Report

Mooney back issue dampens Australia’s record score against Netherlands

Victor Jain · · 1 min read

साउथेम्प्टन में खेले गए महिला टी20 विश्व कप के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने नीदरलैंड्स को 98 रनों के विशाल अंतर से हरा दिया। इस मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए महिला टी20 विश्व कप इतिहास का संयुक्त रूप से सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया। हालांकि, इस धमाकेदार जीत के बाद भी ऑस्ट्रेलियाई खेमे में थोड़ी चिंता की लहर है। मैच के दौरान Mooney back issue dampens Australia’s record score against Netherlands की खबर ने टीम की इस बड़ी कामयाबी के रंग को थोड़ा फीका कर दिया है। टीम की स्टार सलामी बल्लेबाज बेथ मुनी शानदार बल्लेबाजी कर रही थीं, लेकिन पीठ में जकड़न (back stiffness) के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर जाना पड़ा।

ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 219 रन बनाए, जो इंग्लैंड द्वारा इसी टूर्नामेंट के शुरुआती मैच में बनाए गए रिकॉर्ड की बराबरी है। इसके जवाब में नीदरलैंड्स की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 3 विकेट खोकर केवल 121 रन ही बना सकी। बेथ मुनी ने रिटायर्ड हर्ट होने से पहले 42 गेंदों में ताबड़तोड़ 74 रनों की पारी खेली। उनके अलावा चोट से वापसी कर रही एशले गार्डनर ने 32 गेंदों में 58 रन बनाए, जबकि अंत में जॉर्जिया वारेहम ने महज 18 गेंदों में 41 रनों की तूफानी पारी खेलकर टीम को इस ऐतिहासिक स्कोर तक पहुंचाया।

मुनी और गार्डनर का शानदार प्रदर्शन

मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच का अंतर साफ नजर आ रहा था। ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज बेथ मुनी और जॉर्जिया वॉल ने बिना कोई बड़ा जोखिम उठाए केवल 4.3 ओवरों में टीम का स्कोर 50 रन के पार पहुंचा दिया। मुनी ने स्ट्राइक रोटेट करने पर ध्यान दिया और खराब गेंदों को बाउंड्री के बाहर भेजा। दूसरी ओर, जॉर्जिया वॉल ने आक्रामक रुख अपनाने की कोशिश की, लेकिन वह आइरिस ज़्विलिंग की गेंद पर लॉन्ग-ऑफ़ के ऊपर से शॉट खेलने के प्रयास में बैकवर्ड पॉइंट पर कैच दे बैठीं।

इसके बाद बल्लेबाजी करने आईं एलिस पेरी अपना रिकॉर्ड 50वां टी20 विश्व कप मैच खेल रही थीं। लेकिन वह इस ऐतिहासिक मैच को यादगार नहीं बना सकीं। पेरी केवल तीन गेंदें खेलकर हीथर सीजर्स की एक शॉर्ट पिच गेंद पर डीप मिडविकेट पर खड़े एकमात्र फील्डर को सीधे कैच थमा बैठीं। हालांकि, दूसरी छोर पर खड़ी एशले गार्डनर ने ऐसी कोई गलती नहीं की। उन्होंने मिड-ऑफ के ऊपर से कुछ बेहतरीन लॉफ्टेड शॉट्स खेले और फील्डिंग में बदलाव के बाद फाइन लेग की तरफ शानदार स्कूप शॉट भी लगाए। उन्हें एक जीवनदान भी मिला जब फ्रेडरिक ओवरडिज्क की गेंद पर बैकवर्ड पॉइंट पर फेबे मोल्केनबोएर ने उनका एक बेहद आसान कैच टपका दिया। इसके बाद गार्डनर ने केवल 28 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जबकि मुनी ने 30 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी कर ली थी।

बेथ मुनी की पीठ की समस्या और जॉर्जिया वारेहम का ऑलराउंड प्रदर्शन

जब बेथ मुनी अपने शतक से महज 26 रन दूर थीं, तब 14वें ओवर की आखिरी गेंद पर रन दौड़ते समय उनकी पीठ में तेज जकड़न महसूस हुई। इसके तुरंत बाद वह फिजियो की सलाह पर मैदान से बाहर चली गईं। मुनी के बाहर जाने के दो गेंद बाद ही गार्डनर भी डीप मिडविकेट पर कैच आउट हो गईं, जिससे ऑस्ट्रेलिया की रन गति पर थोड़ा ब्रेक लगा।

लेकिन इस मुश्किल समय में जॉर्जिया वारेहम ने मोर्चा संभाला और मैदान पर आते ही रनों की गति को पांचवें गियर में डाल दिया। वारेहम ने मात्र 18 गेंदों में 8 चौकों की मदद से 41 रन कूट डाले। हालांकि उन्हें इस पारी में थोड़ा भाग्य का भी साथ मिला, जब इसाबेल वैन डेर वोनिंग की गेंद पर उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेकर गेंद थर्ड मैन बाउंड्री के पार चली गई। लेकिन एक बार सेट होने के बाद उन्होंने कवर के ऊपर से और क्रीज का इस्तेमाल करते हुए लेग साइड में बेहतरीन शॉट्स खेले। उनकी यह पारी इसलिए भी महत्वपूर्ण थी क्योंकि निचले क्रम की बल्लेबाज निकोला केरी, एनाबेल सदरलैंड, सोफी मोलिनक्स और अलाना किंग मिलकर 15 गेंदों में केवल दो बाउंड्री ही लगा सकीं। नीदरलैंड्स की गेंदबाज ज़्विलिंग ने आखिरी ओवरों में अच्छी गेंदबाजी की और वारेहम तथा मोलिनक्स को आउट कर अपने कोटे में 3 विकेट पूरे किए।

