‘My best match at this level’ – Mosaddek revels in successful Bangladesh comebac: मोसादेक हुसैन की ऐतिहासिक वापसी
धैर्य और कड़े संघर्ष का मिला मीठा फल
बांग्लादेश क्रिकेट टीम में लगभग चार साल बाद शानदार वापसी करने वाले ऑलराउंडर मोसादेक हुसैन ने अपने प्रदर्शन से सभी क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया है। अपनी इस अविश्वसनीय वापसी और बेहतरीन प्रदर्शन के बाद उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा, ‘My best match at this level’ – Mosaddek revels in successful Bangladesh comebac। नवंबर 2022 के बाद अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे मोसादेक ने न केवल बल्ले से कमाल किया, बल्कि गेंद और फील्डिंग से भी अपनी उपयोगिता साबित की।
मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए पहले वनडे मैच में उन्होंने नाबाद 86 रनों की शानदार पारी खेली, दो महत्वपूर्ण विकेट चटकाए और एक बेहतरीन रनिंग कैच भी लपका। इस बेहतरीन हरफनमौला प्रदर्शन की बदौलत बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को 86 रनों के बड़े अंतर से हरा दिया। यह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 23 प्रयासों में बांग्लादेश की केवल दूसरी वनडे जीत है, जिसने उन्हें तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त दिला दी है।
संघर्ष, धैर्य और वापसी की अनकही कहानी
राष्ट्रीय टीम से बाहर रहने के दौरान मोसादेक के लिए समय बिल्कुल आसान नहीं था। उन्होंने खुलकर स्वीकार किया कि टीम से दूर रहने के दौरान उन्हें काफी निराशा का सामना करना पड़ा था। मोसादेक ने अपने कठिन दौर को याद करते हुए भावुक अंदाज में कहा, “निश्चित रूप से, यह मेरे लिए बहुत कठिन समय था और निराश होना स्वाभाविक था। आप में से कुछ लोगों ने मेरे संघर्ष को करीब से देखा भी होगा। लेकिन मैंने हमेशा धैर्य रखने और अपना काम पूरी ईमानदारी से करने की कोशिश की। मेरा हमेशा से मानना था कि जब भी मुझे मौका मिलेगा, मैं इसे दोनों हाथों से लपक लूंगा। मुझे लगता है कि मुझे अल्लाह से मेरी उम्मीद से कहीं ज्यादा मिला है।”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे हमेशा यह विश्वास था कि पिछले कुछ वर्षों में घरेलू क्रिकेट में जिस तरह का मेरा प्रदर्शन रहा है, मुझे कम से कम एक मौका तो जरूर मिलेगा। मैंने हमेशा वर्तमान में जीने की कोशिश की। मैंने कभी भी अतीत के किसी कड़वे अनुभव या खुद के साथ हुए अन्याय की भावना को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। जब भी मैं मैच खेल रहा था या नेट पर कड़ी मेहनत कर रहा था, मैं हमेशा अगले अवसर के लिए खुद को पूरी तरह तैयार रखता था।”
घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन का मिला फल
जब मोसादेक राष्ट्रीय टीम से बाहर थे, तब वे बांग्लादेश के घरेलू क्रिकेट सर्किट में सबसे लगातार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में से एक थे। उन्होंने ढाका प्रीमियर लीग (DPL) में अबाहानी लिमिटेड का नेतृत्व करते हुए उन्हें तीन बार खिताब दिलाया। इस दौरान उन्होंने हर सीजन में 300 से अधिक रन बनाए और अपनी शानदार ऑफ-स्पिन गेंदबाजी से चार सीजन में कुल 70 विकेट झटके।
इस सीजन में भी अबाहानी के लिए खेलते हुए मोसादेक का प्रदर्शन लाजवाब था, जहां उन्होंने नौ मैचों में बल्ले से 67.20 की असाधारण औसत और गेंद से 20.33 की बेहतरीन औसत के साथ प्रदर्शन किया था। इस शानदार फॉर्म ने उनके भीतर एक गहरा विश्वास पैदा किया था, और उनके लिए चुनौती बस इस फॉर्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोहराने की थी, जिसे उन्होंने बखूबी अंजाम दिया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानसिकता का बदलाव
