बाबर आजम की टेस्ट कप्तानी में वापसी के संकेत: शान मसूद का बढ़ता संकट
पाकिस्तान क्रिकेट में बदलाव की आहट
मीरपुर में बांग्लादेश के खिलाफ मिली हार ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के जख्मों को फिर से ताजा कर दिया है। 268 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पूरी टीम का मात्र 163 रनों पर सिमट जाना न केवल एक खराब प्रदर्शन है, बल्कि यह टीम के मनोबल पर भी एक बड़ा प्रहार है। इस हार के बाद से ही टेस्ट कप्तान शान मसूद पर चहुंओर से तीखे हमले हो रहे हैं। बोर्ड के भीतर भी अब धैर्य खत्म होता दिख रहा है, जिससे कप्तानी में बदलाव की खबरें तेज हो गई हैं।
शान मसूद की कप्तानी पर उठे सवाल
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के भीतर के सूत्रों के अनुसार, शीर्ष अधिकारी शान मसूद की कप्तानी से निराश हैं। टीम का लगातार गिरता प्रदर्शन और रणनीतिक गलतियां मुख्य वजह बनी हैं। हालांकि मसूद को टीम की बागडोर सौंपी गई थी, लेकिन पिछले कुछ मुकाबलों में उनके नेतृत्व में टीम कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ सकी है। ऐसे में यह चर्चा आम हो गई है कि क्या पाकिस्तान क्रिकेट को फिर से उस पुराने दौर की ओर लौटना चाहिए, जहां बाबर आजम का नाम ही टीम की मुख्य पहचान था।
बाबर आजम की वापसी का समीकरण
बाबर आजम, जिन्हें आधुनिक क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में गिना जाता है, वर्तमान में टेस्ट टीम में अपनी जगह दोबारा पुख्ता करने की कोशिश में हैं। पहले टेस्ट मैच में उन्हें कथित चोट के कारण बाहर रखा गया था, लेकिन अभ्यास सत्रों में उनकी कड़ी मेहनत यह बताती है कि वे अगले मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि उनके प्रतिस्थापन के तौर पर आए अब्दुल्ला फज़ल और अज़ान अवैस ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन मध्यक्रम में बाबर के अनुभव की कमी साफ महसूस की गई।
अब सवाल यह है कि यदि बाबर की वापसी होती है, तो टीम से बाहर किसे किया जाएगा? इमाम-उल-हक या स्वयं कप्तान शान मसूद के स्थान पर विचार किया जा सकता है, क्योंकि साउद शकील जैसे खिलाड़ी ने अपनी निरंतरता से टीम में जगह पक्की की है।
कप्तानी के मोर्चे पर बड़ी खबर
मीडिया रिपोर्ट्स और पीटीआई के अनुसार, पीसीबी के कई प्रभावशाली अधिकारी अब चाहते हैं कि बाबर आजम को दोबारा कप्तानी सौंपी जाए। उनका मानना है कि यह समय का सही तकाजा है कि बाबर को फिर से मौका दिया जाए। यह बदलाव इंग्लैंड दौरे से प्रभावी हो सकता है। हालांकि, यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगा कि बाबर का बल्ला अगले टेस्ट मैच में कितना चलता है। यदि वे अपनी खोई हुई लय हासिल कर लेते हैं, तो उनके कप्तान बनने की संभावना प्रबल हो जाएगी। बाबर खुद भी अब इस जिम्मेदारी को फिर से संभालने के लिए तैयार बताए जा रहे हैं।
फॉर्म की चुनौती
बाबर आजम के लिए चुनौती केवल कप्तानी की नहीं है, बल्कि अपनी बल्लेबाजी की लय वापस पाने की भी है। 2022 में 1,184 रन बनाने के बाद, उनका टेस्ट फॉर्म काफी नीचे गिरा है। पिछले कुछ समय से उन्होंने कोई शतक नहीं जड़ा है। हालांकि, पीएसएल 2026 में 558 रन बनाकर और पेशावर ज़ल्मी को खिताब जिताकर उन्होंने साबित किया है कि उनमें क्षमता अभी भी बाकी है। अब देखना यह है कि क्या वे टेस्ट प्रारूप में भी अपनी पुरानी चमक वापस ला पाएंगे।
आगे की राह
वर्तमान में पाकिस्तान विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) तालिका में सातवें स्थान पर है। 33.33 प्रतिशत अंक के साथ, टीम के लिए आगे का रास्ता बेहद कठिन है। सिलहट में होने वाला दूसरा टेस्ट मैच अब करो या मरो की स्थिति में पहुंच गया है। टीम प्रबंधन को न केवल अपनी प्लेइंग इलेवन में बड़े बदलाव करने होंगे, बल्कि कप्तानी को लेकर भी जल्द ही कोई ठोस निर्णय लेना होगा। क्या बाबर आजम पाकिस्तान क्रिकेट की डूबती नैया को पार लगा पाएंगे? यह आने वाला समय ही बताएगा।
