नसुम अहमद का सिलहट टाइटंस पर फूटा गुस्सा: ‘क्या मेरे मरने के बाद बकाया पैसे दोगे?’
नसुम अहमद का सिलहट टाइटंस पर गंभीर आरोप: ‘क्या मेरे मरने के बाद चुकाओगे बकाया?’
बांग्लादेश के बाएं हाथ के अनुभवी स्पिनर नसुम अहमद एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार अपनी गेंदबाजी की वजह से नहीं, बल्कि अपने बकाया भुगतान को लेकर किए गए बड़े खुलासे के कारण। नसुम ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) की टीम सिलहट टाइटंस पर आरोप लगाया है कि फ्रैंचाइज़ी ने उनके अनुबंध की पूरी राशि का भुगतान नहीं किया है। यह विवाद पिछले सीजन से चला आ रहा है, लेकिन अब खिलाड़ी के सब्र का बांध टूट गया है।
अनुबंध और बकाया राशि का पूरा मामला
नसुम अहमद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक विस्तृत पोस्ट साझा की है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर सिलहट टाइटंस के मालिक माहीदुल इस्लाम सामी को संबोधित किया है। नसुम के अनुसार, उनके अनुबंध की कुल राशि का एक बड़ा हिस्सा अभी भी बकाया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘नमस्ते टाइटंस। आपने मुझे 3.5 मिलियन टका का भुगतान कर दिया है, लेकिन मेरे सीधे अनुबंध के शेष 3.5 मिलियन टका का क्या? क्या आप इसे मेरे मरने के बाद, मेरे अंतिम संस्कार के दौरान देंगे?’
नसुम का यह बयान उनके मानसिक तनाव और फ्रैंचाइज़ी के प्रति उनकी निराशा को दर्शाता है। उन्होंने आगे लिखा, ‘यदि आप ऐसा ही करने की सोच रहे हैं, तो कृपया मुझे बता दें ताकि मैं अपने परिवार को सूचित कर सकूं कि सिलहट टीम के मालिक माहीदुल इस्लाम सामी मेरे जाने के बाद मेरा पैसा देंगे।’
सोशल मीडिया पर साक्ष्यों के साथ दी चुनौती
यह पहली बार नहीं है जब नसुम ने इस मुद्दे को उठाया है। इससे पहले जब उन्होंने भुगतान में देरी की बात की थी, तब टाइटंस ने एक बयान जारी कर सारा दोष नसुम पर ही मढ़ दिया था। फ्रैंचाइज़ी का दावा था कि नसुम ने खुद चेक को भुनाने में देरी की थी। हालांकि, इस बार नसुम अहमद पूरी तैयारी के साथ आए हैं। उन्होंने अपनी फेसबुक पोस्ट के साथ कुछ वीडियो और वॉयस रिकॉर्डिंग भी साझा की हैं, जिन्हें वह सबूत के तौर पर पेश कर रहे हैं।
टीम सलाहकार फहीम अल चौधरी से अपील
अपनी पोस्ट में नसुम ने टीम के सलाहकार फहीम अल चौधरी को भी एक व्यक्तिगत संदेश दिया। उन्होंने फहीम के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हुए मदद की गुहार लगाई। नसुम ने लिखा, ‘भाई फहीम, मैं आपका सम्मान करता हूं। मुझे पता है कि आप व्यस्त हैं। जब आपको समय मिले, तो कृपया उन वॉयस रिकॉर्डिंग को सुनें – जो मैंने आपके बारे में कहा और जो उन्होंने मुझसे कहा। व्यक्तिगत रूप से मुझे आपसे कुछ नहीं मांगना है। आप हमारे क्षेत्र के हैं, एक बड़े भाई की तरह जिन्होंने एक टीम बनाई। इसीलिए मैं आपसे संपर्क कर रहा हूं। कृपया मेरा पैसा दिलाने में मेरी मदद करें। मेरे पास अपनी बात रखने के लिए और कोई नहीं है।’
मैदान पर नसुम का शानदार प्रदर्शन
नसुम ने केवल पैसों की मांग नहीं की, बल्कि उन्होंने फ्रैंचाइज़ी को यह भी याद दिलाया कि उन्होंने मैदान पर अपने हिस्से की जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई थी। उन्होंने अपने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वह टीम के लिए सबसे सफल गेंदबाजों में से एक रहे थे।
- नसुम ने पिछले बीपीएल सीजन में कुल 12 मैच खेले।
- उन्होंने 18 विकेट चटकाए, जिससे वह टूर्नामेंट के दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने।
- उनकी इकोनॉमी रेट केवल 5.97 रही, जो टी20 क्रिकेट में बेहद प्रभावशाली मानी जाती है।
- उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 7 रन देकर 5 विकेट था।
फ्रैंचाइज़ी क्रिकेट में खिलाड़ियों की सुरक्षा पर सवाल
नसुम अहमद का यह मामला एक बार फिर फ्रैंचाइज़ी क्रिकेट के उस काले पक्ष को उजागर करता है, जहां खिलाड़ी अपने हक के पैसों के लिए संघर्ष करते हैं। बांग्लादेश प्रीमियर लीग जैसी बड़ी लीग में अगर एक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी को अपने भुगतान के लिए सोशल मीडिया पर इस तरह की गुहार लगानी पड़ रही है, तो यह लीग और फ्रैंचाइज़ी के प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
निष्कर्ष
फिलहाल, सिलहट टाइटंस या बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की ओर से नसुम अहमद के इन ताजा आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि खिलाड़ियों के अधिकारों की रक्षा हो सके और खेल की गरिमा बनी रहे। नसुम अहमद ने अपना पक्ष मजबूती से रख दिया है, अब गेंद सिलहट टाइटंस के पाले में है।
