फहीम अशरफ का दोहरा चेहरा: सुरेश रैना को आदर्श मानने वाले पाकिस्तानी खिलाड़ी पर मचा बवाल
फहीम अशरफ का अजीब विरोधाभास: रैना की तारीफ और भारत पर निशाना
हाल ही में क्रिकेट जगत में एक ऐसी खबर सामने आई जिसने प्रशंसकों को हैरान कर दिया है। पाकिस्तानी ऑलराउंडर फहीम अशरफ ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुरेश रैना को अपना ‘आइडल’ बताया है। हालांकि, यह बयान उनके अतीत के कार्यों के साथ मेल नहीं खाता, जिसके कारण अब नेटिज़न्स उन्हें आड़े हाथों ले रहे हैं।

विवादों से रहा है पुराना नाता
भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण हैं। 2012 के बाद से दोनों देशों के बीच कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली गई है। इस बीच, फहीम अशरफ का नाम कई बार भारत विरोधी गतिविधियों के कारण चर्चा में रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ ऐसी पोस्ट साझा की थीं जिन्हें भारत के खिलाफ अपमानजनक और आपत्तिजनक माना गया था। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान उनके द्वारा किए गए कुछ सोशल मीडिया पोस्ट ने भारतीय प्रशंसकों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई थी।
सुरेश रैना को बताया अपना आदर्श
एक यूट्यूब चैनल के साक्षात्कार के दौरान, फहीम अशरफ ने खुलकर अपनी पसंद साझा की। उन्होंने कहा, ‘क्रिस गेल, सईद अनवर, सुरेश रैना – ये सभी बचपन में मेरे बल्लेबाजी के आदर्श थे। लोग (भारतीय) हमारे नाम नहीं ले सकते, लेकिन हमें उनकी प्रशंसा करने में कोई समस्या नहीं है। वे हमारी तारीफ करने में डरते हैं या मुसीबत में पड़ सकते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं करते।’
उनकी यह टिप्पणी एक तरह के ‘विक्टिम कार्ड’ के रूप में देखी जा रही है। प्रशंसकों का कहना है कि जो खिलाड़ी खुद भारत के खिलाफ सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डाल चुका हो, उसे इस तरह की बातें शोभा नहीं देतीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कई उपयोगकर्ताओं ने फहीम अशरफ को आड़े हाथों लिया और उनके दोहरे मानदंडों की आलोचना की।
करियर पर मंडराता संकट
केवल विवाद ही नहीं, बल्कि क्रिकेट के मैदान पर भी फहीम अशरफ का प्रदर्शन हाल के समय में काफी निराशाजनक रहा है। पीएसएल (PSL) 2026 में उनका प्रदर्शन बेहद औसत रहा था, जिसके बाद 2026 टी20 वर्ल्ड कप में भी उनका बल्ला और गेंद दोनों खामोश रहे। पाकिस्तान की टीम के सुपर 8 में बाहर होने के बाद से ही उन पर पीसीबी के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है।
खबरों के मुताबिक, बोर्ड अब युवा खिलाड़ियों जैसे अजान अवैस और अब्दुल्ला फजल को प्राथमिकता देने की योजना बना रहा है, जिन्होंने हालिया बांग्लादेश टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया है। अपनी फॉर्म वापस पाने के लिए, फहीम अशरफ ने अब यॉर्कशायर के साथ काउंटी चैंपियनशिप के लिए करार किया है।
निष्कर्ष
खेल के मैदान में खिलाड़ी अक्सर एक-दूसरे से प्रेरणा लेते हैं, और सुरेश रैना जैसे खिलाड़ी का सम्मान करना स्वाभाविक है। हालांकि, जब एक खिलाड़ी अपने अतीत में किसी देश के खिलाफ नफरत फैलाने वाली हरकतें करता है और फिर उसी देश के दिग्गज खिलाड़ी का नाम लेकर ‘बड़प्पन’ दिखाने का नाटक करता है, तो यह प्रशंसकों के बीच अविश्वास पैदा करता है। फहीम अशरफ का मामला यही दर्शाता है कि क्रिकेट की दुनिया में केवल खेल का प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि खिलाड़ी का आचरण भी मायने रखता है।
क्या फहीम अशरफ अपने काउंटी क्रिकेट के प्रदर्शन से खुद को साबित कर पाएंगे? यह तो समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल वे अपने विवादास्पद बयानों के कारण ही चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं।
