IPL 2026: ऋषभ पंत की कप्तानी पर उठे सवाल, मनोज तिवारी ने एमएस धोनी और रोहित शर्मा से की तुलना
आईपीएल 2026 में ऋषभ पंत की कप्तानी पर संकट
लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) का आईपीएल 2026 का अभियान उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत रहा है। टीम अंक तालिका में सबसे निचले पायदान पर संघर्ष कर रही है, जिससे कप्तान ऋषभ पंत की नेतृत्व क्षमता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। नौ मैचों में केवल दो जीत दर्ज कर पाना टीम की दयनीय स्थिति को दर्शाता है।
LSG के मालिक संजीव गोयनका ने शुरुआत में यह उम्मीद जताई थी कि ऋषभ पंत भविष्य में एमएस धोनी और रोहित शर्मा जैसे महान कप्तानों की श्रेणी में खड़े होंगे। हालांकि, पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी का मानना है कि पंत के लिए यह मुकाम हासिल करना अभी बहुत दूर की कौड़ी है।
पंत का खराब ट्रैक रिकॉर्ड
आंकड़ों पर नजर डालें तो पंत का रिकॉर्ड बेहद निराशाजनक रहा है। वर्ष 2025 में कप्तानी संभालने के बाद से उन्होंने 23 मैचों में टीम का नेतृत्व किया है, जिसमें से टीम केवल आठ मैच जीत सकी है। उनका जीत का प्रतिशत महज 0.571 है। इसके विपरीत, क्रुणाल पांड्या का रिकॉर्ड कहीं बेहतर रहा है, जिन्होंने छह मैचों में कप्तानी करते हुए तीन जीत हासिल की हैं।
घरेलू मैदान पर भी पंत की रणनीति कारगर साबित नहीं हुई है। लखनऊ में खेले गए 13 मैचों में से टीम सिर्फ तीन बार जीत दर्ज कर पाई है। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ इसी सीजन में 119 रन पर पूरी टीम का ढेर हो जाना उनके कप्तानी काल का एक काला अध्याय बनकर उभरा है।
मनोज तिवारी ने क्या कहा?
हाल ही में मुंबई इंडियंस के खिलाफ मिली छठी लगातार हार के बाद, मनोज तिवारी ने पंत की रणनीतिक विफलताओं पर तीखी प्रतिक्रिया दी। तिवारी के अनुसार, पंत विपक्षी टीम की रणनीति को समझने और अपने गेंदबाजों से सही क्रियान्वयन कराने में विफल रहे हैं।
तिवारी ने क्रिकबज से बातचीत करते हुए कहा, ‘पंत रणनीतिक रूप से पीछे छूट रहे हैं। मुंबई के खिलाफ प्रिंस यादव ने यॉर्कर का इस्तेमाल कर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन पंत अन्य गेंदबाजों को सही दिशा नहीं दे सके। अर्जुन तेंदुलकर, जो नेट्स में लगातार सटीक यॉर्कर डाल रहे हैं, को टीम में शामिल न करना एक बड़ी चूक है। यहीं पर एमएस धोनी और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज कप्तान अलग साबित होते हैं।’
प्लेऑफ की उम्मीदें खत्म?
आईपीएल 2026 में अब लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए प्लेऑफ की राह लगभग बंद हो चुकी है। पंजाब किंग्स, आरसीबी, सनराइजर्स हैदराबाद, राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस जैसी टीमें पहले ही बेहतर स्थिति में हैं। वहीं, चेन्नई सुपर किंग्स, दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स भी प्लेऑफ की दौड़ में आगे हैं। ऐसे में अंक तालिका के सबसे नीचे मौजूद लखनऊ के लिए वापसी करना किसी पहाड़ को फतह करने जैसा होगा।
पंत के लिए यह दौर न केवल एक कप्तान के तौर पर, बल्कि एक खिलाड़ी के तौर पर भी बेहद चुनौतीपूर्ण है। क्या वे इस दबाव से उबर पाएंगे, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल तो उनकी कप्तानी पर मंडराते सवाल थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
