मीरपुर टेस्ट: पाकिस्तान की गेंदबाजी और मोहम्मद अब्बास का बचाव
मीरपुर टेस्ट का पहला दिन: पाकिस्तान की रणनीति पर सवाल और मोहम्मद अब्बास का जवाब
मीरपुर में खेले जा रहे टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल पूरी तरह से बांग्लादेश के नाम रहा। दिन का खेल समाप्त होने तक बांग्लादेश ने चार विकेट खोकर 301 रन बना लिए थे। पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास ने दिन की समाप्ति के बाद मीडिया से बात करते हुए कप्तान शान मसूद द्वारा पहले गेंदबाजी करने के फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि अगर बांग्लादेश की टीम भी टॉस जीतती, तो शायद वे भी पहले गेंदबाजी करने का ही विकल्प चुनते।
पिच का मिजाज और गेंदबाजी की चुनौती
मैच की शुरुआत में घास वाली पिच को देखकर पाकिस्तान का पहले गेंदबाजी करने का फैसला तर्कसंगत लग रहा था। शाहीन शाह अफरीदी और हसन अली ने शुरुआती घंटे में ही बांग्लादेश के दोनों ओपनर्स को पवेलियन भेजकर कप्तान के फैसले को सही साबित करने की कोशिश की थी। हालांकि, जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, पिच बल्लेबाजी के लिए आसान होती गई। मोहम्मद अब्बास ने बताया कि सतह पर घास जरूर थी, लेकिन उसके नीचे की मिट्टी काफी सूखी थी, जिससे खेल के आगे बढ़ने के साथ बल्लेबाजों को मदद मिलने लगी।
अब्बास ने पिच की तारीफ करते हुए कहा, ‘मैं इसे केवल बल्लेबाजी के लिए अच्छी पिच नहीं कहूंगा, यह एक बहुत अच्छी क्रिकेटिंग पिच है। आज का दिन निराशाजनक नहीं था। कुछ मौकों पर हमने अच्छी गेंदबाजी की, तो कुछ मौकों पर हम पिछड़ गए। हम थोड़े बदकिस्मत भी रहे क्योंकि बल्ले और गेंद का तालमेल काफी बार मिस हुआ।’
अनुशासन और एक्स्ट्रा रनों का बोझ
पाकिस्तान के लिए चिंता का विषय उनकी गेंदबाजी में अनुशासन की कमी रही। टीम ने पूरे दिन में 32 एक्स्ट्रा रन दिए, जिसमें आठ नो-बॉल भी शामिल थीं। स्पिनर नोमान अली के ओवरस्टेपिंग ने पाकिस्तान को काफी नुकसान पहुंचाया, खासकर तब जब वे एक करीबी एलबीडब्ल्यू अपील के बाद डीआरएस लेना चाहते थे, लेकिन नो-बॉल के कारण उन्हें मौका नहीं मिला।
मोहम्मद अब्बास ने खुद की गलतियों को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा, ‘मैंने भी दो नो-बॉल फेंकी। कभी-कभी जब आप अतिरिक्त प्रयास करते हैं, तो ऐसी गलतियां हो जाती हैं। हालांकि, ये नहीं होनी चाहिए थीं। दिन लंबा था और मैंने चाय के समय तक 16 ओवर गेंदबाजी की थी, जो टीम की जरूरत थी।’
नजमुल हुसैन शंतो का शतक और अब्बास की वापसी
दिन का मुख्य आकर्षण बांग्लादेश के कप्तान नजमुल हुसैन शंतो की शतकीय पारी रही। अब्बास ने शंतो को आउट करने के पल को याद करते हुए बताया कि उन्होंने इनस्विंगर का इस्तेमाल किया था। हालांकि शुरुआत में अंपायर ने इसे नॉट-आउट करार दिया था क्योंकि उन्हें बल्ले का अंदरूनी किनारा लगा था, लेकिन अब्बास पूरी तरह आश्वस्त थे कि गेंद सीधे पैड पर लगी थी।
आगे की रणनीति
पाकिस्तान की टीम अब दूसरे दिन की सुबह नई गेंद के साथ मैदान पर उतरेगी। अब्बास का मानना है कि चार विकेट गिर चुके हैं और नई गेंद के साथ उनके पास बांग्लादेश की पारी को जल्द समेटने का मौका है। गर्मी और धूप के बीच पाकिस्तान के गेंदबाजों को अपनी ऊर्जा बनाए रखनी होगी। अब्बास ने कहा, ‘हमें पता है कि हमें कड़ी मेहनत करनी होगी। हम कल सुबह जल्दी विकेट लेने की कोशिश करेंगे और विपक्षी टीम की पारी को जल्द से जल्द समाप्त करेंगे।’
टेस्ट क्रिकेट में अक्सर फैसले परिस्थितियों के अनुसार लिए जाते हैं, और फिलहाल पाकिस्तान की टीम इस चुनौतीपूर्ण परिस्थिति से बाहर निकलने के लिए पूरी तरह तैयार दिख रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि दूसरे दिन की शुरुआत में पाक गेंदबाज कितनी जल्दी सफलता हासिल कर पाते हैं।
