Rajat Patidar becomes threat to Shreyas Iyer as legendary cricketer makes bold T – क्या रजत पाटीदार छीन लेंगे श्रेयस अय्यर की जगह? रविचंद्रन अश्विन ने दिया बड़ा बयान
रजत पाटीदार की चमक और भारतीय टीम में वापसी की चर्चा
आईपीएल 2026 का मौजूदा सीजन कई खिलाड़ियों के लिए करियर बदलने वाला साबित हो रहा है, लेकिन सबसे अधिक चर्चा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के कप्तान रजत पाटीदार की हो रही है। धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में गुजरात टाइटंस के खिलाफ क्वालीफायर 1 मुकाबले में पाटीदार ने जिस तरह से 33 गेंदों में नाबाद 93 रनों की विस्फोटक पारी खेली, उसने क्रिकेट जगत को चौंका दिया है। इस जीत के साथ ही आरसीबी ने लगातार दूसरी बार फाइनल का टिकट पक्का कर लिया है, जो 2025 में खिताब जीतने के बाद एक और बड़ी उपलब्धि है।
अश्विन का कड़ा रुख: पाटीदार बनाम श्रेयस अय्यर
अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर स्पष्ट किया है कि रजत पाटीदार की काबिलियत को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अश्विन का मानना है कि भारतीय चयनकर्ताओं को अब श्रेयस अय्यर की तुलना में पाटीदार को प्राथमिकता देनी चाहिए। उनका कहना है, ‘अगर इस प्रदर्शन के बाद भी पाटीदार के नाम पर चर्चा नहीं होती है, तो यह चयन प्रक्रिया में एक बड़ी कमी है। उन्होंने केवल स्पिनरों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि तेज गेंदबाजों के खिलाफ भी अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है।’
प्रदर्शन का विश्लेषण
रजत पाटीदार ने इस सीजन में अपनी बल्लेबाजी से निरंतरता दिखाई है। 13 पारियों में 196.76 के प्रभावशाली स्ट्राइक रेट के साथ 86 रन बनाकर, वे टीम के दूसरे सबसे सफल बल्लेबाज बनकर उभरे हैं। पाटीदार का खेल केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे दबाव के क्षणों में जिस तरह से टीम की कमान संभालते हैं, वह उन्हें एक परिपक्व खिलाड़ी बनाता है।
क्यों है पाटीदार का पलड़ा भारी?
- दबाव में बल्लेबाजी: क्वालीफायर जैसे बड़े मैचों में रन बनाने की पाटीदार की आदत उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाती है।
- आक्रामक रुख: उनका उच्च स्ट्राइक रेट आधुनिक क्रिकेट की जरूरतों के अनुरूप है।
- कप्तानी का अनुभव: आरसीबी जैसे बड़े मंच पर कप्तानी करते हुए टीम को लगातार फाइनल तक पहुंचाना उनकी नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।
अश्विन आगे कहते हैं, ‘पहले श्रेयस अय्यर का नाम चर्चा में थोड़ा आगे था, लेकिन पाटीदार की मौजूदा फॉर्म और उनकी कप्तानी में आरसीबी का फाइनल तक पहुंचना एक बहुत बड़ा संकेत है। यदि वे इस सीजन में खिताब को डिफेंड करने में सफल रहते हैं, तो उनका टीम इंडिया में दावा और भी मजबूत हो जाएगा।’
भविष्य की संभावनाएं
हालांकि श्रेयस अय्यर अपनी तकनीक और अनुभव के लिए जाने जाते हैं, लेकिन पाटीदार का वर्तमान फॉर्म उन्हें एक ‘थ्रेट’ के रूप में स्थापित करता है। भारतीय टीम के लिए यह एक सुखद समस्या है कि उनके पास मध्यक्रम के लिए ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं। फरवरी 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ रांची टेस्ट में पाटीदार के पिछले अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन के बाद से काफी कुछ बदल गया है। अब देखना यह होगा कि क्या चयनकर्ता अश्विन की इस राय को गंभीरता से लेते हैं और क्या पाटीदार को टी20 या अन्य फॉर्मेट में फिर से नीली जर्सी पहनने का मौका मिलता है।
अंत में, रजत पाटीदार का उदय इस बात का प्रमाण है कि कड़ी मेहनत और सही समय पर शानदार प्रदर्शन किसी भी खिलाड़ी के भाग्य को बदल सकता है। आरसीबी के प्रशंसकों के लिए, पाटीदार अब सिर्फ एक बल्लेबाज नहीं, बल्कि वे उम्मीद हैं जो टीम को लगातार सफलता की नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है।
