“Mandhana, Deepti, Richa star as India breeze past Pakistan” – भारत की धमाकेदार जीत
बर्मिंघम में भारत की धमाकेदार जीत: मंधाना, दीप्ति और ऋचा का ऐतिहासिक प्रदर्शन
बर्मिंघम के मैदान पर रविवार को खेले गए महामुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 64 रनों के विशाल अंतर से शिकस्त दी। दर्शकों से खचाखच भरे इस स्टेडियम में भारत की इस एकतरफा जीत की सूत्रधार स्मृति मंधाना, दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष रहीं। मंधाना ने जहां बल्लेबाजी में शानदार अर्धशतक जड़ा, वहीं ऋचा घोष ने अंतिम ओवरों में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाया। बाद में, दीप्ति शर्मा ने गेंद और फील्डिंग दोनों में अपने जादुई प्रदर्शन से पाकिस्तान की पारी को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया।
शुरुआती झटकों से उबरा भारत, स्मृति मंधाना का बेहतरीन अर्धशतक
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही थी। भारत ने महज 18 रन के स्कोर पर अपने दो महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे। ऐसे संकट के समय भारतीय उप-कप्तान स्मृति मंधाना ने मोर्चा संभाला। मंधाना ने पाकिस्तानी गेंदबाजों पर जवाबी हमला बोलते हुए टीम के दबाव को कम किया। उन्होंने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट्स लगाए और स्कोरबोर्ड को गति दी।
स्मृति मंधाना ने 68 रनों की एक बेहद परिपक्व और कप्तानी पारी खेली। उन्होंने अपनी इस पारी के दौरान कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ मिलकर एक मजबूत साझेदारी खड़ी की। हरमनप्रीत कौर ने भी बखूबी साथ निभाते हुए 36 रनों का योगदान दिया। इन दोनों की बल्लेबाजी की बदौलत भारत शुरुआती झटकों से उबरने में सफल रहा। पाकिस्तान की ओर से सना सबसे सफल गेंदबाज रहीं, जिन्होंने 33 रन देकर 2 विकेट हासिल किए।
ऋचा घोष का आखिरी ओवरों में तूफान
एक समय जब लग रहा था कि भारतीय टीम 150 रनों के आसपास ही पहुंच पाएगी, तब विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने क्रीज पर कदम रखा। पिछले कुछ मैचों में फॉर्म को लेकर उठ रहे सवालों का ऋचा ने करारा जवाब दिया। उन्होंने महज 17 गेंदों में ताबड़तोड़ 34 रनों की नाबाद पारी खेली।
ऋचा घोष की पारी का मुख्य आकर्षण उनके अंतिम आठ वैध गेंदों पर आया, जहां उन्होंने लगातार चार चौके और एक गगनचुंबी छक्का जड़कर पाकिस्तानी गेंदबाजों की लाइन-लेंथ बिगाड़ दी। ऋचा के इस आक्रामक तेवर की बदौलत भारत ने आखिरी छह ओवरों में 60 रन बटोरे और निर्धारित 20 ओवरों में 6 विकेट खोकर 170 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में पाकिस्तान के खिलाफ भारत का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है।
पाकिस्तान की तेज शुरुआत और दीप्ति शर्मा का टर्निंग पॉइंट
171 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम ने काफी आक्रामक शुरुआत की। उनके सलामी बल्लेबाजों ने भारतीय आक्रमण पर धावा बोलते हुए तेजी से 38 रन जोड़ लिए। सलामी बल्लेबाज मुनीबा अली खतरनाक रूप अख्तियार कर चुकी थीं और उन्होंने 41 रनों की तेजतर्रार पारी खेलकर भारत की चिंताएं बढ़ा दी थीं।
तभी मैदान पर दीप्ति शर्मा का जादू देखने को मिला। मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट तब आया जब दीप्ति शर्मा ने शॉर्ट थर्ड मैन से एक सटीक डायरेक्ट हिट मारकर खतरनाक दिख रही मुनीबा अली को रन आउट किया। मुनीबा के आउट होते ही पाकिस्तानी बल्लेबाजी बिखर गई और वे इस झटके से कभी उबर नहीं पाईं।
दीप्ति शर्मा का पंजा और ऐतिहासिक रिकॉर्ड
मुनीबा के आउट होने के बाद भारतीय स्पिनरों ने शिकंजा कस लिया। पाकिस्तान की टीम ने मध्य ओवरों में अपने 5 विकेट महज 26 रनों के भीतर गंवा दिए। दीप्ति शर्मा ने अपनी फिरकी का ऐसा जाल बुना जिसमें पाकिस्तानी बल्लेबाज फंसते चले गए। दीप्ति ने अपने स्पेल में मात्र 10 रन देकर 5 विकेट झटके।
इस अद्भुत प्रदर्शन के साथ ही दीप्ति शर्मा महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (WT20Is) के इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बन गई हैं। भारत की तरफ से चराणी ने भी शानदार गेंदबाजी की और 21 रन देकर 3 विकेट चटकाए। पाकिस्तान की पूरी टीम 20 ओवरों में सिर्फ 106 रनों पर ढेर हो गई और भारत ने यह मैच 64 रनों से अपने नाम कर लिया।
नेट रन रेट में भारत को मिला बड़ा फायदा
भले ही दोनों टीमों ने मैदान पर कुछ कैच छोड़े और फील्डिंग में गलतियां कीं, लेकिन अंततः भारत का डेथ-ओवर प्रदर्शन और स्पिनरों का दबदबा निर्णायक साबित हुआ।
इस बड़ी जीत के साथ भारत ने न केवल दो अंक अर्जित किए हैं, बल्कि टूर्नामेंट के ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ में अपने नेट रन रेट (NRR) को भी काफी मजबूत कर लिया है। यह बड़ी जीत आगामी मैचों में भारत की राह को आसान बनाएगी और टीम के हौसलों को सातवें आसमान पर ले जाएगी।
