Virat Kohli से भिड़ने वाले स्टीवन फिन अब बन सकते हैं इंग्लैंड के मुख्य चयनकर्ता
मैदान की जंग से चयन समिति के गलियारों तक: स्टीवन फिन की नई पारी
क्रिकेट जगत से एक बेहद दिलचस्प खबर सामने आ रही है। इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज स्टीवन फिन अब खेल के एक बिल्कुल अलग पहलू में अपनी किस्मत आजमाने जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिन इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के मुख्य चयनकर्ता (Chief Selector) के पद के लिए दौड़ रहे हैं। यह खबर इसलिए भी खास है क्योंकि फिन का नाम एक समय पर भारतीय दिग्गज विराट कोहली के साथ हुई एक तीखी झड़प के कारण चर्चा में रहा था।
यह मौका फिन के लिए तब खुला जब पूर्व चयनकर्ता ल्यूक राइट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। ल्यूक राइट का यह फैसला इंग्लैंड टेस्ट टीम के निराशाजनक एशेज दौरे के बाद आया, जिसने बोर्ड को अपनी चयन रणनीति पर दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया। अब ECB जून 4 को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच से पहले इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति करने की तैयारी में है।
जब विराट कोहली ने ‘शेर’ की तरह दहाड़कर फिन को सिखाया सबक
स्टीवन फिन और विराट कोहली के बीच का मुकाबला क्रिकेट इतिहास के उन पलों में से एक है जिसे आज भी याद किया जाता है। साल 2012 में भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई टेस्ट सीरीज के दौरान इन दोनों के बीच मैदान पर जबरदस्त तनाव देखा गया था। इंग्लैंड के अनुभवी स्पिनर ग्रेम स्वान ने इस मुकाबले को याद करते हुए बताया था कि कैसे युवा कोहली और युवा फिन एक-दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे थे।
ग्रेम स्वान के अनुसार, इंग्लैंड की टीम की योजना यह थी कि विराट कोहली को मैदान पर उकसाया न जाए, क्योंकि कोहली जब गुस्से में आते हैं तो और भी ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं। लेकिन स्टीवन फिन ने इस रणनीति की अनदेखी की। जब कोहली ने फिन की गेंदों पर कुछ शानदार चौके जड़े, तो फिन ने उन्हें उकसाने की कोशिश की। इसका नतीजा यह हुआ कि विराट कोहली “एक बाघ की तरह दहाड़े” और उसके बाद उन्होंने फिन की जमकर खबर ली। कोहली ने फिन को मैदान के चारों ओर बाउंड्री लगाने पर मजबूर कर दिया, जिससे फिन की रणनीति पूरी तरह विफल रही।
£150,000 की नौकरी और करियर का उतार-चढ़ाव
भले ही मैदान पर विराट कोहली ने स्टीवन फिन को पूरी तरह पछाड़ा हो, लेकिन अब फिन एक ऐसी भूमिका की तलाश में हैं जहां उनकी निर्णय लेने की क्षमता की परीक्षा होगी। यह मुख्य चयनकर्ता का पद है, जिसके लिए लगभग £150,000 (करीब 1.3 करोड़ रुपये) का वेतन मिल सकता है।
37 वर्षीय स्टीवन फिन ने हाल ही में साल 2023 में क्रिकेट से संन्यास लिया था। उनके 18 साल लंबे करियर में उन्होंने मिडलसेक्स, ससेक्स और इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। दुर्भाग्य से, घुटने की एक पुरानी और गंभीर चोट ने उन्हें खेल छोड़ने पर मजबूर कर दिया। हालांकि, क्रिकेट से दूर रहने के बावजूद फिन खेल से जुड़े रहे। उन्होंने मीडिया में अपना करियर बनाया और ‘टेस्ट मैच स्पेशल’ (Test Match Special) के लिए साराइज़र के रूप में काम किया, साथ ही एशेज के दौरान TNT के कवरेज का हिस्सा भी रहे।
क्या स्टीवन फिन को मिलेगी मुख्य चयनकर्ता की कुर्सी?
स्टीवन फिन की इस दावेदारी को इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम का भारी समर्थन प्राप्त है। मैकुलम और फिन ने एक साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया है, और मैकुलम उनके काम करने के तरीके और समर्पण से काफी प्रभावित हैं। हालांकि, अंतिम फैसला इंग्लैंड के क्रिकेट डायरेक्टर रॉब की को लेना है।
फिन का बायोडाटा (CV) काफी प्रभावशाली है। उन्हें खेल के प्रति समर्पित, मेहनती और लोकप्रिय माना जाता है। लेकिन सवाल यह भी उठ रहे हैं कि क्या मुख्य चयनकर्ता और मुख्य कोच के बीच बहुत अधिक निकटता भविष्य में किसी समस्या का कारण बनेगी? खासकर तब, जब इंग्लैंड की टीम एशेज में 4-1 की करारी हार के बाद भारी दबाव में है।
कड़ी प्रतिस्पर्धा और आने वाली चुनौतियाँ
स्टीवन फिन इस दौड़ में अकेले नहीं हैं। उनके साथ पूर्व दिग्गज डेरेन गफ भी एक मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। इसके अलावा, स्काई स्पोर्ट्स के प्रस्तोता और पूर्व इंग्लैंड ओपनर निक नाइट का नाम भी इस दौड़ में शामिल है। रॉब की और उनकी टीम इन सभी उम्मीदवारों के अनुभव और दृष्टिकोण का मूल्यांकन कर रही है।
यदि नियुक्ति में और देरी होती है, तो संभव है कि नए चयनकर्ता को गर्मियों की पहली टेस्ट सीरीज के लिए टीम चुनने का मौका न मिले। इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच सीरीज 4 जून से शुरू होगी और 29 जून को नॉटिंघम में तीसरे टेस्ट के साथ समाप्त होगी। इसके बाद इंग्लैंड की टीम जुलाई से भारत की मेजबानी करेगी, जिसमें पांच टी20 और तीन वनडे मैचों की सीरीज खेली जाएगी।
अब देखना यह होगा कि क्या स्टीवन फिन अपनी इस नई पारी में वही आक्रामकता दिखा पाएंगे जो उन्होंने कभी मैदान पर दिखाई थी, या फिर वे एक शांत और रणनीतिकार चयनकर्ता के रूप में उभरेंगे।
