Sairaj Bahutule joins India team as spin-bowling coach ahead of Afghanistan Test – साईराज बहुतुले अफगानिस्तान टेस्ट से पहले स्पिन-बॉलिंग कोच के रूप में भारतीय टीम में शामिल
साईराज बहुतुले: भारतीय स्पिन विभाग को नई दिशा देने की तैयारी
भारतीय क्रिकेट टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी एकमात्र टेस्ट मैच से पहले एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पूर्व भारतीय लेग स्पिनर साईराज बहुतुले को टीम के स्पिन-बॉलिंग कोच के रूप में नियुक्त किया गया है। 53 वर्षीय बहुतुले नई चंडीगढ़ में होने वाले इस मुकाबले से पहले टीम के साथ जुड़ गए हैं। उनकी भूमिका केवल टेस्ट क्रिकेट तक सीमित नहीं रहेगी; वह सफेद गेंद के प्रारूप में भी भारतीय स्पिनरों के साथ मिलकर काम करेंगे, जिससे टीम के स्पिन आक्रमण को समग्र रूप से मजबूती मिलेगी।
अनुभवी कोच का लंबा सफर
साईराज बहुतुले का कोचिंग करियर काफी प्रभावशाली रहा है। भारतीय टीम के साथ यह उनका नवीनतम कार्यकाल है, लेकिन इससे पहले भी वह विभिन्न स्तरों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनका सबसे हालिया जुड़ाव आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स (PBKS) के साथ था, जहाँ उन्होंने स्पिन-बॉलिंग कोच के रूप में काम किया था। आईपीएल जैसे उच्च-दबाव वाले टूर्नामेंट में खिलाड़ियों के साथ काम करने का उनका अनुभव भारतीय टीम के लिए अमूल्य साबित होगा।
आईपीएल से परे, बहुतुले ने घरेलू क्रिकेट में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने केरल और बंगाल की पुरुष टीमों के साथ काम किया है, जिससे उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले युवा और अनुभवी स्पिनरों की कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिला। उनका यह अनुभव उन्हें भारतीय टीम के मौजूदा स्पिनरों की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा।
इसके अतिरिक्त, बहुतुले 2018 से 2021 तक राजस्थान रॉयल्स के सहयोगी स्टाफ का भी हिस्सा रहे थे। आईपीएल में एक फ्रेंचाइजी के साथ इतने लंबे समय तक काम करने से उन्हें खेल की गतिशीलता और खिलाड़ियों के विकास की गहरी समझ हासिल हुई। राजस्थान रॉयल्स के साथ अपने कार्यकाल के बाद, वह राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) में शामिल हो गए। एनसीए में रहते हुए, उन्होंने राहुल द्रविड़ के मुख्य कोच रहते हुए भारत ए असाइनमेंट और कुछ भारत सीरीज के लिए सहयोगी स्टाफ के रूप में कार्य किया। इस अनुभव ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के शीर्ष स्तर पर आने वाले युवा प्रतिभाओं के साथ काम करने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच के लिए तैयार करने का अवसर दिया। आईपीएल 2025 में उन्होंने एक साल के लिए रॉयल्स के साथ एक और कार्यकाल के लिए वापसी की, जो खेल के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता और उनकी विशेषज्ञता की उच्च मांग को दर्शाता है।
घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन
साईराज बहुतुले का अंतरराष्ट्रीय करियर छोटा रहा, उन्होंने 1997 में भारत के लिए पदार्पण किया और 2003 में अपना अंतिम मैच खेला। इस दौरान, उन्होंने केवल दो टेस्ट और आठ एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। हालांकि, घरेलू क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड असाधारण रहा है। लगभग 20 साल के अपने करियर में, उन्होंने 188 प्रथम श्रेणी मैचों में 630 विकेट लिए, जो उनकी निरंतरता और कौशल का प्रमाण है। इसके अलावा, उन्होंने 143 लिस्ट ए खेलों में 197 विकेट भी हासिल किए। एक लेग स्पिनर के रूप में इतने विकेट लेना उनकी कला और खेल की गहरी समझ को दर्शाता है, जो अब भारतीय टीम के युवा स्पिनरों को मिलेगा।
भारतीय टीम का समर्थन स्टाफ और वर्तमान चुनौतियां
साईराज बहुतुले एक ऐसे भारतीय समर्थन स्टाफ में शामिल होंगे जिसमें वर्तमान में कोई स्पिन-बॉलिंग कोच नहीं था। उनकी नियुक्ति से गौतम गंभीर (मुख्य कोच), सितांशु कोटक (बल्लेबाजी), मोर्ने मोर्कल (तेज गेंदबाजी), टी दिलीप (फील्डिंग) और रयान टेन डोशेट (सहायक कोच) जैसे अनुभवी नामों से सजे स्टाफ को और मजबूती मिलेगी। यह एक संतुलित और मजबूत कोचिंग टीम तैयार करता है जो भारतीय टीम को सभी प्रारूपों में उत्कृष्टता प्राप्त करने में मदद कर सकती है।
भारतीय टीम वर्तमान में विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) अंक तालिका में छठे स्थान पर है, जिसने चार टेस्ट जीते हैं और चार हारे हैं, जबकि एक ड्रॉ रहा है। हाल के घरेलू टेस्ट श्रृंखला में प्रदर्शन भी चिंता का विषय रहा है। टीम ने अपनी पिछली तीन घरेलू टेस्ट श्रृंखलाओं में से दो गंवाई हैं: 2024 के अंत में न्यूजीलैंड से 3-0 से सफ़ाया हुआ, और फिर नवंबर 2025 में दक्षिण अफ्रीका से 2-0 से हार मिली। ऐसे में, एक अनुभवी स्पिन-बॉलिंग कोच का आगमन टीम के स्पिन आक्रमण को मजबूत करने और घर में अपनी खोई हुई पकड़ को फिर से हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
अफगानिस्तान टेस्ट: एक नई शुरुआत
भारत इस साल का अपना पहला टेस्ट मैच आईपीएल समाप्त होने के एक सप्ताह से भी कम समय के बाद अफगानिस्तान के खिलाफ नई चंडीगढ़ में 6 से 10 जून तक खेलेगा। आईपीएल के तुरंत बाद टेस्ट क्रिकेट में बदलाव खिलाड़ियों के लिए एक चुनौती होगी, और ऐसे में बहुतुले की उपस्थिति स्पिनरों को मानसिक और तकनीकी रूप से तैयार करने में मदद करेगी। अफगानिस्तान की टीम हाल के वर्षों में क्रिकेट के सभी प्रारूपों में एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरी है, और उन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता। यह टेस्ट मैच न केवल भारत के लिए WTC अंक हासिल करने का अवसर है, बल्कि साईराज बहुतुले के कोचिंग कार्यकाल की शुरुआत का भी प्रतीक है। उनका अनुभव और विशेषज्ञता निश्चित रूप से भारतीय स्पिन विभाग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी, जिससे टीम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेगी।
