Cricket News

Revealed: Why BCCI Didn’t Punish Virat Kohli For Travis Head Handshake Snub

Victor Jain · · 1 min read

आईपीएल में गरमाया विवाद: कोहली और हेड की तकरार

आईपीएल के मौजूदा सीजन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच हुए मुकाबले ने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस मैच के दौरान विराट कोहली और ट्रैविस हेड के बीच की गहमागहमी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद की 55 रनों की शानदार जीत के बाद, प्रशंसकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर बीसीसीआई ने विराट कोहली के खिलाफ कोई सख्त कदम क्यों नहीं उठाया?

मैदान पर क्या हुआ था?

विवाद की शुरुआत तब हुई जब मैच के दौरान कोहली और हेड के बीच तीखी बहस देखी गई। मैच के कुछ वीडियो क्लिप्स वायरल हुए, जिनमें कोहली को मिड-विकेट पर तैनात ट्रैविस हेड की ओर इशारा करते हुए देखा गया। माहौल तब और अधिक तनावपूर्ण हो गया जब मैच के बाद का एक वीडियो सामने आया, जिसमें कथित तौर पर कोहली, ट्रैविस हेड से हाथ मिलाए बिना ही आगे बढ़ गए। हालाँकि, कोहली ने उसी दौरान पैट कमिंस और अभिषेक शर्मा जैसे अन्य खिलाड़ियों के साथ गर्मजोशी दिखाई, लेकिन हेड को अनदेखा करना प्रशंसकों के बीच आलोचना का कारण बन गया।

बीसीसीआई ने कार्रवाई क्यों नहीं की?

सोशल मीडिया पर हो रही आलोचनाओं के बावजूद, बीसीसीआई और आईपीएल के अधिकारी किसी भी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के मूड में नहीं हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, क्रिकेट में हाथ मिलाना ‘खेल भावना’ (Spirit of Cricket) का हिस्सा माना जाता है, न कि कोई अनिवार्य नियम। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई के एक सूत्र ने स्पष्ट किया कि भारत और पाकिस्तान जैसे चिर-प्रतिद्वंद्वी देशों के खिलाड़ी भी अक्सर मैचों के बाद हाथ नहीं मिलाते हैं। इसलिए, केवल हाथ न मिलाने के कारण किसी खिलाड़ी को दंडित करना तार्किक नहीं है। यह पूरी तरह से एक खिलाड़ी का निजी फैसला होता है।

क्रिकेट में पुराने उदाहरण

यह पहला मौका नहीं है जब क्रिकेट के मैदान पर ऐसी घटना हुई हो। अतीत में भी कई बार ऐसी स्थितियाँ देखने को मिली हैं। उदाहरण के तौर पर, 2025 के एशिया कप के दौरान भारत और पाकिस्तान के मैच के बाद भी ऐसी ही स्थिति देखी गई थी, जहाँ भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान छोड़ने का फैसला किया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई बार खिलाड़ी भावनाओं के आवेश में आकर या आपसी असहमति के चलते हाथ मिलाने की परंपरा का पालन नहीं करते हैं।

निष्कर्ष: जुनून बनाम खेल भावना

यह सच है कि विराट कोहली का यह व्यवहार कई प्रशंसकों को अपमानजनक लग सकता है, और स्वाभाविक रूप से इसे लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं भी आई हैं। लेकिन अंततः, क्रिकेट एक ऐसा खेल है जो भारी दबाव और जुनून के बीच खेला जाता है। आईपीएल जैसे हाई-प्रोफाइल टूर्नामेंट में खिलाड़ियों के बीच तनाव होना एक आम बात है। बीसीसीआई का रुख यह दर्शाता है कि नियमों को केवल गंभीर अनुशासनहीनता के लिए बनाया गया है, न कि खिलाड़ियों के निजी व्यवहार या भावनाओं को नियंत्रित करने के लिए। अंत में, खेल का आनंद लेना और मैदान की घटनाओं को वहीं छोड़ देना ही खेल की असली भावना है। ऐसे विवादों को अनावश्यक रूप से तूल देने के बजाय, हमें खेल के रोमांच पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

Victor Jain

Victor Jain is one of the most recognisable bilingual voices in Indian cricket, serving as a senior Hindi commentator for JioCinema and a columnist for The Caravan. A history graduate from the University of Delhi, Victor brings an archival depth to his analysis, often unearthing forgotten tales from India’s pre‑IPL cricketing heritage. He splits his time between the commentary box and the editing suite, having produced acclaimed short documentaries on the rise of the Women’s Premier League and the fast‑bowling culture in Delhi's club circuit. His work spans live match calling on billion‑strong digital platforms, long‑form features, and media rights commentary, always delivered with a distinctive blend of old‑school reverence and new‑age candour. Victor often says he learned more about cricket from the radio commentaries of the 1990s than any coaching manual — a philosophy that shapes his immersive, story‑driven style.