क्या एमएस धोनी बनेंगे सीएसके के अगले हेड कोच? रविचंद्रन अश्विन ने दिया बड़ा सुझाव
चेन्नई सुपर किंग्स के भविष्य पर मंथन
आईपीएल 2026 का सफर चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। अहमदाबाद में गुजरात टाइटंस के खिलाफ मिली हार के बाद सीएसके का प्लेऑफ का सपना एक बार फिर टूट गया। टूर्नामेंट के 14 मैचों में केवल छह जीत के साथ, रुतुराज गायकवाड़ की कप्तानी वाली यह टीम अंक तालिका में सातवें स्थान पर रही। यह लगातार तीसरा सीजन है जब चेन्नई की टीम प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकाम रही है।
रविचंद्रन अश्विन का बड़ा सुझाव
इस बीच, अनुभवी स्पिनर और पूर्व सीएसके खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन ने एक महत्वपूर्ण राय दी है। अश्विन का मानना है कि अगर टीम को नए हेड कोच की तलाश है, तो एमएस धोनी से बेहतर विकल्प कोई नहीं हो सकता। सोशल मीडिया पर एक प्रशंसक के साथ बातचीत के दौरान अश्विन ने स्पष्ट किया कि जब टीम में धोनी जैसा दिग्गज मौजूद है, तो किसी और को ढूंढने का कोई मतलब नहीं है।
सोशल मीडिया पर जब एक प्रशंसक ने मजाक में सुझाव दिया कि अश्विन को खुद कोच बनना चाहिए, तो अश्विन ने अपनी विशिष्ट शैली में जवाब देते हुए कहा कि वह अपनी रणनीतियां और प्लेइंग इलेवन तो पहले ही यूट्यूब पर बता देंगे, जिससे एंटी-करप्शन यूनिट को उन्हें पकड़ने में आसानी होगी! हालांकि, इस मजाक से हटकर उन्होंने गंभीरता से कहा, “जब एमएस धोनी वहां मौजूद हैं, तो आप किसी और को क्यों ढूंढ रहे हैं?”
एमएस धोनी का आईपीएल 2026 में सफर
आईपीएल 2026 एमएस धोनी के करियर का एक अनोखा और चुनौतीपूर्ण सीजन रहा। चोट की समस्याओं के कारण, धोनी इस पूरे सीजन में एक भी मैच नहीं खेल सके। टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले ही उन्हें काफ इंजरी (पिंडली की चोट) का सामना करना पड़ा था। हालांकि उन्होंने रिकवरी के लिए काफी समय चेन्नई में बिताया और अभ्यास सत्रों में हिस्सा लिया, लेकिन वे पूरी तरह फिट नहीं हो पाए।
यह उनके 19 साल के शानदार आईपीएल करियर में पहली बार हुआ जब उन्होंने पूरे सीजन में एक भी मैच नहीं खेला। चेन्नई में टीम के अंतिम घरेलू मैच के बाद उन्हें जिस तरह से विदाई दी गई, उससे क्रिकेट जगत में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या 44 वर्षीय धोनी का यह अंतिम आईपीएल सफर था और क्या वे अब कोचिंग की भूमिका में नजर आएंगे।
सीएसके का निराशाजनक प्रदर्शन
रुतुराज गायकवाड़ के नेतृत्व में सीएसके की शुरुआत काफी खराब रही थी, जहां टीम को लगातार तीन हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद टीम ने शानदार वापसी की और अगले आठ मैचों में से छह जीत हासिल की। ऐसा लगा कि टीम प्लेऑफ की दौड़ में वापस आ गई है, लेकिन अंतिम तीन मैचों में मिली लगातार हार ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। गुजरात टाइटंस के खिलाफ 89 रनों की करारी हार ने टीम के मनोबल को पूरी तरह तोड़ दिया।
सीएसके का नेट रन रेट भी -0.345 रहा, जो उनकी सीजन भर की संघर्षपूर्ण स्थिति को दर्शाता है। अब टीम प्रबंधन और प्रशंसकों की नजरें अगले सीजन की तैयारियों पर टिकी हैं, जहां धोनी की भूमिका को लेकर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। क्या धोनी डगआउट में कोच की कुर्सी संभालेंगे? यह आने वाला समय ही बताएगा।
