Campbelle repays the faith to stun defending champions: वेस्टइंडीज की ऐतिहासिक जीत
विश्वास की जीत: शेमेन कैंपबेल का वो ऐतिहासिक धमाका जिसने सबको चौंका दिया
वेस्टइंडीज महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी खिलाड़ी शेमेन कैंपबेल ने आखिरकार वह कर दिखाया, जिसके लिए उनका पूरा खेमा लंबे समय से दुआएं मांग रहा था। महिला टी20 विश्व कप के अपने पहले ही मुकाबले में वेस्टइंडीज ने गत चैंपियन न्यूजीलैंड को हराकर एक बड़ा उलटफेर किया। इस ऐतिहासिक जीत की मुख्य सूत्रधार रहीं कैंपबेल, जिन्होंने न केवल अपने करियर की सबसे बेहतरीन पारी खेली बल्कि यह भी साबित कर दिया कि क्यों उन्हें टीम की धड़कन कहा जाता है।
यह मुकाबला वेस्टइंडीज के लिए आसान नहीं था। टीम को अपनी दो सबसे अनुभवी और आक्रामक खिलाड़ियों, स्टेफनी टेलर और शिनेल हेनरी की सेवाएं नहीं मिल पा रही थीं। ऐसे नाजुक मौके पर कैंपबेल ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली। उन्होंने 62 गेंदों में नाबाद 90 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें सात शानदार चौके और तीन गगनचुंबी छक्के शामिल थे। मैच की आखिरी गेंद से ठीक पहले एक लेग-बाई के जरिए उन्होंने टीम को जीत की दहलीज के पार पहुंचाया और मैदान पर भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मैच के बाद कैरेबियाई दिग्गज इयान बिशप के साथ बातचीत के दौरान कैंपबेल बेहद भावुक नजर आईं, जिसने हर क्रिकेट प्रेमी के दिल को छू लिया।
टीम की धड़कन और कोच का अटूट भरोसा
वेस्टइंडीज महिला टीम के मुख्य कोच शेन डेट्ज़ ने कैंपबेल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘वह इस टीम का दिल और आत्मा हैं।’ डेट्ज़ ने आगे कहा, ‘उनके भीतर क्रिकेट को लेकर गजब का जुनून है। मैच के अंत में वे बेहद भावुक थीं, लेकिन वे लंबे समय से हमारी टीम की धड़कन रही हैं। शायद अतीत में उनका प्रदर्शन वैसा नहीं रहा जैसा लोग उम्मीद कर रहे थे। वे थोड़े दबाव में भी थीं, लेकिन हमने हमेशा उनका साथ दिया क्योंकि हमें विश्वास था कि वे एक महान खिलाड़ी हैं और टीम के लिए बहुत कुछ कर सकती हैं।’
कोच ने खेल के एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू पर प्रकाश डालते हुए कहा कि क्रिकेट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है। उन्होंने कहा, ‘यह हमेशा केवल आंकड़ों के बारे में नहीं होता। यह इस बारे में है कि आप टीम में खुद को कैसे एकीकृत करते हैं और मैदान के अंदर और बाहर एक लीडर के रूप में कैसे भूमिका निभाते हैं। हम उनके लिए बेहद खुश हैं। वह टीम के सबसे पसंदीदा खिलाड़ियों में से एक हैं। हमें उम्मीद है कि वह इस शानदार फॉर्म को जारी रखेंगी और विश्व कप में हमें और भी कई मैच जिताएंगी।’
कैरेबियाई डीएनए और पावर-हिटिंग का दम
वेस्टइंडीज की इस जीत ने प्रशंसकों को अक्टूबर 2024 में दुबई में इंग्लैंड के खिलाफ मिली ऐतिहासिक जीत की याद दिला दी। उस मैच में भी कप्तान हेली मैथ्यूज और कियाना जोसेफ ने पावरप्ले में विरोधी टीम के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया था। इस बार भी कुछ वैसा ही इरादा था। हालांकि, कैंपबेल को अपनी इस 90 रनों की पारी के दौरान किस्मत का भी भरपूर साथ मिला। उन्हें दो बार जीवनदान मिला, एक स्टंपिंग का मौका बचा और जब वे 24 रन पर थीं, तब एक एलबीडब्ल्यू (LBW) समीक्षा भी उनके पक्ष में गई। लेकिन इन सबके बावजूद, कैंपबेल और कप्तान हेली मैथ्यूज के आक्रामक रवैये ने न्यूजीलैंड की फील्डिंग को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया।
