Kumar Sangakkara reveals why ECB allowed Jofra Archer to skip Test match for IPL
आईपीएल और ईसीबी के बीच का तालमेल
आईपीएल 2026 के इस सीजन में इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) और आईपीएल फ्रेंचाइजी के बीच एक अदृश्य खींचतान देखने को मिली है। जबकि इंग्लैंड के अधिकांश बड़े खिलाड़ियों ने अपने राष्ट्रीय कर्तव्यों को प्राथमिकता देते हुए आईपीएल से दूरी बनाई, जोफ्रा आर्चर एक अपवाद बनकर उभरे। उनके इस फैसले पर कई पूर्व इंग्लिश दिग्गजों ने भी सवाल उठाए थे। हालांकि, मुंबई इंडियंस के खिलाफ शानदार जीत के बाद राजस्थान रॉयल्स के कोच कुमार संगकारा ने इस पूरे मामले पर से पर्दा उठाया है।
सहयोगात्मक निर्णय का दावा
मुंबई इंडियंस पर मिली जीत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए कुमार संगकारा ने स्पष्ट किया कि आर्चर का आईपीएल में बने रहना कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था। Kumar Sangakkara reveals why ECB allowed Jofra Archer to skip Test match for IPL पर बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘मेरे पास जो जानकारी है, उसके अनुसार यह ईसीबी और जोफ्रा के बीच एक सहयोगात्मक निर्णय था। मैं बिना पूरी जानकारी के कुछ नहीं कहना चाहता, लेकिन यह स्पष्ट है कि दोनों पक्षों ने बैठकर इस पर सहमति जताई थी।’
वर्कलोड मैनेजमेंट का महत्व
जोफ्रा आर्चर का करियर पिछले कुछ वर्षों में चोटों से काफी प्रभावित रहा है। यही मुख्य कारण है कि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड उनके वर्कलोड को लेकर बेहद सतर्क है। आर्चर को एक ऐसी प्रतिभा माना जाता है जिसे भविष्य के लिए सुरक्षित रखना जरूरी है। ईसीबी यह सुनिश्चित करना चाहता है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए आर्चर पूरी तरह फिट रहें।
गेंदबाजी लक्ष्यों पर जोर
कुमार संगकारा ने इस बात को भी विस्तार से समझाया कि क्यों टेस्ट क्रिकेट और आईपीएल के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘जब आप टी20 फॉर्मेट में केवल चार ओवर गेंदबाजी करते हैं, तो टेस्ट मैच के लिए आवश्यक गेंदबाजी लक्ष्य (Bowling Goals) को हासिल करना बहुत मुश्किल होता है। आर्चर को अपने लय में आने के लिए समय की आवश्यकता थी।’
संगकारा के अनुसार, ईसीबी ने इस स्थिति को गंभीरता से समझा और उन्हें आईपीएल में बने रहने की अनुमति दी ताकि वह अपनी गेंदबाजी के लक्ष्यों को पूरा कर सकें और फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर सकें।
मैदान पर आर्चर का जलवा
मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच में आर्चर ने साबित कर दिया कि क्यों उन पर इतना भरोसा किया जा रहा है। उन्होंने न केवल बल्ले से 15 गेंदों में 32 रन बनाए, बल्कि गेंदबाजी में भी कमाल करते हुए अपने 4 ओवर के कोटे में मात्र 17 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। उनके इस शानदार प्रदर्शन ने राजस्थान रॉयल्स को प्ले-ऑफ में जगह बनाने में मदद की।
भविष्य की राह
यह स्पष्ट है कि भले ही आर्चर वर्तमान में आईपीएल का आनंद ले रहे हैं, लेकिन उनकी प्राथमिकता अंततः इंग्लैंड की टेस्ट टीम ही है। वर्कलोड मैनेजमेंट प्रोग्राम के तहत, आने वाले समय में यह संभव है कि आर्चर को आईपीएल के बीच में ही वापस इंग्लैंड बुला लिया जाए, ताकि वह टेस्ट सीरीज की तैयारी कर सकें। राजस्थान रॉयल्स का प्रबंधन भी इस बात से पूरी तरह वाकिफ है और वह अपने स्टार गेंदबाज की सेहत के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहता। अंततः, यह पूरा प्रकरण एक खिलाड़ी के करियर को लंबा खींचने और राष्ट्रीय टीम के हितों के बीच सही सामंजस्य बिठाने का एक उदाहरण है।
