Cricket News

दिल्ली कैपिटल्स में बड़े बदलाव की तैयारी: IPL 2026 के खराब प्रदर्शन के बाद मालिकाना हक में बदलाव का प्रस्ताव

Victor Jain · · 1 min read

दिल्ली कैपिटल्स के मालिकाना ढांचे में बड़े बदलाव की आहट

दिल्ली कैपिटल्स (DC) के लिए आईपीएल 2026 का सीजन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है। मैदान पर टीम का प्रदर्शन जितना खराब रहा है, उतनी ही हलचल अब फ्रैंचाइजी के प्रशासनिक गलियारों में भी देखी जा रही है। वर्तमान में, दिल्ली कैपिटल्स का स्वामित्व दो बड़े व्यापारिक समूहों – जीएमआर ग्रुप (GMR Group) और पार्थ जिंदल के जेएसडब्ल्यू ग्रुप (JSW Group) के पास है। ये दोनों समूह बारी-बारी से टीम के संचालन की जिम्मेदारी संभालते हैं।

हालिया रिपोर्टों के अनुसार, टीम के इस दोहरे स्वामित्व मॉडल में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रस्ताव पेश किया गया है। यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब टीम अंक तालिका में निचले पायदान पर संघर्ष कर रही है और उसके प्लेऑफ में पहुंचने की संभावनाएं लगभग समाप्त होती नजर आ रही हैं।

चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मिली करारी शिकस्त

5 मई को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स का सामना चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) से हुआ। कप्तान अक्षर पटेल ने टॉस जीता और घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। हालांकि, यह फैसला दिल्ली के पक्ष में नहीं गया। टीम का शीर्ष क्रम पूरी तरह से फ्लॉप रहा।

  • पाथुम निसांका: 19 रन
  • केएल राहुल: 12 रन
  • नितीश राणा: 15 रन
  • करुण नायर: 13 रन
  • अक्षर पटेल: 9 रन

69 रनों पर 5 विकेट खोने के बाद दिल्ली की टीम गहरे संकट में थी। यह तो भला हो ट्रिस्टन स्टब्स का, जिन्होंने 31 गेंदों में 38 रन बनाए और समीर रिज़वी का, जिन्होंने महज 24 गेंदों में 4 छक्कों की मदद से नाबाद 40 रन ठोक दिए। इन पारियों की बदौलत दिल्ली ने 155/7 का एक सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया।

संजू सैमसन की तूफानी पारी ने दिल्ली को धोया

156 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत भी कुछ खास नहीं रही थी। रुतुराज गायकवाड़ सस्ते में आउट हो गए, लेकिन इसके बाद संजू सैमसन का तूफान आया। सैमसन ने दिल्ली के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और 87 रनों की नाबाद पारी खेली, जिसमें 7 चौके और 6 छक्के शामिल थे। उन्होंने कार्तिक शर्मा (41*) के साथ मिलकर 114 रनों की अटूट साझेदारी की और सीएसके को 8 विकेट से जीत दिला दी।

जीएमआर ग्रुप का तीन साल के ओनरशिप चक्र का प्रस्ताव

दिल्ली कैपिटल्स के मौजूदा मॉडल में दोनों निवेशकों के बीच दो- साल का ऑपरेशनल चक्र होता है। क्रिकब्लॉगर की रिपोर्ट के अनुसार, जीएमआर ग्रुप ने अब इस चक्र को तीन साल करने का सुझाव दिया है। इस बदलाव के पीछे का मुख्य तर्क यह है कि आईपीएल का पूरा ईकोसिस्टम मेगा नीलामी के कारण तीन साल के चक्र पर चलता है।

तीन साल का कार्यकाल क्यों है जरूरी?

  • रणनीतिक निरंतरता: तीन साल का समय मिलने पर प्रबंधन अपनी दीर्घकालिक योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू कर सकता है।
  • खिलाड़ियों का विकास: मेगा ऑक्शन के बाद टीम बनाने और खिलाड़ियों की भूमिका तय करने के लिए पर्याप्त समय मिलता है।
  • स्थिरता: कोचिंग स्टाफ और नेतृत्व समूह में बार-बार बदलाव की आवश्यकता नहीं पड़ती।

दिलचस्प बात यह है कि आंकड़ों पर नजर डालें तो जब-जब जेएसडब्ल्यू ग्रुप के पास कमान रही है, दिल्ली ने नॉकआउट चरणों में जगह बनाई है। इसके विपरीत, जीएमआर के कार्यकाल में टीम को अक्सर संघर्ष करते देखा गया है। जेएसडब्ल्यू ग्रुप इस प्रस्ताव पर सीजन खत्म होने के बाद विचार कर सकता है।

क्या दिल्ली कैपिटल्स अब भी प्लेऑफ की दौड़ में है?

सीएसके से मिली हार के बाद दिल्ली कैपिटल्स की स्थिति काफी नाजुक हो गई है। अब तक खेले गए 10 मैचों में से टीम ने 6 हारे हैं और केवल 4 में जीत दर्ज की है। 8 अंकों के साथ वे अंक तालिका में काफी नीचे हैं।

गणितीय रूप से भले ही वे अभी बाहर नहीं हुए हैं, लेकिन उनका खराब नेट रन रेट (NRR) उनके लिए सबसे बड़ी बाधा है। मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स जैसी टीमें ही उनसे नीचे हैं। आने वाले मैचों में अगर दिल्ली को प्लेऑफ की दौड़ में बने रहना है, तो उन्हें न केवल अपने सभी मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे, बल्कि दूसरी टीमों के परिणामों पर भी निर्भर रहना होगा।

दिल्ली कैपिटल्स की यह स्थिति फ्रैंचाइजी मालिकों के लिए चिंता का विषय है, और यही कारण है कि अब प्रशासनिक ढांचे में बदलाव को ही टीम की किस्मत बदलने का एकमात्र रास्ता माना जा रहा है।

Victor Jain

Victor Jain is one of the most recognisable bilingual voices in Indian cricket, serving as a senior Hindi commentator for JioCinema and a columnist for The Caravan. A history graduate from the University of Delhi, Victor brings an archival depth to his analysis, often unearthing forgotten tales from India’s pre‑IPL cricketing heritage. He splits his time between the commentary box and the editing suite, having produced acclaimed short documentaries on the rise of the Women’s Premier League and the fast‑bowling culture in Delhi's club circuit. His work spans live match calling on billion‑strong digital platforms, long‑form features, and media rights commentary, always delivered with a distinctive blend of old‑school reverence and new‑age candour. Victor often says he learned more about cricket from the radio commentaries of the 1990s than any coaching manual — a philosophy that shapes his immersive, story‑driven style.