कोच शेन डेट्ज़ ने खुलासा किया कि यह पावर-गेम कोई इत्तेफाक नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था। उन्होंने कहा, ‘जब मैंने 2023 में कोच का पद संभाला था, तब हमने उन क्षेत्रों का विश्लेषण किया था जहां सुधार की जरूरत थी। हमने महसूस किया कि हमें अधिक बाउंड्री लगाने और कैरेबियाई डीएनए के अनुकूल एक पावर-गेम विकसित करने की आवश्यकता है। हम इसी रणनीति पर टिके रहे। हम पावर-हिटिंग का बहुत अभ्यास करते हैं, गेंद को अधिक जोर से हिट करने का प्रयास करते हैं और फील्डर्स को दबाव में डालते हैं। आज सब कुछ हमारे पक्ष में रहा।’
मैदान पर गरमा-गरमी: जोसेफ और मैथ्यूज का अनोखा पल
हालांकि मैच में वेस्टइंडीज के लिए सब कुछ योजना के अनुसार नहीं रहा। पारी के दूसरे ओवर में ही एक रन-आउट के कारण कियाना जोसेफ और कप्तान हेली मैथ्यूज के बीच मैदान पर तीखी बहस देखने को मिली। जोसेफ जब रन-आउट होकर पवेलियन लौट रही थीं, तब दोनों खिलाड़ियों के बीच कंधे भी टकराते हुए दिखे, जिससे जोसेफ काफी गुस्से में नजर आ रही थीं।
इस घटना पर हंसते हुए कोच डेट्ज़ ने कहा, ‘जब मैंने लड़कियों के फाइटिंग स्पिरिट की तारीफ की थी, तो मेरा मतलब शारीरिक रूप से लड़ने से नहीं था! मैंने अभी तक उनसे इस बारे में बात नहीं की है। मुझे लगता है कि वहां एक रन की गुंजाइश थी, और कियाना गेंद को देख रही थीं जबकि हेली उन्हें कॉल कर रही थीं। क्रिकेट में ऐसा होता रहता है। मुझे नहीं लगता कि वे सचमुच लड़ रही हैं। लेकिन हां, अगर ऐसा होता है तो मैं कियाना का ही साथ दूंगा।’
केवल पावर नहीं, बल्कि सूझबूझ से भरी रनिंग बिटवीन द विकेट्स
इस बड़ी जीत में केवल चौके-छक्कों का ही योगदान नहीं था, बल्कि विकेटों के बीच की दौड़ ने भी अहम भूमिका निभाई। वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने सिंगल्स और डबल्स चुराने में कोई कसर नहीं छोड़ी, जिससे न्यूजीलैंड की टीम पर लगातार दबाव बना रहा।
कोच डेट्ज़ ने इस पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा, ‘हमें खेल में थोड़ी बारीकी और चालाकी भी रखनी होगी। हमने आज विकेटों के बीच बेहतरीन दौड़ लगाई और उन पर दबाव बनाया। इसलिए यह केवल एक पावर-गेम नहीं था। समग्र क्रिकेट के लिहाज से हमने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। हमने गेंदबाजी में भी शानदार वापसी की और उन्हें कम से कम 20 रन पहले रोक दिया। फील्डिंग में भी हमारा प्रदर्शन सराहनीय रहा।’
न्यूजीलैंड की निराशा और आगे की राह
दूसरी ओर, गत चैंपियन न्यूजीलैंड के लिए यह दिन बेहद निराशाजनक रहा। उनके खराब फील्डिंग प्रदर्शन ने उनसे मैच छीन लिया। न्यूजीलैंड की खिलाड़ी मैडी ग्रीन ने मैच के बाद अपनी निराशा जाहिर करते हुए कहा, ‘हमने बोर्ड पर एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था, लेकिन दुर्भाग्य से हमारी फील्डिंग ने हमें निराश किया। आज हमारी टीम के लिए मैदान पर एक बहुत ही बुरा दिन था। लेकिन अब हमारे पास बहुत जल्दी इससे उबरने और आगे बढ़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। अगले मैच से पहले हमें निश्चित रूप से अपनी कुछ कमियों को दूर करना होगा।’
वेस्टइंडीज की इस जीत ने ग्रुप की जंग को बेहद रोमांचक बना दिया है। शेमेन कैंपबेल की यह पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी और इसने साबित कर दिया है कि जब हौसले बुलंद हों और टीम का भरोसा साथ हो, तो इतिहास रचना नामुमकिन नहीं है।
