Watch: Basit Ali tears into Shadab Khan as Saqlain Mushtaq listens on Live TV
पाकिस्तान क्रिकेट में विवाद: बासित अली ने शादाब खान को घेरा
हाल ही में संपन्न हुए वनडे मैच के दौरान पाकिस्तान क्रिकेट में एक बड़ा विवाद सामने आया है। रावलपिंडी में खेले गए ऐतिहासिक 1000वें वनडे मैच में पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को पांच विकेट से हराया, लेकिन मैच के बाद का माहौल चर्चा का विषय बन गया। पूर्व चयनकर्ता बासित अली ने लाइव टीवी पर ऑलराउंडर शादाब खान की टीम में वापसी पर तीखी आलोचना की। Watch: Basit Ali tears into Shadab Khan as Saqlain Mushtaq listens on Live TV की यह क्लिप सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है, क्योंकि उस समय पैनल में मौजूद दिग्गज सकलैन मुश्ताक सब कुछ चुपचाप सुन रहे थे।
मैच का परिदृश्य और शादाब का प्रदर्शन
यह मैच पाकिस्तान के लिए एक मील का पत्थर था, क्योंकि यह उनका 1000वां वनडे मुकाबला था। गेंदबाजी के लिए अनुकूल पिच का फायदा उठाते हुए पाकिस्तान के गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को बांध कर रखा। पदार्पण कर रहे युवा स्पिनर अराफात मिन्हास ने 5/32 के शानदार आंकड़े दर्ज किए, जो वनडे डेब्यू पर किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी द्वारा लिया गया पहला पांच-विकेट हॉल है। दूसरी ओर, शादाब खान का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। उन्होंने 8 ओवरों में 54 रन लुटाए और उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला। अन्य गेंदबाजों की तुलना में शादाब का इकोनॉमी रेट 6.75 था, जो काफी महंगा साबित हुआ।
बासित अली के कड़े सवाल
मैच के बाद एआरवाई न्यूज के पैनल पर बासित अली ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, ‘आप मुझे बताएं, शादाब खान ने तीन साल से वनडे क्रिकेट नहीं खेला है, तो वह सीधे टीम में कैसे आ गए? उन्होंने केवल पीएसएल खेला है। तीन साल तक केवल चार ओवर प्रति दिन गेंदबाजी करने के बाद आप उन्हें वनडे टीम में कैसे ला सकते हैं?’
बासित अली ने इसे सीधे तौर पर ‘पक्षपात’ करार दिया। उन्होंने आगे कहा, ‘बासित अली वह पहला व्यक्ति था जिसने शादाब खान को अंडर-19 क्रिकेट के लिए चुना था। लेकिन जब कोई प्रदर्शन नहीं होता और आप खिलाड़ियों को सीधे टीम में पैराशूट की तरह उतार देते हैं, तो युवा खिलाड़ी खुश नहीं होते। पीसीबी और चयनकर्ताओं के दबाव के कारण युवा चुप रहते हैं, लेकिन अंततः यह पाकिस्तान क्रिकेट को नुकसान पहुंचाता है।’
सकलैन मुश्ताक की उपस्थिति
इस पूरी आलोचना के दौरान सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि पैनल में शादाब खान के ससुर और महान ऑफ-स्पिनर सकलैन मुश्ताक भी बैठे थे। बासित अली ने उनके सामने ही यह कड़ी टिप्पणी की। यह स्थिति क्रिकेट प्रशंसकों के लिए काफी स्तब्ध करने वाली थी। यह पहली बार नहीं है जब शादाब पर सवाल उठे हैं, लेकिन लाइव टीवी पर इस तरह का सीधा हमला पाकिस्तान के घरेलू क्रिकेट विवादों को फिर से हवा दे गया है।
शादाब खान का सांख्यिकीय विश्लेषण
शादाब खान 2017 में अपने वनडे डेब्यू के बाद से ही निरंतरता की कमी से जूझ रहे हैं। साल 2023 के वनडे विश्व कप के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था। अब उनकी वापसी को कई क्रिकेट विश्लेषक सही नहीं मान रहे हैं। वनडे में उनके आंकड़े बताते हैं कि उन्होंने 71 मैचों में 35.45 की औसत और 5.26 की इकोनॉमी से 85 विकेट लिए हैं। हालांकि, पिछले पांच वनडे मैचों में वे एक भी विकेट हासिल नहीं कर पाए हैं।
निष्कर्ष
बासित अली के बयानों ने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं। जहां एक तरफ अराफात मिन्हास जैसे युवा खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं अनुभवी खिलाड़ियों पर इस तरह की मेहरबानी और खराब प्रदर्शन के बावजूद उन्हें टीम में बनाए रखना पाकिस्तान क्रिकेट के लिए भविष्य में चिंता का विषय हो सकता है। यह मामला साफ तौर पर दर्शाता है कि पाकिस्तान क्रिकेट में चयन के मानदंडों और खिलाड़ियों के प्रदर्शन के बीच एक गहरा असंतुलन बना हुआ है।
