Sooryavanshi targeting Test cricket? Young batter’s conversation with Gavaskar c
आईपीएल 2026 का नया सितारा
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का सीजन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की खिताबी जीत के साथ संपन्न हो गया, लेकिन इस टूर्नामेंट में जिस खिलाड़ी ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं, वे थे 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी। राजस्थान रॉयल्स के लिए ओपनिंग करते हुए सूर्यवंशी ने न केवल सर्वाधिक रन बनाए, बल्कि टूर्नामेंट के दौरान 72 छक्के लगाकर क्रिस गेल के 2012 के 59 छक्कों के रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दिया।
गावस्कर के साथ महत्वपूर्ण बातचीत
अहमदाबाद में खेले गए फाइनल मुकाबले के बाद, क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर और वैभव सूर्यवंशी के बीच हुई बातचीत ने प्रशंसकों में नई उम्मीद जगा दी है। जब गावस्कर ने युवा बल्लेबाज से पूछा कि क्या वह टी20 में सफलता के बाद अब ग्राउंड शॉट्स पर ध्यान दे रहे हैं, तो सूर्यवंशी का जवाब स्पष्ट था। उन्होंने कहा, ‘हाँ, मैं ऐसा कर रहा हूँ क्योंकि अगला असाइनमेंट वनडे है। इसके अलावा, मैं रेड-बॉल (लाल गेंद) के साथ अभ्यास कर रहा हूँ। अभी तक किसी ने मुझे ऐसा करते नहीं देखा है, लेकिन जल्द ही हर कोई देखेगा।’
बल्लेबाजी की तकनीक और सोच
सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी शैली के बारे में बात करते हुए कहा कि लोग उन्हें केवल एक आक्रामक खिलाड़ी समझते हैं जो हर गेंद पर प्रहार करना पसंद करता है। उन्होंने स्पष्ट किया, ‘चूंकि यह टी20 क्रिकेट है, कोचों ने मुझे पूरी आजादी दी है। मेरा विचार यह है कि यदि गेंद मेरी पहुंच में है तो उस पर प्रहार करना चाहिए। मैं मजबूरी में हवा में शॉट खेलना पसंद नहीं करता।’
टेस्ट क्रिकेट के प्रति जुनून
बिहार के इस युवा खिलाड़ी ने अपने भविष्य के लक्ष्यों पर रोशनी डालते हुए स्वीकार किया कि उनका असली सपना टेस्ट क्रिकेट खेलना है। उन्होंने कहा, ‘मैं टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहता हूँ। मेरे पिता हमेशा कहते हैं कि असली फॉर्मेट पांच दिवसीय खेल है। मैंने अभी तक लाल गेंद से ज्यादा क्रिकेट नहीं खेला है। हालांकि मैंने रणजी ट्रॉफी खेली है, लेकिन मुझे ज्यादा मौके नहीं मिले। यह चुनौतीपूर्ण था, लेकिन मैं अपने खेल पर लगातार काम करता रहूँगा।’
सचिन तेंदुलकर का समर्थन
वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा ने क्रिकेट जगत के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का भी ध्यान आकर्षित किया है। क्रिकइन्फो ऑनर्स शो के दौरान तेंदुलकर ने कहा कि इस रोमांचक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, ‘अगर वह अच्छा कर रहा है, तो हमें उसका समर्थन करना चाहिए और उसे बिना किसी दबाव के अपने खेल का आनंद लेने देना चाहिए। चयनकर्ताओं को किसी विशेष फॉर्मेट के लिए खिलाड़ी चुनने के लिए नहीं कहा जा सकता, क्योंकि वह उनका काम है।’
तेंदुलकर ने मजाकिया अंदाज में यह भी जोड़ा, ‘चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर यहाँ बैठे हैं, इसलिए मुझे अपने शब्दों का चयन सावधानी से करना होगा। मैं भी वैभव को किसी स्तर पर टेस्ट क्रिकेट खेलते देखने के लिए उत्साहित हूँ, हालांकि मुझे नहीं पता कि यह कब होगा।’
निष्कर्ष
वैभव सूर्यवंशी का परिपक्व नजरिया और टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका स्पष्ट दृष्टिकोण आने वाले समय के लिए एक सुखद संकेत है। जिस तरह से उन्होंने आईपीएल के दबाव में अपना प्रदर्शन किया है, उससे यह स्पष्ट है कि यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वह भारतीय क्रिकेट के भविष्य के बड़े स्तंभ बन सकते हैं। क्रिकेट प्रेमी अब बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि क्या यह युवा खिलाड़ी अपनी मेहनत से लाल गेंद के प्रारूप में भी वैसी ही छाप छोड़ पाएगा जैसी उसने टी20 में छोड़ी है।
