मिडलसेक्स की ऐतिहासिक जीत: नाव्या शर्मा और रयान हिगिंस ने लंकाशायर को ओल्ड ट्रैफर्ड में दी शिकस्त
ओल्ड ट्रैफर्ड में मिडलसेक्स का ऐतिहासिक उदय
मिडलसेक्स क्रिकेट टीम ने रोथेसे काउंटी चैंपियनशिप में एक शानदार उपलब्धि हासिल की है। टीम ने न केवल इस सीजन की अपनी दूसरी जीत दर्ज की, बल्कि ओल्ड ट्रैफर्ड के ऐतिहासिक मैदान पर 1996 के बाद लंकाशायर के खिलाफ अपनी पहली जीत का सूखा भी समाप्त किया। मैच के तीसरे दिन का खेल नाटकीयता से भरपूर रहा, जहाँ गेंदबाजों के दबदबे के बाद बल्लेबाजों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए टीम को छह विकेट से जीत दिला दी।
लंकाशायर की दूसरी पारी का पतन: शर्मा और हिगिंस का कहर
मैच का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तीसरे दिन का सुबह का सत्र रहा। लंकाशायर ने अपनी दूसरी पारी में शनिवार के स्कोर 45 रन पर 3 विकेट से आगे खेलना शुरू किया था। हालांकि, मिडलसेक्स के गेंदबाजों ने लंकाशायर की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। मेजबान टीम ने अपने आखिरी सात विकेट मात्र 39 रनों के भीतर खो दिए। इससे भी अधिक चौंकाने वाला तथ्य यह रहा कि लंकाशायर के अंतिम छह विकेट केवल 10.1 ओवरों में 21 रन जोड़कर गिर गए।
नाव्या शर्मा इस जीत के सबसे बड़े नायक बनकर उभरे। उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए मात्र 17 रन देकर 4 विकेट झटके। शर्मा की गेंदबाजी का आलम यह था कि उन्होंने अपने पहले ही ओवर में तीन विकेट लिए और कुल मिलाकर 10 गेंदों के भीतर चार बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। उनकी इस घातक स्पेल ने लंकाशायर को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया।
शर्मा के साथ रयान हिगिंस ने भी शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया। हिगिंस ने 27 रन देकर 4 विकेट लिए। उन्होंने दिन की शुरुआत में ही मार्कस हैरिस को हैरी ड्यूक के हाथों कैच कराकर लंकाशायर की मुश्किलों को बढ़ा दिया था। टोबी रोलैंड-जोंस ने भी सटीक गेंदबाजी करते हुए माइकल जोंस और नाइटवाचमैन मिच स्टेनली को आउट कर अपनी टीम की पकड़ मजबूत की। लंकाशायर की पूरी टीम दूसरी पारी में महज 84 रनों पर सिमट गई, जो 1935 के बाद इस मैदान पर मिडलसेक्स के खिलाफ उनका सबसे कम स्कोर है।
लक्ष्य का पीछा और मध्यक्रम की चुनौती
मिडलसेक्स को जीत के लिए 117 रनों का लक्ष्य मिला था। शुरुआत काफी सकारात्मक रही और टीम ने तेजी से रन बनाने का प्रयास किया। लंच तक मिडलसेक्स ने 9.1 ओवर में 57 रन बना लिए थे, लेकिन इस दौरान उन्होंने सैम रॉबसन और मैक्स होल्डन के रूप में दो महत्वपूर्ण विकेट खो दिए थे।
लंच के ठीक बाद खेल ने एक बार फिर करवट ली। कप्तान ल्यूस डू प्लूय केवल एक रन बनाकर आउट हो गए और उनके तुरंत बाद अपना प्रथम श्रेणी डेब्यू कर रहे कालेब फाल्कोनर भी पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। मिडलसेक्स का स्कोर 64 रन पर 4 विकेट हो गया और ऐसा लगने लगा कि लंकाशायर के गेंदबाज कोई चमत्कार कर सकते हैं।
बेन गेडडेस की मैच जिताऊ पारी
ऐसी नाजुक स्थिति में बेन गेडडेस ने मोर्चा संभाला। गेडडेस ने दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और केवल 70 गेंदों में नाबाद 73 रनों की पारी खेली। उनकी इस पारी में पांच शानदार चौके और मिच स्टेनली की गेंदों पर लगाए गए दो गगनचुंबी छक्के शामिल थे। गेडडेस ने मात्र 47 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और टीम को जीत के करीब ले गए।
गेडडेस को दूसरे छोर पर रयान हिगिंस का भरपूर साथ मिला। दोनों ने मिलकर पांचवें विकेट के लिए नाबाद 53 रनों की साझेदारी की, जिससे मिडलसेक्स ने लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया। हिगिंस 7 रन बनाकर नाबाद रहे।
मैच का संक्षिप्त स्कोर कार्ड:
- मिडलसेक्स: 169 (डू प्लूय 67) और 117/4 (बेन गेडडेस 73*)
- लंकाशायर: 201 (कीटन जेनिंग्स 67) और 84 (नाव्या शर्मा 4-17, रयान हिगिंस 4-27)
- परिणाम: मिडलसेक्स 6 विकेट से जीता
तालिका में स्थिति और भविष्य की राह
इस जीत के साथ ही मिडलसेक्स की टीम डिवीजन टू की अंक तालिका में लंकाशायर से ऊपर पहुंच गई है। हालांकि, इस दौर के अन्य मैचों के परिणाम आने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। लंकाशायर के लिए यह हार एक बड़ा झटका है, विशेषकर उनकी बल्लेबाजी का दूसरी पारी में ताश के पत्तों की तरह बिखरना टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय होगा। दूसरी ओर, मिडलसेक्स के लिए यह जीत उनके मनोबल को बढ़ाने वाली साबित होगी, क्योंकि उन्होंने लगभग तीन दशकों के बाद ओल्ड ट्रैफर्ड के किले को फतह किया है।
