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रिंकू सिंह की फॉर्म में वापसी का राज: कोच अभिषेक नायर ने किया केकेआर के ‘फिनिशर’ की तकनीक का खुलासा

Milo Singh · · 1 min read

रिंकू सिंह: शुरुआती संघर्ष से लेकर शानदार वापसी तक का सफर

आईपीएल 2026 के शुरुआती चरण में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह अपनी फॉर्म के लिए जूझते नजर आए थे। अपनी पहली पांच पारियों में 4, 1 और 6 जैसे छोटे स्कोर बनाने के बाद, उन पर दबाव बढ़ता जा रहा था। हालांकि, पिछले चार मैचों में रिंकू ने पूरी तरह से पासा पलट दिया है। उन्होंने अपनी पिछली चार पारियों में बिना आउट हुए 207 रन बनाए हैं, और इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 172 का रहा है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ हालिया मैच में भी उन्होंने मात्र 29 गेंदों पर नाबाद 49 रनों की पारी खेलकर टीम को 192 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।

सेंटर-विकेट प्रैक्टिस: आत्मविश्वास लौटाने का मास्टर प्लान

केकेआर के हेड कोच अभिषेक नायर ने खुलासा किया कि जब टीम और रिंकू अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे थे, तब उन्होंने नेट्स के बजाय ‘सेंटर-विकेट प्रैक्टिस’ पर अधिक ध्यान देने का फैसला किया। नायर के अनुसार, रिंकू और वरुण चक्रवर्ती जैसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों के लिए टूर्नामेंट की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी, इसलिए उनके आत्मविश्वास को वापस लाने के लिए उन्हें मैच जैसी परिस्थितियों में अभ्यास कराना जरूरी था। नायर ने बताया, “रिंकू के लिए हमने उन्हें मैदान के बीचों-बीच (सेंटर में) ले जाने की प्रक्रिया अपनाई। इससे उन्हें यह महसूस करने में मदद मिली कि वे अभी भी बाउंड्री पार कर सकते हैं और बड़े शॉट खेल सकते हैं।”

नया ट्रिगर मूवमेंट: तकनीक में बड़ा बदलाव

बल्लेबाजी में सुधार केवल मानसिक नहीं था, बल्कि इसमें एक सूक्ष्म तकनीकी बदलाव भी शामिल था। अभिषेक नायर ने रिंकू के ‘ट्रिगर मूवमेंट’ में बदलाव की ओर इशारा करते हुए कहा, “यदि आपने ध्यान दिया हो, तो रिंकू की शुरुआती हरकत अब बदल गई है। पहले की तुलना में अब वह क्रीज पर थोड़ा ‘वॉक अक्रॉस’ (तिरछा चलना) कर रहे हैं। हमने महसूस किया कि यह बदलाव उनकी बल्लेबाजी में मददगार साबित हो सकता है। रिंकू ने पहले कभी ऐसा नहीं किया था, लेकिन हमने इसे उनके खेल में जोड़ा और इसके परिणाम सकारात्मक रहे।” इस छोटे से बदलाव ने रिंकू को गेंद को बेहतर तरीके से टाइम करने और मैदान के चारों ओर शॉट खेलने की आजादी दी है।

मानसिक दृढ़ता और टीम का सुरक्षित माहौल

तकनीकी बदलावों के अलावा, केकेआर प्रबंधन ने खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य और उनके विश्वास को बहाल करने पर भी काफी मेहनत की। आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में खिलाड़ियों पर सोशल मीडिया और बाहरी शोर का काफी दबाव होता है। नायर ने स्वीकार किया कि खराब फॉर्म के दौरान खिलाड़ियों को अपने करीबी दोस्तों और परिवार से भी नकारात्मक संदेश मिल सकते हैं, जो उनके मनोबल को तोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा, “हमने एक ऐसा माहौल तैयार किया जहां खिलाड़ी सुरक्षित महसूस करें, चाहे परिणाम कुछ भी हो। हम चाहते थे कि वे बिना किसी डर के मैदान पर उतरें।” यही कारण है कि केकेआर ने कठिन समय में भी अपने प्रमुख खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखा और टीम में लगातार बदलाव करने से परहेज किया।

केकेआर की प्लेऑफ की राह और भविष्य की चुनौतियां

रिंकू सिंह की फॉर्म में वापसी के साथ ही केकेआर की किस्मत भी बदलती दिख रही है। टीम ने अपने पिछले पांच मैचों में से चार में जीत दर्ज की है। हालांकि आरसीबी के खिलाफ हार के बाद वे तालिका में नौ अंकों के साथ आठवें स्थान पर हैं, लेकिन प्लेऑफ की उम्मीदें अभी भी जिंदा हैं। नायर का मानना है कि यदि टीम अपनी प्रक्रियाओं में निरंतर रहती है, तो वे वापसी कर सकते हैं। आगामी मैचों के लिए केकेआर अपने घरेलू मैदान, ईडन गार्डन्स लौटेगी, जहां उन्हें अपने अगले तीनों मैच जीतने होंगे। कोच नायर को उम्मीद है कि स्टार स्पिनर वरुण चक्रवर्ती, जो वर्तमान में पैर के अंगूठे के फ्रैक्चर से जूझ रहे हैं, अगले मैच तक फिट हो जाएंगे।

निष्कर्ष

रिंकू सिंह की कहानी यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, तकनीकी सुधार और टीम के समर्थन से किसी भी खराब दौर को पीछे छोड़ा जा सकता है। अभिषेक नायर और केकेआर के कोचिंग स्टाफ ने जिस तरह से रिंकू की प्रतिभा पर भरोसा जताया, उसका फल अब टीम को मिल रहा है। जैसे-जैसे आईपीएल अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है, रिंकू सिंह का यह नया अवतार विपक्षी टीमों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। केकेआर के प्रशंसकों को उम्मीद होगी कि रिंकू का यह फॉर्म ईडन गार्डन्स में भी जारी रहे और टीम प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर सके।

Milo Singh

Milo Singh is a cricket data analyst and writer for BBC Sport, where he decodes the game through advanced analytics, performance metrics, and tactical breakdowns. A Punjabi-born tech graduate turned journalist, Singh combines a computer scientist’s rigour with a fan’s intuition. He specialises in T20 match-ups, Indian domestic talent scouting, and the evolving role of technology in umpiring and coaching. After completing his MA at Cardiff University, Singh became a regular voice on BBC Test Match Special's digital platforms and a contributor to The Analyst and CricViz. Whether explaining expected wickets in the Powerplay or visualising a Ranji Trophy breakout star, his work makes complex data accessible and compelling for all cricket lovers.