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नीतिश राणा का विवादित आउट: DC vs CSK मैच में क्या है ‘डबल डिसमिसल’ का नियम?

Victor Jain · · 1 min read

नीतिश राणा का विवादित विकेट: आखिर मैदान पर क्या हुआ?

दिल्ली कैपिटल्स (DC) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के बीच 6 मई को खेला गया मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी ड्रामे से कम नहीं था। दिल्ली की पारी के 10वें ओवर में जब नीतिश राणा बल्लेबाजी कर रहे थे, तब एक ऐसी घटना घटी जिसने खेल के नियमों को केंद्र में ला दिया। नूर अहमद की गेंदबाजी पर राणा के आउट होने के तरीके ने सोशल मीडिया पर ‘डबल डिसमिसल’ की चर्चा शुरू कर दी।

उस समय दिल्ली की टीम पहले से ही दबाव में थी। राणा का विकेट 9.3 ओवर में 61/4 के स्कोर पर गिरा, जिससे टीम की मुश्किलें और बढ़ गईं। लेकिन जिस तरह से वे आउट हुए, उसने नियमों की व्याख्या को लेकर कई सवाल खड़े किए।

कैसे आउट हुए नीतिश राणा? पूरी घटना का विवरण

10वें ओवर की तीसरी गेंद पर नीतिश राणा ने एक स्वीप शॉट खेलने का प्रयास किया। गेंद बल्ले का किनारा लेकर हवा में काफी ऊंची चली गई और बाउंड्री के पास खड़े फील्डर ने एक आसान सा कैच लपक लिया। हालांकि, विवाद तब शुरू हुआ जब रिप्ले में देखा गया कि कैच पकड़े जाने से ठीक पहले ही स्टंप्स की गिल्लियां (Bails) अपने आप गिर गई थीं।

शुरुआत में ऐसा लगा कि शायद गेंदबाज या विकेटकीपर संजू सैमसन का हाथ स्टंप्स से लग गया है। लेकिन मल्टीपल कैमरा एंगल्स और रिप्ले से यह स्पष्ट हो गया कि न तो गेंदबाज और न ही विकेटकीपर का स्टंप्स से कोई संपर्क हुआ था। जिंग विकेट सिस्टम (Zing Bails), जो हल्का सा संपर्क होने पर भी जल उठती हैं, ने भ्रम को और बढ़ा दिया। अंततः यह पाया गया कि अरुण जेटली स्टेडियम में चल रही तेज हवाओं के कारण गिल्लियां गिर गई थीं।

क्या कहता है क्रिकेट का नियम? आईसीसी और एमसीसी की व्याख्या

क्रिकेट के नियमों के अनुसार, यदि गिल्लियां किसी बाहरी कारक जैसे कि हवा, पक्षी या किसी अन्य हस्तक्षेप के कारण गिरती हैं, तो उसे ‘विकेट गिरना’ नहीं माना जाता है जब तक कि वह गेंद या खिलाड़ी के संपर्क से न हुआ हो।

आईसीसी की खेल स्थितियों (Playing Conditions) के तहत, यदि गेंद खेल में है और गिल्लियां हवा से गिर जाती हैं, तो उसे ‘हिट विकेट’ नहीं माना जा सकता। चूँकि नीतिश राणा ने खुद को या अपने बल्ले को स्टंप्स से नहीं टकराया था, इसलिए उन्हें ‘हिट विकेट’ करार नहीं दिया गया। इसी कारणवश, फील्डर द्वारा पकड़े गए कैच को ही आउट होने का वैध तरीका माना गया।

एमसीसी नियम 8.5 (MCC Law 8.5) के अनुसार, यदि परिस्थितियां बहुत अधिक खराब हों (जैसे अत्यधिक तेज हवा), तो अंपायर बिना गिल्लियों के भी खेल जारी रखने का निर्णय ले सकते हैं। हालांकि, इस मैच में खेल को गिल्लियों के साथ ही जारी रखा गया। यदि राणा ने कैच पूरा होने से पहले स्वयं स्टंप्स गिराए होते, तो उन्हें ‘हिट विकेट’ दिया जाता और गेंद तुरंत ‘डेड बॉल’ हो जाती।

दिल्ली कैपिटल्स का पतन और सीएसके की शानदार जीत

नीतिश राणा के विकेट के बाद दिल्ली कैपिटल्स की पारी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। कप्तान अक्षर पटेल भी कुछ खास नहीं कर सके और मात्र 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। 11 ओवर के अंत तक दिल्ली का स्कोर 5 विकेट पर 69 रन था। यह तो भला हो ट्रिस्टन स्टब्स (38 रन) और समीर रिज़वी (नाबाद 40 रन) का, जिनकी पारियों की मदद से दिल्ली ने 155 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया।

संजू सैमसन की कप्तानी पारी ने दिलाई जीत

156 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा। विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने कप्तानी पारी खेलते हुए नाबाद 87 रन बनाए। उनका साथ कार्तिक शर्मा ने बखूबी निभाया, जिन्होंने 31 गेंदों में 41 रनों की तेजतर्रार पारी खेली।

चेन्नई ने इस लक्ष्य को महज 17.3 ओवर में हासिल कर लिया। इस जीत के साथ ही सीएसके ने न केवल दो महत्वपूर्ण अंक हासिल किए, बल्कि अपने नेट रन रेट (NRR) में भी सुधार किया। वर्तमान में चेन्नई सुपर किंग्स अंक तालिका में छठे स्थान पर काबिज है और प्लेऑफ की रेस में बनी हुई है।

निष्कर्ष: नियम स्पष्ट, पर विवाद गहरा

नीतिश राणा का यह विकेट क्रिकेट के उन दुर्लभ पलों में से एक था जहाँ तकनीक और प्रकृति के बीच का तालमेल देखने को मिला। हालांकि अंपायरों का फैसला नियमों के मुताबिक बिल्कुल सही था, लेकिन इसने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि क्रिकेट में कब क्या हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। दिल्ली के लिए यह हार एक बड़ा सबक है, जबकि चेन्नई ने अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।

Victor Jain

Victor Jain is one of the most recognisable bilingual voices in Indian cricket, serving as a senior Hindi commentator for JioCinema and a columnist for The Caravan. A history graduate from the University of Delhi, Victor brings an archival depth to his analysis, often unearthing forgotten tales from India’s pre‑IPL cricketing heritage. He splits his time between the commentary box and the editing suite, having produced acclaimed short documentaries on the rise of the Women’s Premier League and the fast‑bowling culture in Delhi's club circuit. His work spans live match calling on billion‑strong digital platforms, long‑form features, and media rights commentary, always delivered with a distinctive blend of old‑school reverence and new‑age candour. Victor often says he learned more about cricket from the radio commentaries of the 1990s than any coaching manual — a philosophy that shapes his immersive, story‑driven style.