पूर्व पंजाब क्रिकेटर अमनप्रीत सिंह गिल का 36 वर्ष की आयु में निधन, क्रिकेट जगत में शोक की लहर
क्रिकेट जगत में शोक: अमनप्रीत सिंह गिल का असामयिक निधन
भारतीय क्रिकेट के लिए यह समय बेहद दुखद है। पूर्व पंजाब क्रिकेटर और आईपीएल फ्रेंचाइजी पंजाब किंग्स का हिस्सा रहे अमनप्रीत सिंह गिल का बुधवार, 6 मई को निधन हो गया। महज 36 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कह देने वाले अमनप्रीत अपने पीछे कई सुनहरी यादें छोड़ गए हैं। उनके निधन की खबर ने क्रिकेट जगत को स्तब्ध कर दिया है और प्रशंसकों के साथ-साथ उनके पूर्व साथियों ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है।
(फोटो साभार: एएफपी)
पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन ने जताया गहरा दुख
पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए इस दुखद खबर की पुष्टि की। एसोसिएशन ने एक आधिकारिक बयान में लिखा, ‘पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन अमनप्रीत सिंह गिल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करती है। अमनप्रीत पंजाब के पूर्व क्रिकेटर और सीनियर चयन समिति के सदस्य थे।’ PCA ने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।
अमनप्रीत सिंह गिल का क्रिकेट करियर: एक संक्षिप्त सफर
अमनप्रीत सिंह गिल का जन्म सितंबर 1989 में चंडीगढ़ में हुआ था। एक तेज गेंदबाज के रूप में, उन्होंने युवा अवस्था में ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था।
- अंडर-19 टीम में सफलता: अमनप्रीत 2000 के दशक के मध्य में भारत की अंडर-19 टीम का हिस्सा थे। उन्होंने 2007 में श्रीलंका में आयोजित त्रिकोणीय सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया था।
- विराट कोहली के साथ खेले: उन्होंने विराट कोहली और मनीष पांडे जैसे भविष्य के सितारों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया है। श्रीलंका में हुए फाइनल मैच में बांग्लादेश के खिलाफ उनका 2-14 का स्पेल भारतीय टीम की जीत में निर्णायक साबित हुआ था।
- घरेलू क्रिकेट: अमनप्रीत ने पंजाब की टीम के लिए छह प्रथम श्रेणी मैच खेले, जो 2006-07 से 2008-09 के रणजी ट्रॉफी सीजन के दौरान थे।
- आईपीएल का सफर: वह आईपीएल के शुरुआती दिनों में पंजाब किंग्स (तब किंग्स इलेवन पंजाब) का हिस्सा रहे थे।
क्रिकेट जगत की भावभीनी प्रतिक्रियाएं
अमनप्रीत के निधन की खबर मिलने के बाद से ही सोशल मीडिया पर शोक संदेशों का तांता लग गया है। चूंकि यह दुखद घटना आईपीएल 2026 के बीच में हुई है, इसलिए हैदराबाद में पंजाब किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच होने वाले मुकाबले में खिलाड़ियों द्वारा काली पट्टी बांधकर श्रद्धांजलि देने की पूरी संभावना है।
खेल के प्रति उनका समर्पण
संन्यास लेने के बाद भी अमनप्रीत ने क्रिकेट का दामन नहीं छोड़ा था। वह पंजाब की सीनियर चयन समिति के सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे और राज्य के युवा खिलाड़ियों को तराशने में अहम भूमिका निभा रहे थे। एक तेज गेंदबाज के रूप में उनकी ऊर्जा और खेल के प्रति उनका समर्पण हमेशा याद किया जाएगा। उनका अंतिम संस्कार चंडीगढ़ के मनीमाजरा श्मशान घाट में संपन्न हुआ, जहां उनके करीबी लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे।
अमनप्रीत का जाना भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके परिवार और मित्रों के लिए यह समय अत्यंत कठिन है। हमारी संवेदनाएं उनके प्रियजनों के साथ हैं। उनकी खेल भावना और मैदान पर दिए गए उनके योगदान को हमेशा सम्मानित किया जाएगा।
