शाकिब अल हसन की नजरें 2027 वनडे विश्व कप पर, वापसी के लिए बीपीएल पर टिकी उम्मीदें
शाकिब अल हसन का भविष्य: वनडे क्रिकेट और 2027 विश्व कप की चुनौती
क्रिकेट की दुनिया में इस समय वनडे प्रारूप की चर्चा जोरों पर है, क्योंकि 2027 के वनडे विश्व कप का समय धीरे-धीरे नजदीक आ रहा है। बांग्लादेश की टीम भी इस बड़े टूर्नामेंट की तैयारियों में जुटी है और टीम के सबसे बड़े सुपरस्टार शाकिब अल हसन अभी भी इस सफर का हिस्सा बने रहने की प्रबल इच्छा रखते हैं। हालांकि उनके राष्ट्रीय टीम में वापसी को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, लेकिन पूर्व कप्तान का मानना है कि उनमें अभी भी काफी क्रिकेट बाकी है।
बीसीबी और चयनकर्ताओं के पाले में गेंद
हाल ही में ‘ऑफ स्क्रीन विद सईद जमान’ पॉडकास्ट के दौरान, जब शाकिब से राष्ट्रीय टीम में उनकी वापसी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही नपे-तुले शब्दों में जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘यह निर्णय पूरी तरह से बीसीबी (बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड), टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं पर निर्भर है। क्या मैं अभी भी खेलने के लिए पर्याप्त सक्षम हूं, क्या वे मुझे टीम में शामिल करना चाहते हैं, या उन्हें लगता है कि मैं टीम के लिए योगदान दे सकता हूं—ये सब उनके फैसले हैं।’
टेस्ट और टी20 को लेकर शाकिब का रुख
शाकिब ने स्पष्ट किया है कि अब उनकी प्राथमिकताएं बदल चुकी हैं। वह अब टेस्ट या टी20 क्रिकेट के बारे में ज्यादा नहीं सोच रहे हैं। उनका मानना है कि यदि वह इन दोनों प्रारूपों को एक विदाई श्रृंखला के साथ समाप्त कर सकें, तो यह उनके लिए सुखद होगा। उनका सारा ध्यान अब वनडे क्रिकेट पर केंद्रित है, क्योंकि अगले साल होने वाला वनडे विश्व कप उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव हो सकता है।
बीपीएल है वापसी की कुंजी
शाकिब का मानना है कि बांग्लादेश प्रीमियर लीग (बीपीएल) में उनका प्रदर्शन उन्हें राष्ट्रीय टीम में वापस लाने के लिए सबसे बड़ा आधार बन सकता है। उन्होंने कहा, ‘बहुत कुछ परिस्थितियों पर निर्भर करता है, लेकिन अगर मैं इस साल वापस लौट पाता हूं और बीपीएल में अच्छा प्रदर्शन करता हूं, तो राष्ट्रीय टीम के चयनकर्ताओं के पास मेरे बारे में फिर से सोचने के लिए एक ठोस कारण होगा।’
फिटनेस और आत्मविश्वास
हालिया एक साक्षात्कार में, शाकिब ने यह दावा किया था कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के लिए उन्हें सिर्फ एक महीने की फिटनेस ट्रेनिंग की जरूरत है। अपने आत्मविश्वास का श्रेय देते हुए उन्होंने कहा, ‘अगर मेरा प्रदर्शन खराब होता, तो मुझमें यह आत्मविश्वास नहीं होता। अल्हम्दुलिल्लाह, मैंने पिछले आईएलटी20 (ILT20) में भी अच्छा प्रदर्शन किया था। अगर मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा होता, तो टीमें मुझे नहीं चाहतीं।’
उन्होंने स्वीकार किया कि आईएलटी20 के बाद लंबे ब्रेक के कारण उनका वजन थोड़ा बढ़ गया है, लेकिन वह अब कड़ी ट्रेनिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मैंने फिर से प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। अगले महीने से कुछ टूर्नामेंट होने वाले हैं, इसलिए मैं अपनी फिटनेस को वापस लाने की पूरी कोशिश कर रहा हूं।’
एक कठिन दौर और मानसिक मजबूती
शाकिब के लिए वर्तमान समय काफी चुनौतीपूर्ण है। अपने घर से दूर रहना और देश न जा पाना उनके लिए जीवन की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक है। उन्होंने भावुक होकर कहा, ‘यह निश्चित रूप से एक बहुत बड़ी परीक्षा है। मैं उस जगह भी नहीं जा सकता जहाँ मैं पैदा हुआ हूँ। यह एक बहुत ही दर्दनाक अहसास है। यह मेरी मानसिक मजबूती के लिए एक नई चुनौती है। मुझे ऐसा महसूस होता है कि अल्लाह मेरी सबसे कठिन परीक्षा ले रहे हैं।’
शाकिब अल हसन का करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है, लेकिन उनका जुनून अभी भी बरकरार है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बीपीएल का आगामी सत्र उन्हें फिर से बांग्लादेश की जर्सी में देखने का अवसर प्रदान करता है या नहीं। प्रशंसकों की नजरें अब उनके मैदान पर लौटने और प्रदर्शन करने की दिशा पर टिकी हुई हैं।
