गौतम गंभीर-अजित अगरकर अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए वरिष्ठ खिलाड़ी को बना सकते हैं बलि का बकरा
अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच से पहले भारतीय चयन समिति के सामने बड़े फैसले का दौर चल रहा है। अजित अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति जल्द ही भारत बनाम अफगानिस्तान के एकमात्र टेस्ट (6 से 10 जून, न्यू चंडीगढ़) और तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए टीम चुनने बैठने वाली है। इस दौरान कई खिलाड़ियों के भविष्य पर गहरी नजर टिकी हुई है।
टीम में बड़े एक्सपेरिमेंट की उम्मीद कम
चूंकि टीम इंडिया श्रीलंका और न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी अहम टेस्ट सीरीज की तैयारी में लगी हुई है, ऐसे में प्रबंधन उन्हीं अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा कर रहा है जो विभिन्न परिस्थितियों में प्रदर्शन कर सकें। इसलिए पिछले एक साल में टेस्ट टीम का हिस्सा रहे अधिकांश खिलाड़ियों के बरकरार रहने की संभावना है।
बुमराह के लोड पर नजर: टेस्ट या वनडे, एक ही
इस बार सबसे बड़ा चिंता का विषय जसप्रीत बुमराह के काम के दबाव को लेकर है। आईपीएल के खतरनाक शेड्यूल के बाद बुमराह को थोड़ी आराम की जरूरत है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम मैनेजमेंट उन्हें दोनों सीरीज (टेस्ट और वनडे) में खेलते हुए नहीं देखना चाहता।
खबरों की मानें तो बुमराह या तो अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच में खेलेंगे, या फिर वनडे सीरीज में वापसी करेंगे। अगर वे टेस्ट खेलते हैं, तो वनडे के लिए आराम दिया जा सकता है। इसके विपरीत, अगर वे टेस्ट नहीं खेलते हैं, तो वनडे सीरीज के लिए फिर से तैयार हो जाएंगे।
अक्षर पटेल की जगह खतरे में: गंभीर-अगरकर के निशाने पर
हालांकि, सबसे बड़ा झटका अनुभवी ऑलराउंडर अक्षर पटेल को लग सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गौतम गंभीर और अजित अगरकर की जोड़ी टीम में स्पिन विभाग को लेकर अक्षर पटेल के आगे के रोल पर सवाल उठा रही है। वर्तमान में, रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव और वाशिंगटन सुंदर को टीम में स्थान मिलता दिख रहा है। ऐसे में अक्षर पटेल के टेस्ट टीम में बच पाने की संभावना कमजोर होती जा रही है।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ करारी हार का असर
यह स्थिति भारत की घर पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2-0 से करारी टेस्ट सीरीज हार के बाद उभरी है। दूसरे टेस्ट में 408 रनों से मिली हार टेस्ट इतिहास में टीम इंडिया की सबसे बड़ी हार है। इस हार के बाद चयन समिति टीम में बदलाव की तलाश में है।
अक्षर पटेल क्यों नहीं बच पा रहे?
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट में अक्षर ने 42 रन बनाए और दो विकेट लिए, लेकिन उनका प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा। दूसरे टेस्ट में तो उन्हें खेलने का मौका भी नहीं मिला, क्योंकि टीम मैनेजमेंट अतिरिक्त तेज गेंदबाज के साथ संतुलन बनाना चाहती थी।
- पूरी सीरीज में अक्षर ने सिर्फ 20 ओवर फेंके।
- बल्लेबाजी में भी उनका कोई बड़ा योगदान नहीं रहा।
- पहले टेस्ट की दूसरी पारी में एक छोटे लक्ष्य (124 रन) के पीछे चेस करते हुए उनकी लापरवाह विकेट ने भी आलोचना झेली।
इन सब के मद्देनजर, अक्षर पटेल के चयन पर प्रश्नचिह्न लग गया है। ऐसे में गंभीर और अगरकर उनके टेस्ट टीम से बाहर होने की संभावना पर गहन विचार कर रहे हैं।
युवा खिलाड़ियों की बढ़ती चुनौती
इस बीच, चयनकर्ता आगामी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप और 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए टीम के पुनर्निर्माण पर ध्यान दे रहे हैं। इसी क्रम में युवा स्पिनर मानव सुथार पर विचार किया जा रहा है, जो अक्षर पटेल के लिए चुनौती पेश कर सकता है।
वहीं, तेज गेंदबाज गुरनूर बरार को भी घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के आधार पर पहली बार टीम में शामिल होने की संभावना है।
अगर अक्षर पटेल को ड्रॉप किया जाता है, तो यह संकेत होगा कि टीम मैनेजमेंट अब परिणाम आधारित निर्णय ले रही है, चाहे खिलाड़ी कितना भी अनुभवी क्यों न हो।
