लाइव टीवी पर वेपिंग करते पकड़े गए रियान पराग: क्या BCCI लगाएगा बैन? जानें पूरा मामला
लाइव टीवी पर बड़ी लापरवाही: ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करते दिखे रियान पराग
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के रोमांचक मुकाबलों के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने प्रशंसकों और क्रिकेट अधिकारियों को चौंका दिया है। राजस्थान रॉयल्स (RR) के कप्तान रियान पराग एक गंभीर विवाद में फंस गए हैं। पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए एक बहुप्रतीक्षित मैच के दौरान, पराग को ड्रेसिंग रूम में ‘वेप’ (vape) का सेवन करते हुए लाइव टीवी पर देखा गया।
यह पूरी घटना मैच की दूसरी पारी के 16वें ओवर के दौरान हुई। जब ब्रॉडकास्टर का कैमरा राजस्थान रॉयल्स के ड्रेसिंग रूम की ओर घूमा, तो वहां रियान पराग स्पष्ट रूप से वेपिंग करते हुए नजर आए। जैसे ही यह विजुअल स्क्रीन पर आया, सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया और प्रशंसक इस बात से नाराज दिखे कि एक युवा खिलाड़ी, जो लाखों युवाओं के लिए रोल मॉडल है, इस तरह की गतिविधि में संलिप्त है।
मैदान पर खराब प्रदर्शन और फिर यह विवाद
रियान पराग के लिए यह टूर्नामेंट व्यक्तिगत स्तर पर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। पंजाब किंग्स के खिलाफ इस मैच में, पराग ने 16 गेंदों में 29 रन बनाए, लेकिन एक महत्वपूर्ण मोड़ पर अपना विकेट गंवाकर वह अपनी टीम को निराश कर गए। आउट होने के बाद ड्रेसिंग रूम में उनकी यह हरकत उनके मानसिक दबाव या लापरवाही को दर्शाती है, जिसे प्रशंसकों ने बिल्कुल भी पसंद नहीं किया।
इंटरनेट पर यह वीडियो आग की तरह फैल गया है। प्रशंसक अब बीसीसीआई (BCCI) की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि 24 वर्षीय पराग को उनकी इस हरकत के लिए कड़े दंड या प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है।
क्या बीसीसीआई लगाएगा बैन? कानूनी पहलू और नियम
अगर नियमों की बात करें, तो ड्रेसिंग रूम में धूम्रपान या वेपिंग को लेकर कोई विशिष्ट लिखित नियम नहीं हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि रियान पराग बिना किसी सजा के बच निकलेंगे। बीसीसीआई अनुशासन के मामले में बहुत सख्त है, खासकर जब बात खिलाड़ी की छवि और युवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव की हो।
सबसे गंभीर बात यह है कि भारत में वेपिंग कानूनी रूप से प्रतिबंधित है। ‘इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम’ (PECA) 2019 के तहत, भारत में ई-सिगरेट का उत्पादन, निर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री, वितरण, भंडारण और विज्ञापन पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इस कानून का उल्लंघन करने पर कारावास तक की सजा का प्रावधान है।
इस प्रकार, पराग न केवल खेल अनुशासन के दायरे में आ सकते हैं, बल्कि कानूनी मुश्किलों में भी फंस सकते हैं। बीसीसीआई के लिए यह एक संवेदनशील मुद्दा है क्योंकि क्रिकेटर युवाओं के आदर्श होते हैं और ऐसी घटनाएं लीग की छवि को धूमिल करती हैं।
रियान पराग का संघर्षपूर्ण आईपीएल सीजन
टीम के नजरिए से देखें तो राजस्थान रॉयल्स का प्रदर्शन शानदार रहा है। पराग की कप्तानी में टीम ने पंजाब किंग्स को हराया और 9 मैचों में 12 अंक हासिल कर तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। लेकिन व्यक्तिगत मोर्चे पर, रियान पराग का सीजन काफी निराशाजनक रहा है।
- कुल रन: 9 पारियों में केवल 116 रन।
- औसत: मात्र 14.50 का औसत।
- सर्वश्रेष्ठ स्कोर: पंजाब किंग्स के खिलाफ 29 रन।
एक कप्तान और मुख्य बल्लेबाज के रूप में, पराग पर रन बनाने और टीम का नेतृत्व करने का भारी दबाव है। ऐसे में इस विवाद ने उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। अब उन्हें न केवल अपने खेल पर ध्यान देना होगा, बल्कि आने वाले दिनों में बीसीसीआई और अपनी फ्रेंचाइजी को अपनी हरकतों के लिए जवाब भी देना होगा। राजस्थान रॉयल्स का अगला मुकाबला 1 मई को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ है।
राजस्थान रॉयल्स के लिए विवादों भरा सीजन
यह पहली बार नहीं है जब राजस्थान रॉयल्स विवादों में घिरी हो। कुछ हफ्ते पहले, टीम मैनेजर रोमी भिंडर को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ मैच के दौरान डग-आउट में मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पकड़ा गया था। उस समय उनके साथ वैभव सूर्यवंशी भी मौजूद थे।
उस घटना के बाद, भारतीय बोर्ड ने रोमी भिंडर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। हालांकि उम्मीद थी कि कोई गंभीर कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन आईपीएल समिति ने भिंडर पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। अब रियान पराग के इस मामले ने टीम को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है, लेकिन यह विवाद पिछले विवाद से कहीं अधिक गंभीर नजर आता है।
अब देखना यह होगा कि बीसीसीआई इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या रियान पराग को उनकी इस लापरवाही की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
