अंबाती रायडू ने सुनील नरेन को बताया IPL का सबसे महान खिलाड़ी, विराट कोहली को पीछे छोड़ा
सुनील नरेन: IPL के इतिहास के निर्विवाद ‘GOAT’
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के इतिहास में कई बड़े दिग्गजों ने अपनी छाप छोड़ी है, लेकिन जब ‘सर्वश्रेष्ठ’ खिलाड़ी की बात आती है, तो बहस अक्सर विराट कोहली, रोहित शर्मा या एमएस धोनी के इर्द-गिर्द घूमती है। हालांकि, शनिवार को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के मिस्ट्री स्पिनर सुनील नरेन ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की, जिसने इस चर्चा को एक नया मोड़ दे दिया है।
शनिवार (16 मई) को गुजरात टाइटंस के खिलाफ ईडन गार्डन्स में खेलते हुए, नरेन IPL इतिहास में 200 मैच खेलने वाले पहले विदेशी खिलाड़ी बन गए। यह केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि उस निरंतरता का प्रमाण है जो नरेन ने पिछले एक दशक से अधिक समय से बनाए रखी है।
अंबाती रायडू का बड़ा बयान
इस ऐतिहासिक रात के बाद, पूर्व भारतीय बल्लेबाज अंबाती रायडू ने एक चौंकाने वाला लेकिन तार्किक बयान दिया। ESPNcricinfo के ‘टाइमआउट’ शो पर बातचीत के दौरान, रायडू ने सुनील नरेन को ‘IPL का अब तक का सबसे बेहतरीन खिलाड़ी’ घोषित कर दिया। रायडू ने कहा, “सुनील नरेन IPL के सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं। वे गेंद और बल्ले दोनों से एक वास्तविक मैच-विजेता हैं। लीग में कई महान खिलाड़ी आए हैं, लेकिन नरेन हमेशा सबसे अलग नजर आते हैं। मेरी सूची में वे शीर्ष पर हैं।”
संजय बांगर ने भी सराहा नरेन का कौशल
सिर्फ रायडू ही नहीं, बल्कि पूर्व भारतीय कोच संजय बांगर ने भी नरेन की प्रशंसा की। बांगर का मानना है कि नरेन की दीर्घायु और खुद को हर सीजन में ढालने की क्षमता ही उन्हें एक सच्चा लेजेंड बनाती है। बांगर ने कहा, “इस लीग में कई महान खिलाड़ी खेले हैं, लेकिन दीर्घायु एक बड़ा कारक है। नरेन को अपने गेंदबाजी एक्शन पर उठने वाले सवालों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने उन बाधाओं को पार किया। वे आज भी गेंद को दोनों तरफ घुमाने की क्षमता रखते हैं, जो बल्लेबाजों के मन में भारी संदेह पैदा करता है। यही गुण उन्हें एक लेजेंड बनाता है।”
नरेन का KKR के साथ अटूट सफर
सुनील नरेन 2012 से कोलकाता नाइट राइडर्स का हिस्सा हैं और टीम की तीन खिताबी जीत (2012, 2014 और 2024) में उनका योगदान अतुलनीय रहा है। 205 विकेटों के साथ, वे IPL इतिहास के तीसरे सबसे सफल गेंदबाज हैं, जो केवल युजवेंद्र चहल और भुवनेश्वर कुमार से पीछे हैं।
उनकी सबसे बड़ी खूबी उनकी निरंतरता है। आधुनिक क्रिकेट में, जहां बल्लेबाजों का बोलबाला है और गेंदबाजों के लिए रन बचाना मुश्किल होता है, नरेन ने कभी भी किसी एक सीजन में 8 रन प्रति ओवर से अधिक की इकॉनमी नहीं दी है। यह आँकड़ा अपने आप में उनकी गेंदबाजी की सटीकता को दर्शाता है।
भविष्य के लिए एक बेंचमार्क
गुजरात टाइटंस के खिलाफ जीत में 29 रन देकर 2 विकेट लेना और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनना यह साबित करता है कि नरेन आज भी KKR के लिए उतने ही मूल्यवान हैं जितने एक दशक पहले थे। बल्लेबाजी में भी, नरेन ने पारी की शुरुआत करते हुए केकेआर के लिए कई बार आक्रामक शुरुआत प्रदान की है, जिससे वे एक पूर्ण ‘ऑलराउंडर’ का पैकेज बन जाते हैं।
निष्कर्ष के तौर पर, सुनील नरेन का करियर उन युवा खिलाड़ियों के लिए एक ब्लूप्रिंट है जो दबाव में प्रदर्शन करना और लगातार खुद को विकसित करना चाहते हैं। चाहे वे विराट कोहली के साथ तुलना की बात हो या क्रिकेट विशेषज्ञों की राय, नरेन का नाम अब हमेशा IPL के सबसे प्रभावशाली क्रिकेटर्स में शीर्ष पर रहेगा।
