकुमार अब पिता की भूमिका में एक नई जिम्मेदारी निभाते हुए नजर आएंगे। फैंस को उम्मीद है कि आने वाले समय में वे और भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे और अपने परिवार के साथ इन खास पलों का आनंद लेंगे।
