KL Rahul: ‘मुझे कभी अच्छा व्हाइट बॉल खिलाड़ी नहीं माना गया’ – टेस्ट प्लेयर के टैग और करियर पर बड़ा खुलासा
केएल राहुल का संघर्ष: ‘टेस्ट प्लेयर’ के टैग से सफेद गेंद के स्टार बनने तक का सफर
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल का करियर किसी रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं रहा है। दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान और टीम इंडिया के प्रमुख स्तंभ राहुल ने हाल ही में अपने खेल के प्रति लोगों के नजरिए और खुद के आत्ममंथन पर बात की। राहुल ने स्वीकार किया कि उनके करियर के शुरुआती 10 सालों में उन्हें कभी भी टी20 या सीमित ओवरों का एक अच्छा खिलाड़ी नहीं समझा गया।
राहुल ने जियोस्टार के चैट शो ‘सुपरस्टार्स’ पर भावुक होते हुए कहा, ‘आज से दस साल पहले, मैं टी20 टीम का हिस्सा बनने के लिए कुछ भी कर सकता था। मुझे कभी भी टी20 खिलाड़ी या एक अच्छा सफेद गेंद का खिलाड़ी नहीं माना गया; मुझ पर सिर्फ एक टेस्ट खिलाड़ी होने का ठप्पा लगा दिया गया था।’ यह बयान राहुल के उस दर्द को बयां करता है जो उन्होंने अपनी काबिलियत साबित करने के दौरान झेला है।
रणजी ट्रॉफी से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक की नींव
राहुल के सफर की शुरुआत 2010 के अंडर-19 विश्व कप से हुई थी, जहां से उन्होंने अपनी प्रतिभा की झलक दिखाई। हालांकि, उनका असली उभार 2013-14 के घरेलू सीजन में हुआ। रणजी ट्रॉफी के उस सत्र में राहुल ने कर्नाटक के लिए 1,000 से अधिक रन बनाए और फाइनल में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुने गए, जिससे कर्नाटक ने खिताब जीता। इस प्रदर्शन ने उनके लिए टीम इंडिया के दरवाजे खोल दिए और 2014 में उन्होंने अपना टेस्ट डेब्यू किया।
2016 में सफेद गेंद के प्रारूप में पदार्पण करने के बाद भी, राहुल का सफर आसान नहीं रहा। वे कभी टीम के अंदर होते तो कभी बाहर। कभी तीनों प्रारूपों के नियमित खिलाड़ी बनते, तो कभी फॉर्म और चोट के कारण जगह गंवा देते। इसी अस्थिरता के कारण सोशल मीडिया पर उन्हें ‘असंगति (inconsistency) का पोस्टर-बॉय’ तक कहा जाने लगा।
‘मैंने अपनी पूरी कोशिश की’ – आलोचनाओं पर राहुल का जवाब
राहुल ने अपनी आलोचनाओं को स्वीकार करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा, ‘उस सांचे से बाहर निकलना, अपने व्हाइट-बॉल गेम को विकसित करना और यहां तक पहुंचना कुछ ऐसा है जिस पर मुझे गर्व है। इस दौरान मैंने गलतियां भी की हैं और ऐसी चीजें भी हैं जिन्हें मैं बेहतर कर सकता था।’
हाल ही में आईपीएल 2026 में राहुल ने पंजाब किंग्स के खिलाफ नाबाद 152 रनों की रिकॉर्ड तोड़ पारी खेली थी। भले ही उनकी टीम वह मैच हार गई, लेकिन राहुल ने आईपीएल के सर्वकालिक रन-चार्ट में पांचवें स्थान पर पहुंचकर अपनी क्लास साबित की। राहुल का मानना है कि खेल के उतार-चढ़ाव ने उन्हें जीवन के प्रति एक नया नजरिया दिया है। उनका कहना है कि हर चीज आपके हिसाब से नहीं हो सकती, लेकिन आपको उसे स्वीकार करना चाहिए और यात्रा का आनंद लेना चाहिए।
ट्रॉफी और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां
केएल राहुल के ट्रॉफी कैबिनेट की बात करें तो उन्होंने कर्नाटक के साथ घरेलू ट्राफियां जीती हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी बड़ी जीत 2023 का वनडे एशिया कप और 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी रही है। वह 2023 में घरेलू मैदान पर हुए वनडे विश्व कप में उपविजेता रही भारतीय टीम का भी हिस्सा थे। हालांकि, 2024 और 2026 के टी20 विश्व कप जीत का वह हिस्सा नहीं बन सके, जिसका मलाल शायद उन्हें हमेशा रहेगा।
राहुल ने भविष्य के बारे में बात करते हुए कहा, ‘जब भी मैं उन चीजों के बारे में उदास महसूस करता हूं जो मैंने हासिल नहीं की हैं, तो मैं खुद को याद दिलाता हूं कि मेरे पास क्या है। मेरे पास अभी भी कुछ समय बचा है और मैं अपनी पूरी कोशिश करता रहूंगा कि मैं और कितनी ट्रॉफियां जीत सकता हूं।’
पिता बनने के बाद बदला जीवन का उद्देश्य
क्रिकेट के मैदान से हटकर, केएल राहुल के निजी जीवन में पिछले साल एक बड़ा बदलाव आया। उन्होंने और उनकी पत्नी, अभिनेत्री अथिया शेट्टी ने अपने जीवन में एक नन्हीं परी (बेटी) का स्वागत किया। राहुल ने बताया कि पिता बनने के बाद उनके क्रिकेट खेलने के तरीके और मानसिक स्थिति में जबरदस्त सुधार हुआ है।
राहुल ने साझा किया, ‘पितृत्व (Fatherhood) मेरे लिए सबसे खूबसूरत चीज रही है। मुझे हमेशा लगता था कि मेरे जीवन में शांति और खुशी है, लेकिन मैं गलत था। आप तब तक खुशी, शांति या आनंद को सही मायने में नहीं जानते जब तक आप अपने बच्चे को नहीं पकड़ते।’ उन्होंने आगे कहा कि उनकी बेटी की मुस्कान उनके सारे जख्म, दर्द और चिंताओं को भुला देती है, जिससे उन्हें खेल में भी बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिली है।
निष्कर्ष
केएल राहुल की कहानी एक ऐसे खिलाड़ी की कहानी है जिसने न केवल विरोधियों का सामना किया, बल्कि उन धारणाओं से भी लड़ा जो समाज ने उनके बारे में बनाई थीं। एक ‘टेस्ट विशेषज्ञ’ से आईपीएल के दिग्गज बल्लेबाज बनने तक का उनका सफर प्रेरणादायक है। अब एक पिता के रूप में मिली नई ऊर्जा के साथ, प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि राहुल आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को और भी ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