किम गार्थ की शानदार गेंदबाजी और नीदरलैंड्स की शुरुआती मुश्किलें

220 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी नीदरलैंड्स की शुरुआत बेहद खराब रही। बांग्लादेश के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करने वाली किम गार्थ ने अपनी बेहतरीन स्विंग गेंदबाजी का जलवा यहां भी बिखेरा। उन्होंने दूसरे ओवर में ही फेबे मोल्केनबोएर को एक शानदार आउटस्विंगर पर चकमा दिया और विकेटकीपर के हाथों कैच आउट कराया। इसके बाद उन्होंने इन-डकर (अंदर आती गेंद) पर हीथर सीजर्स को एलबीडब्ल्यू आउट कर नीदरलैंड्स को दूसरा झटका दिया। गार्थ ने पावरप्ले के अपने तीन ओवरों में मात्र 18 रन देकर 2 विकेट झटके, जिससे नीदरलैंड्स की टीम 6 ओवर के बाद केवल 28 रन पर 2 विकेट खोकर संघर्ष कर रही थी।

डी लीड और कालिस का जुझारू संघर्ष

जैसे-जैसे आवश्यक रन रेट 15 के पार पहुंच रहा था, नीदरलैंड्स की बल्लेबाजों ने संघर्ष करना शुरू किया। स्टेरे कालिस ने अलाना किंग की गेंद पर 80 मीटर लंबा छक्का लगाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। हालांकि कालिस और कप्तान बेबेट डी लीड को ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण के सामने रन बनाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। कालिस को इस पारी के दौरान दो जीवनदान भी मिले, पहला मौका तब मिला जब एनाबेल सदरलैंड की गेंद पर अलाना किंग ने मिड-ऑन पर उनका एक मुश्किल कैच छोड़ दिया, और दूसरा मौका तब मिला जब लुसी हैमिल्टन की गेंद पर सदरलैंड ने खुद उनका कैच टपकाया।

19 वर्षीय लुसी हैमिल्टन ने अनुभवी मेगन शुट्ट की जगह टीम में शामिल होने के बाद अपने पहले टी20 विश्व कप मैच में काफी किफायती गेंदबाजी की। दूसरी ओर, नीदरलैंड्स की कप्तान डी लीड ने 47 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जिस पर डच प्रशंसकों ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया। कालिस मैच के आखिरी ओवर में अपना अर्धशतक पूरा करने के प्रयास में बाउंड्री पर कैच आउट हो गईं। उन्होंने 44 रनों की पारी खेली। डी लीड 56 रन बनाकर नाबाद रहीं और दोनों ने मिलकर तीसरे विकेट के लिए 96 रनों की साझेदारी की, जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस टूर्नामेंट के इतिहास की चौथी सबसे बड़ी साझेदारी है।

आगे की राह और सेमीफाइनल का समीकरण

इस शानदार जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलियाई टीम ग्रुप-1 में सेमीफाइनल की रेस में एक कदम और आगे बढ़ गई है। अब उनके केवल दो ग्रुप मैच बचे हैं, जो उन्हें पाकिस्तान और भारत के खिलाफ खेलने हैं। हालांकि, बेथ मुनी की पीठ की चोट ऑस्ट्रेलियाई टीम मैनेजमेंट के लिए चिंता का विषय बनी रहेगी। मुनी टीम की एकमात्र विशेषज्ञ विकेटकीपर हैं, और बैकअप कीपर फोबे लिचफील्ड भी पहले से ही चोटिल हैं। ऐसे में अगर मुनी की चोट गंभीर होती है, तो टीम के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं, हालांकि शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार मुनी का मैदान से बाहर जाना केवल एहतियाती कदम था और विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी पहली बार जॉर्जिया वॉल को निभानी पड़ी जिन्होंने एक अच्छा कैच भी लपका।

Victor Jain

Victor Jain is one of the most recognisable bilingual voices in Indian cricket, serving as a senior Hindi commentator for JioCinema and a columnist for The Caravan. A history graduate from the University of Delhi, Victor brings an archival depth to his analysis, often unearthing forgotten tales from India’s pre‑IPL cricketing heritage. He splits his time between the commentary box and the editing suite, having produced acclaimed short documentaries on the rise of the Women’s Premier League and the fast‑bowling culture in Delhi's club circuit. His work spans live match calling on billion‑strong digital platforms, long‑form features, and media rights commentary, always delivered with a distinctive blend of old‑school reverence and new‑age candour. Victor often says he learned more about cricket from the radio commentaries of the 1990s than any coaching manual — a philosophy that shapes his immersive, story‑driven style.