Sanjay Manjrekar attacks Ajit Agarkar and BCCI over Yashasvi Jaiswal’s exclusion – संजय मांजरेकर ने अफगानिस्तान सीरीज से यशस्वी जायसवाल को बाहर करने पर अगरकर और BCCI पर साधा निशाना
संजय मांजरेकर ने यशस्वी जायसवाल को बाहर करने पर BCCI और अजीत अगरकर पर साधा निशाना
पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को भारतीय वनडे टीम से बाहर किए जाने पर चयनकर्ताओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मांजरेकर का मानना है कि जायसवाल जैसे प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी को चयन समिति से माफी मिलनी चाहिए। यह तीन मैचों की वनडे सीरीज 14 जून से शुरू होने वाली है। चयन समिति के इस फैसले ने क्रिकेट जगत में एक नई बहस छेड़ दी है, जहां अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के बीच संतुलन पर फिर से विचार किया जा रहा है।
अफगानिस्तान सीरीज के लिए टीम चयन में चौंकाने वाले फैसले
अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति द्वारा घोषित टीम में कई चौंकाने वाले नाम शामिल थे, जिनमें कुछ उम्मीद के विपरीत शामिल किए गए और कुछ बाहर किए गए। यशस्वी जायसवाल और ऋषभ पंत को टीम से बाहर कर दिया गया है, जबकि अक्षर पटेल भी इस सूची में हैं। ईशान किशन को टीम में वापस बुलाया गया है, जो उनके हालिया प्रदर्शन का परिणाम हो सकता है। चोटों के कारण रवींद्र जडेजा और मोहम्मद शमी को आराम दिया गया है, वहीं रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या को उनकी फिटनेस पर प्रश्नचिह्न के बावजूद टीम में शामिल किया गया है। तेज गेंदबाज प्रिंस यादव और गुरनूर बरार को पहली बार भारतीय टीम में जगह मिली है, उनके साथ बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे भी शामिल हैं। बाकी टीम में अपेक्षित नाम ही हैं, लेकिन इन कुछ बदलावों ने चयन नीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मांजरेकर का सीधा सवाल: “जायसवाल और साई सुदर्शन से माफी मांगनी चाहिए”
स्पोर्टस्टार से बात करते हुए, संजय मांजरेकर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि चयनकर्ताओं को यशस्वी जायसवाल और साई सुदर्शन जैसे खिलाड़ियों को नजरअंदाज करने के लिए उनसे माफी मांगनी चाहिए। मांजरेकर ने तर्क दिया कि युवा खिलाड़ियों की अनदेखी करके रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को तरजीह देना समझ से परे है, खासकर जब इन युवा खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया हो। उन्होंने रोहित शर्मा की फिटनेस की कमी पर भी निशाना साधा और कहा कि यह चयनकर्ताओं को अनावश्यक समझौते करने पर मजबूर कर रही है।
मांजरेकर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा, “साई सुदर्शन ने भारत के लिए वनडे में शीर्ष क्रम में खेलते हुए अपनी पिछली कुछ पारियों में दो अर्धशतक लगाए हैं। यशस्वी जायसवाल की पिछली वनडे पारी 116 रन नाबाद थी, और ये खिलाड़ी भारत के लिए नहीं खेल रहे हैं।” उन्होंने आगे सवाल किया, “चयनकर्ताओं ने एक ऐसे अनुभवी खिलाड़ी को चुना है जिसकी फिटनेस सवालों के घेरे में है, और वह स्पष्ट रूप से फॉर्म में भी नहीं है। मुझे समझाएं, इसके पीछे क्या तर्क है, क्या दूरदर्शिता है?”
“विजन क्या है? रोहित के लिए समझौता क्यों?”
संजय मांजरेकर ने अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि किसी भी कारणवश चयनकर्ताओं को रोहित शर्मा को चुनना पड़ा और समझौता करना पड़ा, तो उन्हें सबसे पहले जायसवाल को फोन करके माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा, “यह एक युवा खिलाड़ी है जिसने सबसे कठिन स्तर पर जबरदस्त चीजें की हैं, वह अपने चरम पर है और उसका भविष्य उज्ज्वल है।” मांजरेकर ने भारतीय टीम के लिए एक आदर्श शीर्ष तीन का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा, “आपके पास गिल, साई सुदर्शन और जायसवाल के रूप में एक आदर्श शीर्ष तीन है, और आप उन्हें समर्थन नहीं दे रहे हैं, और रोहित शर्मा की ओर जा रहे हैं। कम से कम विराट कोहली के मामले में कुछ हद तक तर्क हो सकता है।” यह टिप्पणी भारतीय क्रिकेट के भविष्य और युवा प्रतिभाओं को अवसर देने की आवश्यकता पर जोर देती है।
भारतीय क्रिकेट का भविष्य और युवा प्रतिभाएं
संजय मांजरेकर ने आगे कहा कि इस समय भारतीय टीम में युवा बल्लेबाजों की कोई कमी नहीं है, जो विराट कोहली और रोहित शर्मा के प्रदर्शन को दोहराने में पूरी तरह सक्षम हैं। मांजरेकर ने चयन समिति से भारतीय क्रिकेट के भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया और कहा कि कोहली और रोहित जैसे उम्रदराज अनुभवी खिलाड़ी अब जरूरी नहीं कि भविष्य का हिस्सा हों। उन्होंने अजीत अगरकर की सोच पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि वह कल्पना नहीं कर सकते कि अगरकर को लगता होगा कि यह भारतीय क्रिकेट के लिए सही रास्ता है।
मांजरेकर ने जोर देकर कहा, “यदि आप रोहित और विराट पर इतना ध्यान केंद्रित करने जा रहे हैं कि आप अन्य सभी को नजरअंदाज कर देंगे, तो एक समय आता है जब आपको भारतीय क्रिकेट के भविष्य को देखना होता है। गिल, किशन, सुदर्शन और गायकवाड़ जैसे सभी बल्लेबाज क्लास हैं। उन्हें 10 पारियां दें, वे आपको वही नंबर देंगे जो विराट और रोहित ने दिए हैं।” यह बयान भारतीय क्रिकेट के भीतर एक पीढ़ीगत बदलाव की आवश्यकता और युवा प्रतिभाओं को पर्याप्त अवसर प्रदान करने की मांग को रेखांकित करता है।
यशस्वी जायसवाल का वनडे करियर: आंकड़े बोलते हैं
भारतीय शीर्ष क्रम में स्पष्ट भीड़भाड़ के कारण, जायसवाल को अपना वनडे पदार्पण करने के लिए 2025 तक इंतजार करना पड़ा, जबकि वह पहले ही लगभग दो साल पहले अन्य दो प्रारूप खेल चुके थे। कुल मिलाकर, यशस्वी जायसवाल ने केवल 4 वनडे खेले हैं और उनमें 171 रन बनाए हैं। इसमें उनके आखिरी मैच में 116* रन भी शामिल हैं, जैसा कि मांजरेकर ने बताया। जायसवाल का वर्तमान में इस प्रारूप में बल्लेबाजी औसत 57 और स्ट्राइक रेट 86 है, जो उनके असाधारण प्रदर्शन को दर्शाता है। इन प्रभावशाली आंकड़ों के बावजूद, उन्हें टीम से बाहर करना कई विशेषज्ञों और प्रशंसकों के लिए चिंता का विषय बन गया है। चयन समिति को यह समझना होगा कि केवल प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ियों में निवेश भी भविष्य की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है।
