IPL 2026: जसप्रीत बुमराह का मुंबई इंडियंस के मालिकों पर तंज, कप्तानी को लेकर कही बड़ी बात
जसप्रीत बुमराह की कप्तानी और MI प्रबंधन पर सवाल
आईपीएल 2026 के सीजन में मुंबई इंडियंस के लिए चीजें काफी चुनौतीपूर्ण रही हैं। धर्मशाला में पंजाब किंग्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में टीम ने अपने अनुभवी तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी। यह पहली बार है जब बुमराह अपने आईपीएल करियर में किसी फ्रेंचाइजी की कप्तानी कर रहे हैं। हालांकि, टॉस के समय उनके द्वारा दिए गए एक बयान ने क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी है।
टॉस के दौरान बुमराह का तंज
जब टॉस के दौरान बुमराह से उनकी कप्तानी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं मुंबई इंडियंस का कप्तान बनने से पहले टेस्ट कप्तान बन जाऊंगा।’ यह टिप्पणी सीधे तौर पर मुंबई इंडियंस के नेतृत्व के फैसलों पर एक तंज के रूप में देखी जा रही है। फैंस का मानना है कि बुमराह यह कहना चाह रहे थे कि उन्हें बहुत पहले ही कप्तानी का मौका मिल जाना चाहिए था।

नेतृत्व के अवसरों में देरी का इतिहास
जसप्रीत बुमराह ने 2022 में रोहित शर्मा की अनुपस्थिति में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में पहली बार भारतीय टीम का नेतृत्व किया था। इसके अलावा, 2024-25 में ऑस्ट्रेलिया में हुई बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान भी उन्होंने कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली। इन अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों के बावजूद, मुंबई इंडियंस ने उन्हें नजरअंदाज करना जारी रखा। जब रोहित शर्मा को कप्तानी से हटाया गया, तब भी टीम ने बुमराह के बजाय हार्दिक पांड्या पर भरोसा जताया था।
क्रिप्टिक पोस्ट और प्रशंसकों का नजरिया
यह पहली बार नहीं है जब बुमराह के बयानों या सोशल मीडिया गतिविधियों ने चर्चा छेड़ी है। आईपीएल 2024 के दौरान जब कप्तानी में बदलाव हुआ था, तब भी बुमराह के कुछ पोस्ट को फ्रेंचाइजी के फैसलों से उनकी नाराजगी के रूप में देखा गया था। हालांकि उन्होंने कभी खुलकर प्रबंधन की आलोचना नहीं की, लेकिन धर्मशाला में दिया गया उनका यह बयान काफी प्रभावशाली है।
क्या यह बहुत देर हो चुकी है?
विडंबना यह है कि बुमराह को कप्तानी तब मिली है जब मुंबई इंडियंस पहले ही आईपीएल 2026 के प्लेऑफ की दौड़ से लगभग बाहर हो चुकी है। टीम ने अब तक 11 मैचों में केवल 3 जीत दर्ज की हैं। हार्दिक पांड्या और सूर्यकुमार यादव दोनों ही कप्तानी के मोर्चे पर संघर्ष करते नजर आए। अब सारा दारोमदार जसप्रीत बुमराह पर है कि वे अपनी पहली कप्तानी वाली पारी में टीम के प्रदर्शन में सुधार कर सकें और अपनी लीडरशिप क्षमता साबित कर सकें।
निष्कर्ष
मुंबई इंडियंस का यह सीजन निराशाजनक रहा है, लेकिन जसप्रीत बुमराह का कप्तान बनना टीम के लिए एक नया अध्याय हो सकता है। क्या बुमराह का यह कप्तानी का मौका उन्हें टीम का भविष्य बनाने में मदद करेगा, यह देखना बाकी है। लेकिन एक बात साफ है कि बुमराह अब केवल एक गेंदबाज नहीं, बल्कि एक ऐसे नेता के रूप में उभर रहे हैं जो अपनी बात बेबाकी से रखना जानते हैं। क्रिकेट प्रेमी अब बुमराह की इस नई भूमिका में उनके प्रदर्शन पर अपनी नजरें टिकाए हुए हैं।