घरेलू क्रिकेट और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अंतर को पाटने के बारे में बात करते हुए मोसादेक ने कहा, “निश्चित रूप से यह इस स्तर पर मेरा सबसे बेहतरीन मैच था। जब मैं घरेलू क्रिकेट में इसी तरह की परिस्थिति में खेलता हूं, तो मैं अपने स्ट्राइक रेट को भी ध्यान में रखता हूं। इसलिए मैंने घरेलू क्रिकेट की उसी आक्रामक मानसिकता को इस अंतरराष्ट्रीय मैच में भी स्थानांतरित करने की कोशिश की। यह अल्लाह की असीम कृपा है कि मैं अपनी टीम के लिए उपयोगी साबित हो सका, और मेरी इच्छा है कि मैं इसे आगे भी इसी तरह जारी रखूं।”
टीम प्रबंधन का मिला पूरा समर्थन और आजादी
मोसादेक ने बांग्लादेश टीम प्रबंधन की जमकर सराहना की, जिन्होंने उन्हें मैदान पर खुद को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने का पूरा मौका दिया। उन्होंने बताया कि कोचों ने उन्हें उनके रोल और पारी की गति के बारे में स्पष्ट निर्देश दिए थे, जिसके कारण उन्होंने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ केवल 7.4 ओवर बचे होने के बावजूद आक्रामक रुख अपनाया और तेजी से रन बटोरे।
मोसादेक ने कहा, “मैं टीम प्रबंधन का दिल से आभारी हूं कि उन्होंने मुझे इस तरह से बैक किया और मैदान पर पूरी आजादी दी। उन्होंने मुझसे बस खेल का आनंद लेने के लिए कहा, जिससे मुझे यह महसूस ही नहीं हुआ कि मैं इतने लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहा हूं। मैंने परिस्थिति के अनुसार बल्लेबाजी की। मैच से एक दिन पहले मेरी मोहम्मद सलाहुद्दीन सर और बल्लेबाजी कोच मोहम्मद अशरफुल भाई के साथ मेरी भूमिका को लेकर लंबी चर्चा हुई थी।”
उन्होंने आगे बताया, “कोचों ने मुझसे कहा था कि अगर हम 40 रन पर 4 विकेट खोने के बाद बहुत संभलकर खेलने की कोशिश करेंगे, तो हम केवल 160 या 170 रन ही बना पाएंगे, जिसे डिफेंड करना बहुत मुश्किल होगा। वहीं, अगर हम 200 रन पर 4 विकेट होने पर सामान्य गति से खेलेंगे, तो हम केवल 260 या 270 तक ही पहुंच पाएंगे। इसलिए संदेश बिल्कुल स्पष्ट था कि हमें इस अच्छी पिच पर हर हाल में 300 या 320 के आसपास का स्कोर खड़ा करना होगा।”
ऐतिहासिक जीत के बाद अब श्रृंखला पर नजर
मोसादेक ने खुलासा किया कि पिच के मिजाज को देखते हुए बांग्लादेश का लक्ष्य 300 से अधिक का स्कोर बनाना था, लेकिन 22वें ओवर में लिटन दास के आउट होने के बाद बल्लेबाजों को अपनी रणनीति पर फिर से विचार करना पड़ा।
उन्होंने कहा, “सुबह से पिच जिस तरह से खेल रही थी, उसे देखकर यह साफ था कि यह 300-320 रनों का विकेट था। हम ड्रेसिंग रूम में चर्चा कर रहे थे कि यह कितनी अच्छी पिच है। लेकिन उस नाजुक मोड़ पर दो त्वरित विकेटों के गिरने से हमारे लिए मुश्किलें बढ़ गईं। मुझे लगता है कि अगर लिटन उस समय आउट नहीं हुए होते, तो हम निश्चित रूप से 300 से अधिक का स्कोर बनाते।”
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अंत में, आगामी मैचों के लिए टीम के हौसले पर बात करते हुए मोसादेक ने कहा, “हमने एक ऐतिहासिक जीत हासिल की है, लेकिन मैं यह कहूंगा कि अब हमारे पास इस वनडे श्रृंखला को जीतने का एक सुनहरा अवसर है। अगर हम अपनी प्रक्रियाओं पर टिके रहे, तो यह बिल्कुल संभव है। हम सभी को विश्वास रखना होगा कि हम इतिहास रच सकते हैं और श्रृंखला जीत सकते हैं।”
